बीकानेर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दोनों सियासत की काफी चर्चा में हैं। इसका कारण वह लगातार बीजेपी पर सियासी हमले कर रहे हैं। इसको लेकर सियासी गलियारों में भी काफी चर्चा हो रही है कि आखिर गहलोत अचानक इतने कैसे एक्टिव हो गए? इधर, गहलोत ने फिर से पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला किया हैं। उन्होंने दावा किया है कि धनखड़ से जबरन इस्तीफा दिलवाया गया हैं। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि धनखड़ का इस्तीफा दिलवा कर इन्होंने पद की गरिमा गिराने का काम किया हैं।
बीजेपी ने पद की गरिमा गिराने का काम किया है
बीते दिनों जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दिया। इसको लेकर कांग्रेस बीजेपी को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही है। इसमें खासकर गहलोत शामिल हैं। उन्होंने एक बार फिर निशाना साधते में कहा कि भाजपा ने संवैधानिक पद की गरिमा गिराने का काम किया हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जगदीप धनखड़ की तबीयत बिल्कुल ठीक हैं, लेकिन बीजेपी ने उनसे जबरन इस्तीफा दिलवाया है, जो उनके पद की गरिमा को गिराने का काम हैं।
डरा धमका कर घेरा बंदी कर दिलवाया इस्तीफा
गहलोत बीकानेर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान धनखड़ के मुद्दे को लेकर बीजेपी पर जमकर बरसें। उन्होंने आरोप लगाया कि जगदीप धनखड़ एकदम ठीक हैं, लेकिन बीजेपी ने उन्हें डरा धमकाकर उनकी घेराबंदी की है। उन्हें अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी देकर उनसे इस्तीफा मांगा गया और भी न जाने कौनसी धमकियां दी गई। गहलोत ने कहा कि उनके इस्तीफे को लेकर जो स्वास्थ्य संबंधित कारण बताए जा रहा है, वह सही नहीं है, बल्कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक हैं। गहलोत ने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक रूप से प्रधानमंत्री से उपर आता हैं। उन्होंने धनखड़ के इस्तीफे को लेकर कहा कि उन्हें भी दुख हैं और राजस्थान के लोगों को भी इसका दुख हैं।

