आज के बड़े इवेंट
> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 51 हजार से अधिक युवाओं को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह करीब 11:00 बजे विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे. प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री युवाओं को संबोधित भी करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केरल में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही स्थानीय निकाय चुनाव के लिए अभियान की शुरुआत करेंगे. प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन करीब 11 बजे होगा. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचेंगे. दो दिवसीय पर आज 11 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरेंगे. यहां से रामलीला मैदान ऐशबाग जाएंगे. उधर, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी आज गुजरात के केवड़िया में मंत्रालय की एक क्षेत्रीय बैठक की अध्यक्षता करेंगी. पढ़ें, देश और दुनिया से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स
टेकऑफ के 3 सेकंड बाद बंद हो गए प्लेन के दोनों इंजन
अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया के प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। यह रिपोर्ट भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ( AAIB ) ने देर रात जारी की है। इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के विमान ने जैसे ही टेकऑफ किया, उसके 3 सेकंड बाद ही प्लेन के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए, जिसके बाद प्लेन क्रैश हो गया।
अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया के प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। यह रिपोर्ट भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ( AAIB ) ने देर रात जारी की है। इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के बोइंग 787 ने जैसे ही टेकऑफ किया, उसके 3 सेकंड बाद ही प्लेन के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए, जिसके बाद प्लेन क्रैश हो गया।

AAIB ने इस हादसे पर 15 पेज की जांच रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक प्लेन सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर 180 नॉट्स की अधिकतम इंडिकेटेड स्पीड पर पहुंच गया था। इसके 3 सेकंड बाद ही इंजन नंबर-1 और इंजन नंबर-2 का फ्यूल स्विच कट ऑफ की स्थिति में चले गए। यानी दोनों ही इंजनों तक फ्यूल पहुंचना बंद हो गया। फ्यूल न पहुंचने की स्थिति में इंजन एन-1 और एन-2 की रोटेशन स्पीड तेजी से गिरती चली गई और प्लेन क्रैश हो गया।
रिपोर्ट ने के मुताबिक प्लेन में फ्यूल न आने की घटना से फ्लाइट उड़ा रहे दोनों पायलट भी अचंभित थे। इस बात का भी खुलासा हुआ है कि उड़ान के बाद एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा था कि उसने फ्यूल कटऑफ क्यों किया। इस पर दूसरा पायलट जवाब देता है कि उसने ऐसा नहीं किया है।
10 सेकंड बाद रिकवर होने लगे थे दोनों इंजन
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बंद होने के दस सेकंड बाद एक इंजन का फ्यूल कटऑफ स्विच कटऑफ रन में बदल गया। यानी फ्यूल की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। इसके ठीक चार सेकंड बाद दूसरे इंजन के साथ भी ऐसा ही हुआ। इस बीच इंजन नंबर-1 और 2 दोनों ने रिकवरी करना शुरू किया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
चिराग पासवान को मिली बम से उड़ाने की धमकी
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी इंस्टाग्राम पर टाइगर मिराज इदरीसी नामक अकाउंट से आई है। धमकी में चिराग पासवान को 20 जुलाई तक बम से उड़ाने की बात कही गई है। पार्टी ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है और जांच की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली थी। चिराग पासवान को दक्षा प्रिया नामक इंस्टाग्राम अकाउंट से हुए एक पोस्ट पर जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी टाइगर मिराज इदरीसी नामक अकाउंट से दी है। धमकी में कहा गया है कि चिराग पासवान को 20 जुलाई तक बम से उड़ा दिया जाएगा। चिराग पासवान को मिली धमकी से पार्टी में हड़कंप मच गया है। इसे लेकर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।
साइबर थाना में दर्ज कराई एफआईआर
मिली जानकारी के मुताबिक, लोजपा रामविलास के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्ट की तरफ से साइबर थाने में प्राथमिक दर्ज कराई गई है। लोजपा (रा) के मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्ट ने कहा कि इंस्टाग्राम पोस्ट पर कॉमेंट करके चिराग पासवान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसी मामले को लेकर हम लोग थाने आए और एफआईआर दर्ज करवाई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस मामले की गंभीरता से जांच हो और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
चिराग ने किया था सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
बता दें, हाल ही में छपरा में पार्टी की रैली में चिराग पासवान ने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही चिराग ने यह भी कहा था कि वो खुद भी बिहार में विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे।
गाड़ी की विंडस्क्रीन पर नहीं लगा है फास्टैग तो आएगी बड़ी मुसीबत!
अगर आप अपनी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर फास्टैग नहीं लगाते हैं और टोल प्लाजा पर हाथ (टैग-इन-हैंड) में लेकर दिखाते हैं, ऐसे फास्टैग को ब्लैक लिस्ट करने के लिए एनएचएआई बड़ा अभियान चला रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कहना है कि कुछ गाड़ी वाले कार का फास्टैग ट्रक और अन्य बड़े वाहन में चलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब से जिस भी गाड़ी पर फास्टैग चिपका नहीं पाया गया। उस फास्टैग को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
अगर आप अपनी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर फास्टैग नहीं लगाते हैं और टोल प्लाजा पर हाथ (टैग-इन-हैंड) में लेकर दिखाते हैं, ऐसे फास्टैग को ब्लैक लिस्ट करने के लिए एनएचएआई बड़ा अभियान चला रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कहना है कि कुछ गाड़ी वाले कार का फास्टैग ट्रक और अन्य बड़े वाहन में चलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब से जिस भी गाड़ी पर फास्टैग चिपका नहीं पाया गया। उस फास्टैग को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
एनएचएआई का कहना है कि देश से टैग-इन-हैंड सिस्टम को खत्म करने के लिए एनएचएआई के तमाम टोल प्लाजा पर ऐसे फास्टैग को ब्लैक लिस्ट करने के लिए एक स्पेशल ड्राइव चलाई जा रही है। इसके तहत जिस भी टोल प्लाजा से ऐसी गाड़ी वाले गुजरेंगे। उन टोल प्लाजा वालों की यह ड्यूटी है कि ऐसे फास्टैग की डिटेल नोट कर एनएचएआई को ई-मेल करें। इसके बाद इन्हें ब्लैक लिस्ट करा जाएगा।
अगर किसी टोल से टैग-इन-हैंड वाली गाड़ी गुजर जाती है तो क्या उस टोल वाले पर भी कोई एक्शन लिया जाएगा या केवल फास्टैग को ही ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। इस बारे में एनएचएआई की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।
एनएचएआई का कहना है कि टैग-इन-हैंड या लूज फास्टैग वाले अवैध सिस्टम को खत्म किया जाएगा। यह इसलिए भी जरूरी है कि आने वाले समय में देश में वार्षिक टोल पास सिस्टम लागू होने वाला है। यह 15 अगस्त से शुरू होगा। साथ ही मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग जैसा सिस्टम भी आने वाला है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि सभी गाड़ियों पर फास्टैग ठीक से सही जगह लगाया जाए। ताकि उसे स्कैन करने में भी कोई परेशानी ना आए।
अमरनाथ यात्रा: ड्रोन से चप्पे चप्पे पर नजर, 8500 सैनिक तैनात
भारतीय सेना ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए ‘ऑपरेशन शिव 2025’ की शुरुआत की है। इस मिशन में सेना, नागरिक प्रशासन और सीएपीएफ एकजुट होकर काम कर रहे हैं। पाकिस्तान से संभावित खतरों पर सतर्क नजर रखी जा रही है।
भारतीय सेना ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए ‘ऑपरेशन शिव 2025’ शुरू किया है। सेना, सिविल एडमिनिस्ट्रेशन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।
पाकिस्तान से आने वाले खतरों पर नजर
सेना ने शुक्रवार को बताया, ‘इस ऑपरेशन का मकसद उत्तरी और दक्षिणी यात्रा मार्गों पर सुरक्षा को मजबूत बनाना है। पाकिस्तान से आने वाले खतरे को देखते हुए यह और भी जरूरी हो गया है।’ सेना पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रख रही है। इस साल सुरक्षा को और भी सख्त किया गया है। आधुनिक हथियारों से लैस लगभग 8,500 सैनिक तैनात किए गए हैं।
सेना ने बताया कि इस ऑपरेशन में आतंकवादियों को रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए सैनिकों को तैनात किया गया है। रास्तों की सुरक्षा भी की जा रही है। सेना ने यह भी कहा कि वे नागरिक प्रशासन की मदद करेंगे। खासकर, अगर कोई आपदा आती है या कोई इमरजेंसी होती है तो सेना तुरंत मदद करेगी।
ड्रोन से निपटने की भी है तैयारी
सेना ने बताया कि ड्रोन से होने वाले खतरों को रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सेना ड्रोन को मार गिराने और उन्हें जाम करने के लिए तैयार है। कम्युनिकेशन के लिए सिग्नल कंपनियां, तकनीकी मदद के लिए EME यानी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग की टुकड़ियां और बम ढूंढने और उन्हें हटाने वाली टीमें भी तैनात की गई हैं। सिर्फ सैनिक ही नहीं, बल्कि मानव रहित विमान (UAVs) यानी ड्रोन भी लगातार यात्रा मार्गों और अमरनाथ गुफा पर नजर रख रहे हैं। सेना ने यह भी बताया कि पुल बनाने, रास्तों को चौड़ा करने और आपदा से निपटने के लिए इंजीनियरों की टीमें भी तैनात की गई हैं।
अमेरिका से F-35 जेट खरीदकर फंसा ब्रिटेन
ब्रिटेन की वायु सेना को लेकर बड़ा खुलासा उस वक्त हुआ है जब ब्रिटेन का अत्याधुनिक F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान अभी भी भारत में अटका हुआ है। यह विमान, जो रॉयल नेवी के युद्धपोत HMS Prince of Wales से उड़ान भरकर निकला था, वो फिलहाल केरल में फंसा हुआ है।
ब्रिटेन ने अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए अमेरिका से F-35 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदे। लेकिन हकीकत ये है कि ब्रिटेन की वायुसेना की बत्ती गुल है। ब्रिटेन के नेशनल ऑडिट ऑफिस (NAO) ने कहा है कि रॉयल एयर फोर्स द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एफ-35 स्टील्थ जेट, ब्रिटेन के सभी पिछले विमानों से “काफी बेहतर” है, लेकिन सबसे एडवांस फाइटर जेट कार्यक्रम में देरी, बुनियादी ढांचे की कमी और सैनिकों की कमी ब्रिटेन की लड़ने की क्षमता को कमजोर कर रही है। ब्रिटेन की वायुसेना को लेकर ये खुलासा उस वक्त हुआ है जब देश का अत्याधुनिक F-35B स्टील्थ लड़ाकू विमान अभी भी भारत में फंसा हुआ है। यह विमान, जो रॉयल नेवी के युद्धपोत HMS Prince of Wales से उड़ान भरकर निकला था, वो फिलहाल केरल में अटका हुआ है। भारत में विमान के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स की डिलीवरी और कुछ सुरक्षा मंजूरियों के चलते ये लड़ाकू विमान अभी तक उड़ान नहीं भर पाया है।
एनएओ ने कहा है कि ब्रिटेन ने अभी तक 11 अरब पाउंड यानि करीब 1.21 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, जिसका परिणाम निराशाजनक रहे हैं। साथ ही, उसने यह भी कहा कि बेड़े के विस्तार की योजना पर रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के शुरुआती अनुमानों से तीन गुना से भी ज्यादा खर्च आएगा। डिफेंस मिनिस्ट्री के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके “स्वीकृत बजट” के भीतर है और साल के अंत तक F-35 के दो पूरे स्क्वाड्रन तैनाती के लिए तैयार हो जाएंगे।
NAO ने कहा है कि इस अत्याधुनिक विमान की “फुल मिशन कैपेबिलिटी” दर, यानी वह सभी ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता, रक्षा मंत्रालय के लक्ष्यों से काफी कम है। इसके अलावा, आवश्यक हथियार प्रणालियों का समावेश जो F-35 को ग्राउंड टारगेट पर सुरक्षित दूरी से हमला करने की क्षमता देगा, उसे 2030 के दशक तक टाल दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक जून 2025 तक, 37 F-35 विमान सेवा में हैं, जिन्हें रॉयल नेवी के दो विमानवाहक पोतों से तैनात किया गया है। अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित F-35 विमान तकनीकी रूप से ब्रिटेन के सभी पूर्व लड़ाकू विमानों से बेहतर हैं और इनके 2069 तक सेवा में बने रहने की उम्मीद है।
NAO की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने F-35 कार्यक्रम के लिए कुल 18.76 अरब पाउंड का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक लागत 71 अरब पाउंड तक जा सकती है। और इतना खर्च करना ब्रिटेन के लिए आसान नहीं है। इतना बजट खर्च करने का फैसला अगर ब्रिटेन लेता है तो वो ना सिर्फ आर्थिक संकट में फंस सकता है, बल्कि रणनीतिक दबाव में भी फंसेगा। खासकर तब जब प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 2035 तक रक्षा व्यय को GDP के 5% तक बढ़ाने का ऐलान किया है, जो NATO की नई रणनीति के मुताबिक है। ऐसे में F-35 जैसे कार्यक्रमों में देरी और तकनीकी चुनौतियां ब्रिटेन की वैश्विक विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती हैं। भारत में फंसे एफ-35 भी ब्रिटिश सेना की इसी कमजोरी का पोल खोलती है।
INC के चेयरमैन और सचिव को हाईकोर्ट की अवमानना का नोटिस, पेश नहीं की कॉलेजों की मान्यता की फाइलें
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल के चेयरमैन और सचिव को अवमानना का नोटिस थमाया है। हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता की फाइलें मांगी थीं, लेकिन INC ने फाइलें पेश नहीं कीं।
प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग घोटाले में आज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस डी. के. पालीवाल की युगलपीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान को लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विशाल बघेल की जनहित याचिका को सभी नर्सिंग मामलों का लीड केस मानते हुए सुनवाई की गई।
कॉलेजों की फाइलें पेश नहीं, हाईकोर्ट की अवमानना
युगलपीठ को याचिकाकर्ता की ओर से नर्सिंग मामले की सिलसिलेवार तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के द्वारा हाईकोर्ट को बताया गया कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के द्वारा हाइकोर्ट के अनेकों बार आदेश किए जाने के बावजूद नर्सिंग कॉलेज की मान्यता देने से जुड़ी फाइलें पेश नहीं की जा रही हैं और आदेशों की अवमानना की जा रही है।
INC सेक्रेटरी भी कोर्ट में नहीं हुए पेश
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने आईएनसी की सेक्रेटरी को पेश होने के भी निर्देश दिए थे, किंतु उनके द्वारा उस आदेश का पालन भी नहीं किया गया । इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनकर इंडियन नर्सिंग काउंसिल के सेक्रेटरी और चेयरमैन को अवमानना का नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता ने की डेटा की मांग
याचिकाकर्ता ने हाइकोर्ट से आग्रह किया कि मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल के द्वारा वर्तमान में की जा रही सत्र 2025-26 की मान्यता प्रक्रिया में जिन कॉलेजों ने आवेदन प्रस्तुत किया है उनका डेटा दिलवाया जाए, जिससे की उनमें हो रही गड़बड़ियों को हाईकोर्ट के सामने रखा जा सके। इसके साथ ही याचिकाकर्ता के ओर से यह भी मांग की है कि CBI को भी निर्देशित किया जाए कि उनके द्वारा की गई संपूर्ण जांच के दस्तावेज सॉफ्ट कॉपी में प्रदान किए जाएं। मामले में हाईकोर्ट ने MP नर्सिंग काउंसिल और CBI को आदेश दिए हैं कि याचिकाकर्ता को डेटा प्रदान किया जाए।
16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने सुनवाई में ये भी स्पष्ट किया है कि कि कोई भी नर्सिंग से संबंधित प्रकरण जो आगामी सुनवाई के लिए पेश होगा यदि उसकी एक प्रति PIL याचिकाकर्ता सहित INC और MP नर्सिंग काउंसिल को नहीं प्रदान की गई तो याचिका को आदेश की अवहेलना मानते हुए खारिज किया जाएगा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई तय की है।
राहुल गांधी अदाणी पर बोले, ओडिशा के मंत्री बिफरे
राहुल गांधी ने ओडिशा में लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा, अडानी ओडिशा की सरकार चलाते हैं. अडानी नरेंद्र मोदी को चलाते हैं. जगन्नाथ यात्रा के दौरान अडानी के लिए रथ रोके गए. राहुल गांधी ने आगे कहा, यह ओडिशा सरकार नहीं, अडानी जैसे 5-6 अरबपतियों की सरकार है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को ओडिशा के भुवनेश्वर पहुंचे. जहां संविधान बचाव समावेश के तहत लोगों को संबोधित किया. इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा, ओडिशा की सरकार अडानी चलाते हैं, उनके लिए जगन्नाथ के रथ रोके गए. साथ ही उन्होंने कहा,गरीबों , दलितों को सरकार में जगह नहीं मिलती है. सबसे पहला काम जातीय जनगणना है. इससे गरीबो, दलितों को अपनी सच्ची शक्ति समझ आएगी.
इसी के साथ बिहार चुनाव से पहले हो रही वोटर लिस्ट रीविजन को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है. इसी बीच राहुल गांधी ने कहा, बिहार चुनाव चोरी नहीं होने देंगे. बीजेपी की सरकार ने ड्राईवर एसोसिएशन, यूनियन पर पूरा दबाव डाला कि मीटिंग का हिस्सा ना दें, समर्थन ना करें.
राहुल गांधी ने BJP पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने इस दौरान निशाना साधते हुए कहा, ओडिशा सरकार का बस एक ही काम है. राज्य की गरीब जनता के हाथों से ओडिशा की संपत्ति छीनना. पहले बीजेडी सरकार यही करती थी और अब बीजेपी सरकार यही कर रही है. एक तरफ ओडिशा की गरीब जनता, दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और मजदूर हैं और दूसरी तरफ 5-6 अरबपति और बीजेपी सरकार है. यह लड़ाई जारी है. ओडिशा की जनता के साथ मिलकर कांग्रेस कार्यकर्ता ही इस लड़ाई को जीत सकते हैं, कोई और नहीं.
“बिहार में चुनाव चोरी नहीं होने देंगे”
राहुल गांधी ने कहा, कल मैं बिहार में था और जैसे महाराष्ट्र में चुनाव चोरी किया गया. ऐसे ही बिहार में भी चुनाव चोरी करने की कोशिश की जा रही है. चुनाव चोरी करने के लिए चुनाव आयोग ने नई साजिश चोरी की है. चुनाव आयोद बीजेपी के विंग का काम कर रहा है. महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसबा चुनाव के बीच में 1 करोड़ नए वोटर आ गए. किसी को नहीं मालूम यह नए वोटर कहां से आए. हम ने चुनाव आयोग से कई बार कहा कि आप हमें वोटर लिस्ट दीजिए, वीडियोग्राफी दीजिए, चुनाव आयोग नहीं देता है. जो चोरी बिहार में हुई वो ही चोरी यह बिहार में करने जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने आगे कहा, कल मैं इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बिहार गया एक साथ हम ने कहा, बिहार में हम चुनाव आयोग को बिहार का चुनाव चोरी नहीं कर देंगे, बीजेपी को चुनाव चोरी नहीं करने देंगे.
अमित शाह कल फूंकेंगे निकाय चुनाव प्रचार अभियान का शंख; BJP कार्यालय का भी करेंगे उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को तिरुवनंतपुरम में भाजपा राज्य समिति के नए कार्यालय का उद्घाटन करेंगे और आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए पार्टी के अभियान की शुरुआत करेंगे। प्रदेश कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन शनिवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। शाह कार्यालय भवन पर पार्टी का झंडा फहराएंगे और एक पौधा भी लगाएंगे। ऐसे में राज्य में सुरक्षा तेज कर दी गई है। इस बाबत कन्नूर में हवाईअड्डे के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून या किसी अन्य मानवरहित हवाई यान के इस्तेमाल पर तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कन्नूर जिले के दौरे से पहले वहां हवाईअड्डे के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून या किसी अन्य मानवरहित हवाई यान के इस्तेमाल पर तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।
भाजपा ने जारी किया बयान
पार्टी ने यहां एक बयान में कहा कि समारोह के तहत शाह भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिवंगत केजी मारार की कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस प्रतिमा को नए भवन के केंद्रीय कक्ष में स्थापित किया गया है। इस दौरान पुथारीकंदम मैदान में एक बड़ी वार्ड-स्तरीय नेतृत्व बैठक होगी, जिसका उद्घाटन भी गृह मंत्री करेंगे। बयान में कहा गया है कि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा राजस्व जिलों के 5,000 वार्ड समितियों के लगभग 25,000 जमीनी स्तर के नेताओं के इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की उम्मीद है। भाजपा को उम्मीद है कि कुल मिलाकर लगभग 1.5 लाख लोग ऑनलाइन तरीके से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राज्य नेतृत्व की बैठक में भी लेंगे हिस्सा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के मुताबिक, दोपहर बाद शाह भाजपा राज्य नेतृत्व की बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होगी। यह बैठक स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी के अभियान की औपचारिक रूप से शुरुआत होगी।
शाह के दौरे से पहले कन्नूर हवाईअड्डे के आसपास ड्रोन पर प्रतिबंध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कन्नूर जिले के निर्धारित दौरे से एक दिन पहले जिलाधिकारी ने शुक्रवार को यहां हवाईअड्डे के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून या किसी अन्य मानवरहित हवाई यान के इस्तेमाल पर तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया।
जिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कलेक्टर अरुण के विजयन के लगाया गया प्रतिबंध हवाईअड्डे के आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में लागू होगा। ऐसी कोई भी गतिविधि, जिससे विमान के उतरने या उड़ान भरने में बाधा उत्पन्न हो, उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को देनी होगी।
पिता से मिली घड़ी 50 रुपये में बेचकर मुंबई आए थे जुबली कुमार
अभिनेता राजेंद्र कुमार इस दुनिया में नहीं हैं। मगर, उनका सिनेमा, उनसे जुड़े किस्से आज भी दर्शकों के बीच बड़े चाव से कहे-सुने जाते हैं। राजेंद्र कुमार ने साल 1999 में आज ही के दिन इस दुनिया को अलविदा कहा था। वे 60 और 70 के दशक के लोकप्रिय अभिनेता थे। जानते हैं उनके बारे मेंअपने जमाने के दिग्गज कलाकार दिवंगत राजेंद्र कुमार की आज 12 जुलाई को डेथ एनिवर्सरी है। मायानगरी में उन्होंने खूब संघर्ष किया, लेकिन हार नहीं मानी और फिर सफलता का ऐसा इतिहास रचा कि इंडस्ट्री के ‘जुबली कुमार’ बन गए।
पिता के कपड़ों के बिजनेस को छोड़ सिनेमा का किया रुख
राजेंद्र कुमार का जन्म 20 जुलाई 1927 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के सियालकोट शहर में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आया। उनके पिता ने भारत में कपड़ों का व्यापार शुरू किया। लेकिन, राजेंद्र कुमार की दिलचस्पी सिनेमा में थी, लिहाजा उन्होंने फिल्मी दुनिया में किस्मत आजमाने का फैसला किया। हीरो बनने से पहले उन्होंने कई साल असिस्टेंट के रूप में काम किया। उन्हें सबसे पहले डायरेक्टर एचएस रवैल के सहायक के रूप में काम मिला। लगभग पांच वर्षों तक उन्होंने एचएस रवैल के साथ काम किया और इस दौरान ‘पतंगा’, ‘सगाई’, ‘पॉकेट मार’ जैसी फिल्मों में सहायक के रूप में काम किया।
विज्ञापन
जेब में 50 रुपये लेकर मुंबई आए थे अभिनेता
इंडस्ट्री में कदम रखने और सफलता का शिखर छूने के बीच राजेंद्र कुमार ने संघर्ष का एक दौर देखा। उन्होंने अभिनेता बनने के लिए मुंबई की ओर अपने कदम बढ़ाए थे, तब उनकी जेब में मात्र 50 रुपये थे और यह 50 रुपये भी उन्होंने अपने पिता से मिली घड़ी को बेचकर पाए थे। मुंबई आकर जब उन्होंने सबसे पहले डायरेक्टर एचएस रवैल के सहायक के तौर पर काम किया, तो उन्हें 150 रुपये मिले थे। उन्हीं के साथ रहते हुए राजेंद्र कुमार ने सिनेमा की बारीकियां सीखीं।
‘मदर इंडिया’ ने दी करियर को रफ्तार
साल 1950 में उनकी पहली फिल्म ‘जोगन’ आई। राजेंद्र कुमार की पहली फिल्म बेशक 1950 में रिलीज हुई थी लेकिन उन्हें अपना नाम सिनेमा में बनाने में काफी समय लग गया। साल 1957 तक सिनेमा में उनका संघर्ष जारी रहा। इसी साल बॉलीवुड की आइकॉनिक फिल्म ‘मदर इंडिया’ रिलीज हुई। इसमें राजेंद्र कुमार ने नरगिस के बड़े बेटे रामू का रोल अदा किया। उनकी भूमिका बेशक छोटी थी, मगर दर्शकों पर बड़ा असर कर गई। फिर, उन्होंने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद ही राजेंद्र कुमार की फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ रिलीज हुई, जिसमें उन्होंने बतौर लीड एक्टर काम किया और छा गए। इसके बाद राजेंद्र कुमार ने धूल का फूल, मेरे महबूब, आई मिलन की बेला, संगम, आरजू, सूरज जैसी कई हिट फिल्में दीं।
26 हफ्ते थिएटर्स में सजी रहती थीं फिल्में
फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ से राजेंद्र कुमार को रोमांटिक हीरो के तौर पर पहचाना जाने लगा। 1960 के दशक में उनकी कई फिल्में एक साथ सिनेमाघरों में हिट साबित हुईं। ये फिल्में सिनेमाघरों में लगातार 25 हफ्तों तक लगी रहीं, जिसके बाद उन्हें ‘जुबली कुमार’ के नाम से पुकारा जाने लगा। अपने करियर में राजेंद्र कुमार ने 80 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ‘धूल का फूल’, ‘पतंग’, ‘धर्मपुत्र’ और ‘हमराही’ उनकी सुपरहिट फिल्मों में से हैं।
बेटे कुमार गौरव को किया लॉन्च
एक्टिंग में सफलता के शिखर तक पहुंचने के बाद उन्होंने अपने बेटे कुमार गौरव के लिए फिल्म का निर्देशन भी किया। इस फिल्म का नाम ‘लव स्टोरी’ था। इसी फिल्म से राजेंद्र कुमार ने बेटे कुमार गौरव को लॉन्च किया। इसमें विजेयता पंडित लीड रोल में थीं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। ऐसा कहा जाता है कि राजेश खन्ना की फिल्मों में एंट्री से ही राजेंद्र कुमार का जादू कम होने लगा।
Shruti Haasan: ‘मैं एक नास्तिक परिवार से आती हूं’, श्रुति ने बताया किस चीज से है कमल हासन को नफरत
आर्थिक तंगी के चलते बेचना पड़ा ‘लकी घर’
अभिनय और निर्देशन से खुद को साबित करने वाले राजेंद्र कुमार के करियर में एक वक्त ऐसा भी आया, जब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। 70 के दशक में अभिनेता की माली हालत खराब होती गई। इसी वजह से उन्हें अपना लकी घर भी बेचना पड़ा, जो उन्होंने 60 हजार रुपये में एक्टर भारत भूषण से खरीदा था। यह बंगला मुंबई के बांद्रा के कार्टर रोड पर समुद्र किनारे पर था और इस बंगले को राजेंद्र कुमार ने अपनी बेटी ‘डिंपल’ नाम दिया था। कहा जाता है कि इस घर में शिफ्ट होने के बाद ही अभिनेता ने एक से एक हिट फिल्म दी, जिस वजह से वह इस बंगले को काफी लकी मानते थे। 12 जुलाई 1999 को राजेंद्र कुमार का निधन हो गया। बेटे कुमार गौरव के जन्मदिन (11 जुलाई) के ठीक एक दिन बाद दिग्गज अभिनेता दुनिया छोड़ गए।
यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन ने कहा- हमले में चार लोगों के मारे जाने की आशंका, 11 लापता
हूती विद्रोहियों ने बुधवार को लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘एटरनिटी सी’ को लाल सागर में डुबो दिया था। अब इस मामले में यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन ने कहा है कि हूतियों के हमले में कम से कम चार लोगों के मारे जाने और 11 अन्य के लापता होने की आशंका है।यूरोपीय संघ के अभियान के अनुसार, हमले के बाद अब तक 10 लोगों को बचा लिया गया है।
यह जानकारी यूरोपीय संघ के ‘ऑपरेशन एस्पाइड्स’ नाम के नौसैनिक मिशन ने दी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब निजी सुरक्षा बल यूनानी स्वामित्व वाले जहाज ‘एटरनिटी सी’ के बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं। यह जहाज बुधवार को डूब गया था।
10 लोगों को बचाया गया
यूरोपीय संघ के अभियान के अनुसार, हमले के बाद अब तक 10 लोगों को बचा लिया गया है। इनमें 8 फिलिपिनो चालक दल के सदस्य हैं। बाकी दो जहाज की तीन सदस्यीय सुरक्षा टीम से हैं- इनमें एक यूनानी और एक भारतीय शामिल हैं। मिशन ने बताया कि 15 लोग लापता हैं, जिनमें से चार की मौत होने की आशंका है। यूरोपीय संघ मिशन ने कहा, ‘आस-पास के सभी जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।’
हूतियों पर नाविकों के अपहरण का आरोप
हूती विद्रोहियों ने कहा कि कुछ चालक दल के सदस्य उनके कब्जे में हैं। एक दशक से सऊदी अरब से संचालित यमन में अमेरिकी दूतावास ने हूतियों पर नाविकों का ‘अपहरण’ करने का आरोप लगाया है। ईरान समर्थित हूतियों द्वारा किया गया यह हमला अब तक के सबसे घातक समुद्री हमलों में से एक है, जो इस महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते पर किया है। इस रास्ते से पहले हर साल करीब 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का माल जाता था।
फलस्तीनियों का समर्थन करने वाले जहाजों पर कर रहे हमला: हूती
हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान गाजा पट्टी में फलस्तीनियों का समर्थन करने वाले जहाजों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अब तक चार जहाजों को डुबो चुके हैं और उन नाविकों को मार चुके हैं, जिनकी युद्ध में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। ‘एटरनिटी सी’ पर हमला पिछले हफ्ते ‘मैजिक सीज’ नाम के जहाज पर हुए हमले जैसा ही था। इन दोनों घटनाओं के समय कोई यूरोपीय या अमेरिकी नौसेना इन जहाजों के साथ नहीं थी।
पहले भी नाविकों को बंधक बना चुके हूती
हूतियों ने पहले भी नाविकों को बंधक बनाया है। नवंबर 2023 में उन्होंने ‘गैलेक्सी लीडर’ नामक जहाज को कब्जे में ले लिया था और उसके चालक दल को इस साल जनवरी तक बंधक बनाकर रखा। नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक, हूतियों ने मिसाइलों और ड्रोन से 100 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया। युद्ध में एक संक्षिप्त युद्धविराम के दौरान उन्होंने अपने हमले रोक दिए। बाद में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विद्रोहियों के साथ युद्धविराम की घोषणा से पहले, उनके आदेश पर हूतियों पर हफ्ते भर तक हवाई हमलों का एक तीव्र अभियान चलाया गया।
एनसीआर में ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया पर पटाखों की बिक्री पर रोक
दिल्ली पुलिस ने ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों की लिस्टिंग और डिलीवरी तुरंत बंद करें। दिल्ली पुलिस ने पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ये निर्देश दिए हैं।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लिखित संदेश में सभी ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर प्रतिबंध का पालन करने के लिए कहा है। इन प्लेटफॉर्म्स को पटाखों से जुड़े सभी उत्पादों को हटाने और दिल्ली में रहने वाले ग्राहकों के लिए खरीदारी विकल्प को बंद करने के लिए कहा गया है।
दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई दिल्ली सरकार की ओर से 19 दिसंबर, 2024 के आदेश के माध्यम से जारी निर्देशों और 6 मई, 2025 को सुप्रीम कोर्ट की ओर से एमसी मेहता बनाम भारत संघ और अन्य के मामले में की गई टिप्पणियों के बाद की है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया, शहर में पटाखों की बिक्री या डिलीवरी को रोकने के लिए स्थान-आधारित प्रतिबंध भी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म्स को एक स्पष्ट सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करनी होगी कि उपयोगकर्ताओं को दिल्ली में पटाखों की बिक्री और डिलीवरी पर प्रतिबंध के बारे में सूचित किया जाए।
होटलों को भी दिए गए आदेश
पुलिस ने शहर भर के सभी बैंक्वेट हॉल, विवाह स्थलों, होटलों, गेस्टहाउस और समारोह स्थलों को भी परामर्श जारी किया है। विशेष पुलिस आयुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए पूर्ण और बिना शर्त प्रतिबंध को देखते हुए, किसी भी उल्लंघन पर संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा।
कांवड़ यात्रा की कहानी: पुराणों में क्या है इससे जुड़ी मान्यताएं, कहां-कहां से निकलती है
सावन के पावन माह की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा आज से शुरू हो गई है। इस पूरे माह लाखों की संख्या में केसरिया वस्त्र धारण कर कांवड़िए अलग-अलग स्थानों से गंगा नदी का पवित्र जल लेकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों और लोकप्रिय मंदिरों में पहुंचेंगे और जलाभिषेक करेंगे। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और झारखंड तक अलग-अलग सरकारों ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किए हैं। साथ ही कांवड़ यात्रा के मार्ग पर लगातार चौकसी रखी जा रही है। कांवड़ यात्रा होती क्या है? इस यात्रा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और इतिहास क्या है? यह यात्रा कहां से शुरू होती है और किन-किन मार्गों से होते हुए कहां पहुंचती है? इनमें सबसे लोकप्रिय कांवड़ यात्रा कहां होती है? आइये जानते हैं…
इस बीच यह जानना अहम है कि आखिर कांवड़ यात्रा होती क्या है? इस यात्रा से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और इतिहास क्या है? यह यात्रा कहां से शुरू होती है और किन-किन मार्गों से होते हुए कहां पहुंचती है? इनमें सबसे लोकप्रिय कांवड़ यात्रा कहां होती है? आइये जानते हैं…
पहले जानें- कांवड़ यात्रा कहां से शुरू होती है?
कांवड़ यात्रा हर वर्ष सावन के महीने में शुरू होती है। इस साल यह यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो रही है। इस यात्रा में केसरी वस्त्र में कांवड़िए नंगे पैर चलकर उत्तर और पूर्व भारत में गंगा नदी से जल लेकर भगवान शिव के मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों में चढ़ाते हैं। कांवड़िए गंगा नदी से जल लेने के लिए बड़ी संख्या में उत्तराखंड के गौमुख, गंगोत्री और हरिद्वार पहुंचते है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी में भी जल लेने के लिए कांवड़िए पहुंचते हैं। बिहार का सुल्तानगंज भी कांवड़ियों के जल लेने का ऐसा ही एक केंद्र है।
इसके अलावा कांवड़िए बाराबंकी और अयोध्या से बहने वाली घाघरा नदी (जिसे सरयू नदी के नाम से भी जाना जाता है) से भी जल लेकर भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और मंदिरों में जल अर्पित करने के लिए पहुंचते हैं।
कांवड़ यात्रा कहां से होकर गुजरती है, प्रमुख स्थान कौन से हैं?
कांवड़ यात्रा अधिकतर कई किलोमीटर की होती है। जहां उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोग गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड में गंगा नदी से जल लेने पहुंचते हैं तो वहीं अवध क्षेत्र और पूर्वी भारत में भक्त प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या या आसपास के क्षेत्रों से जल लेते हैं। बिहार के भागलपुर जिले में आने वाले सुल्तानगंज से भी गंगाजल लेने हजारों की संख्या में कांवड़िए पहुंचते हैं।
गंगाजल को लेकर कहां-कहां पहुंचते हैं कांवड़िए?
कांवड़िए एक लंबी और दुष्कर यात्रा को गंगा नदी के करीब मौजूद ज्योतिर्लिंग और प्रचलित मंदिरों में शिवलिंग को अर्पित करते हैं। जहां उत्तर भारत के लोग इस जल को मेरठ में पड़ने वाले मंदिरों- औघड़नाथ मंदिर, पुरा महादेव (मेरठ), दुधेश्वर नाथ मंदिर (गाजियाबाद) में अर्पित करते हैं तो वहीं अवध क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग जल को बाराबंकी स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर, अयोध्या के क्षीरेश्वर महादेव मंदिर में चढ़ाते हैं।
इसके अलावा दो अहम ज्योतिर्लिंग- बनारस में मौजूद काशी विश्वनाथ मंदिर और झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में देशभर से जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों की भारी भीड़ जुटती है। कुछ कांवड़िए इस यात्रा में झारखंड के दुमका जिले में स्थित बाबा बासुकीनाथ धाम भी जाते हैं।
कांवड़ियों के लिए कौन से मार्ग तय हैं?
कांवड़ यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश एक मुख्य केंद्र है। यहां कांवड़िये पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद से लेकर अवध के लखनऊ, बाराबंकी होते हुए पूर्वी यूपी के मिर्जापुर तक से अहम मंदिरों तक जाते हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश में कांवड़िए अधिकतर दिल्ली-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-24, हापुड़-मुजफ्फरनगर से होते हुए दिल्ली-रुड़की राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के जरिए जाते हैं। इसके अलावा दिल्ली-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-91, अयोध्या-गोरखपुर राजमार्ग और प्रयागराज-वाराणसी हाईवे भी कांवड़ियों के मार्गों में शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए हैं।
इटली ने किया टी20 विश्व कप के लिए क्वालिफाई, ग्वेर्नसे और स्कॉटलैंड की टीमों को हराया
भारत और श्रीलंका की मेजबानी में अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप के लिए इटली की टीम ने क्वालिफाई कर लिया है। उसने ग्वेर्नसे और स्कॉटलैंड की टीमों को हराया और टी20 विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई करने वाली 14वीं टीम बन गई।
टली और नीदरलैंड ने किया क्वालिफाई
इटली के बाद नीदरलैंड की टीम ने 15वां स्थान हासिल कर लिया। अब पांच स्थानों के लिए लड़ाई जारी है, जिनका निर्धारण क्षेत्रीय क्वालिफायर टूर्नामेंट के माध्यम से किया जाएगा। 20 टीमों के इस टूर्नामेंट में इटली और नीदरलैंड के अलावा गत चैंपियन भारत, श्रीलंका, अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और कनाडा भी खेलेंगे।
भारत में सेकंड हैंड कारों की मांग में जबरदस्त उछाल, नई कारों से दोगुनी तेजी से बढ़ रहा बाजार
भारत में सेकंड हैंड यानी पुरानी कारों का बाजार इस वक्त जोरों पर है। और इसकी बढ़ोतरी नई कारों के मुकाबले दोगुना तेजी से हो रही है।
उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में लोगों की खरीदारी की सोच बदली है। अब ग्राहक सिर्फ नई गाड़ी ही नहीं देख रहे, बल्कि वैल्यू फॉर मनी, आसान फाइनेंस और डिजिटल सुविधा की वजह से सेकंड हैंड कारों की तरफ भी बढ़े हैं। इस साल भारत में पुरानी कारों की बिक्री 60 लाख यूनिट से ज्यादा पहुंचने की संभावना है।
पांच साल पहले तक हर एक नई कार के मुकाबले एक से भी कम पुरानी कार बिकती थी, लेकिन अब ये रेशियो बढ़कर 1.4 हो गया है। मतलब, हर 10 नई कारों के साथ अब लगभग 14 पुरानी कारें भी बिक रही हैं। इसके पीछे वजह है कि लोग जल्दी-जल्दी अपग्रेड करने लगे हैं। और सेकंड हैंड गाड़ियों की औसत उम्र भी अब घटकर करीब 3.7 साल हो गई है।
हालांकि भारत अब भी अमेरिका (2.5), ब्रिटेन (4.0) और जर्मनी (2.6) जैसे विकसित देशों से पीछे है। जिसका मतलब है कि पुरानी कारों के बाजार में आगे और भी जबरदस्त बढ़ोतरी की गुंजाइश है।
ऑर्गनाइज्ड सेक्टर और मुनाफे की चुनौती
आज कई बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ऑर्गनाइज्ड सेक्टर (संगठनात्मक क्षेत्र) का आधा हिस्सा संभाल रहे हैं। और कुल सेकंड हैंड बिक्री का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इन्हीं के जरिए हो रहा है।
लेकिन इन कंपनियों को ग्राहकों को लुभाने, गाड़ियों की मरम्मत, डिलीवरी और फाइनेंस जैसी सेवाओं में भारी खर्च उठाना पड़ता है, जिससे फिलहाल इन्हें घाटा हो रहा है। हालांकि, इनकी कमाई में तेज बढ़त दर्ज की जा रही है। और उम्मीद है कि अगले 12 से 18 महीनों में ये कंपनियां ब्रेक-ईवन यानी नुकसान से बाहर आ जाएंगी।
इन प्लेटफॉर्म्स ने अब सिर्फ गाड़ी बेचने तक खुद को सीमित नहीं रखा है। अब ये वाहन की जांच, फाइनेंस, इंश्योरेंस और होम डिलीवरी जैसी सुविधाएं भी दे रहे हैं। जिससे ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ रहा है और कंपनियों को मार्जिन सुधारने का मौका मिल रहा है।
कोविड के झटकों में भी बना रहा भरोसा
नई कारों की बिक्री जहां महामारी और सेमीकंडक्टर की कमी से प्रभावित हुई, वहीं पुरानी कारों का बाजार इन झटकों को झेल गया। अब भी जब नई गाड़ियों की डिलीवरी में देरी हो रही है और कुछ पार्ट्स की कमी चल रही है, तो ग्राहक सेकंड हैंड ऑप्शन की तरफ मुड़ रहे हैं।
इसके अलावा, फाइनेंस की आसान उपलब्धता और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग से भी सेकंड हैंड कारों की बिक्री को बढ़ावा मिला है। 2019 से अब तक ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में कंपनियों ने 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है। जिससे वे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को मजबूत कर रही हैं।
गुणवत्ता वाली पुरानी कारें ही बनाएंगी रफ्तार
हालांकि भविष्य अच्छा दिख रहा है, लेकिन बाजार में अच्छी हालत में मौजूद सेकंड हैंड गाड़ियों की उपलब्धता इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए जरूरी होगी। लोगों की पसंद अब यूटिलिटी और एसयूवी जैसी गाड़ियों की ओर बढ़ रही है। और अगर ऐसे वाहनों की संख्या सेकंड हैंड मार्केट में बढ़ती है, तो सेक्टर में जबरदस्त बढ़ोतरी का रास्ता खुला रहेगा।
- एयर इंडिया B787-8 फ्लाइट दुर्घटना पर AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट आई सामने
- एयर इंडिया B787-8 फ्लाइट दुर्घटना पर AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है, ड्रोन फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी सहित मलबा स्थल की गतिविधियां पूरी हो गई हैं, और मलबे को हवाई अड्डे के पास एक सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया है. दोनों इंजनों को मलबे वाली जगह से बरामद कर लिया गया है और हवाई अड्डे के एक हैंगर में अलग रखा गया है. आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण घटकों की पहचान कर उन्हें अलग रखा गया है. विमान में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किए गए बोवर्स और टैंकों से लिए गए ईंधन के नमूनों का DGCA की लैब में परीक्षण किया गया और उन्हें संतोषजनक पाया गया. APU फ़िल्टर और बाएँ पंख के रिफ्यूल/जेटसन वाल्व से बहुत सीमित मात्रा में ईंधन के नमूने प्राप्त किए जा सके. इन नमूनों का परीक्षण सीमित उपलब्ध मात्रा के साथ परीक्षण करने में सक्षम उपयुक्त सुविधा में किया जाएगा.
- उखराल-सेनाबाथी मार्ग पर सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत,
- जितेंद्र सिंह ने जताया दुखकेंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उखराल-सेनाबाथी मार्ग पर एक वाहन के सड़क दुर्घटना में मारे जाने की जानकारी मिलने पर रामबन के डीसी मोहम्मद अलयास से बात की. उन्होंने चार मृतकों – तौकीर अहमद, अब्दुल लतीफ, मोहम्मद रफीक और एजाज अहमद – के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. अन्य दो घायलों यावर अहमद और शकील अहमद को अनंतनाग के जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
- मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ में शामिल हुए CM मोहन यादव
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अन्य नेताओं के साथ आयोजित ‘मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ में शामिल हुए.
- पीएम मोदी 51 हजार से ज्यादा युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र
- प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह करीब 11:00 बजे विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे. प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री युवाओं को संबोधित भी करेंगे.