इटली के शहर मिलान में उद्घाटन समारोह के एक दिन बाद शनिवार को हजारों लोगों ने शीतकालीन ओलंपिक के विरोध में मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने कृत्रिम बर्फ के उपयोग और वृक्षों की कटाई से लेकर देश की वित्तीय और फैशन राजधानी में आवास संकट तक, कई मुद्दों पर बैनर लहराए. पिछले वीकेंड ट्यूरिन में हुए एक प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर थी, जिसमें 100 से अधिक अधिकारी घायल हो गए थे. प्रदर्शनकारी फ्रांसेस्का मिसाना (29) ने बताया, पर्यावरण और सामाजिक दृष्टिकोण से ये खेल अब टिकाऊ नहीं हैं, इनका समय खत्म हो गया है.
दरअसल शीतकालीन ओलंपिक स्थल के पास एक राजमार्ग पर जाने की कोशिश कर रहे दर्जनों प्रदर्शनकारियों पर इतालवी पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ीं. प्रदर्शनकारियों ने पटाखे फेंके थे. यह झड़प ओलंपिक खेलों के पर्यावरणीय प्रभाव और इटली में अमेरिकी एजेंटों की उपस्थिति के खिलाफ हजारों लोगों के शांतिपूर्ण मार्च के अंत में हुई.
पुल पर स्मोक बम और पटाखे फोड़े
इस झड़प के बाद पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जो सैंटागुलिया ओलंपिक आइस हॉकी रिंक तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. तब तक, छोटे बच्चों वाले परिवारों और छात्रों सहित बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी समूह तितर-बितर हो चुका था. इससे पहले, नकाबपोश प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने ओलंपिक विलेज से लगभग 800 मीटर (आधा मील) दूर एक निर्माण स्थल के ऊपर बने पुल पर स्मोक बम और पटाखे फोड़े थे. ओलंपिक विलेज में लगभग 1,500 एथलीट ठहरे हुए हैं.
बढ़ती महंगाई से जूझ रहे स्थानीय लोग
शीतकालीन खेलों के आलोचक नाजुक पहाड़ी वातावरण पर बुनियादी ढांचे के प्रभाव के साथ-साथ आर्टिफिशियल बर्फ के व्यापक ऊर्जा और जल-गहन उपयोग की शिकायत करते हैं. कुछ लोगों का कहना है कि मेजबान शहर मिलान कई लोगों के लिए रहने लायक नहीं रह गया है, क्योंकि एक कर योजना से आकर्षित होकर आए धनी नए निवासियों की आमद के कारण स्थानीय लोग बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं.
सड़कें बनाने पर अरबों खर्च
यूनियनों, आवास अधिकार समूहों और कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित मार्च के आयोजकों में से एक अल्बर्टो डि मोंटे ने कहा कि इन खेलों को टिकाऊ और लागत-तटस्थ बताकर प्रचारित किया गया था. लेकिन इतिहास में सबसे अधिक भौगोलिक रूप से फैले खेलों में से एक और इतालवी आल्प्स में फैले कई स्थानों पर आयोजित होने के कारण इसके लिए पहाड़ों की रक्षा करने के बजाय सड़कें बनाने पर अरबों खर्च किए गए.
डिज्नीलैंड में बदल गया मिलान
उन्होंने कहा कि इस बीच, मिलान पर्यटकों के लिए एक मनमोहक डिज्नीलैंड में बदल गया है, जो कई बड़े आयोजनों की मेजबानी तो कर रहा है, लेकिन अपने निवासियों की उपेक्षा कर रहा है. एक प्रदर्शनकारी के बैनर पर लिखा था, चलो शहर को वापस लें, पहाड़ों को आज़ाद करें! जबकि पानी की एक बूंद की तस्वीर वाले दूसरे बैनर पर लिखा था, ‘ओलंपिक मुझे सुखा रहे हैं.
पेड़ों को काटने के फैसले की कड़ी निंदा
प्रदर्शनकारी जियोवानी गैनी (69) ने विवादित मिलान-कोर्टिना बॉबस्ले ट्रैक बनाने के लिए सैकड़ों पेड़ों को काटने के फैसले की कड़ी निंदा की. अन्य प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों गत्ते के पेड़ उठाए और उन्हें ज़मीन पर इस तरह फैला दिया जैसे वे वहीं पड़े हों जहां से उन्हें काटा गया था. एक अन्य बैनर पर लिखा था, ‘आज़ाद पहाड़, कम बर्फ, ज़्यादा ग्लेशियर.
ICE एजेंटों की मौजूदगी से इटली में आक्रोश
वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के तहत अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन एजेंसी ICE के कुछ एजेंटों की मौजूदगी को लेकर इटली में आक्रोश है. प्रदर्शन स्थल के पास दंगा रोधी हेलमेट पहने पुलिसकर्मी तैनात देखे जा सकते थे, जहां कुछ प्रदर्शनकारी फ़िलिस्तीनी झंडे लहराते हुए मार्च कर रहे थे.

