कांग्रेस एमएलए निर्मला सप्रे इन दिनों चर्चाओं में हैं। उन्होंने बीजेपी को समर्थन दिया, पर अब दोनों पार्टियां उनसे दूरी बना रही हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी उनकी शिकायत की है। निर्मला सप्रे ने बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की।
कांग्रेस की बीना से एमएलए निर्मला सप्रे इन दिनों राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ गई हैं। पिछले साल से उन्होंने बीजेपी को खुलकर समर्थन दिया है। लेकिन अब दोनों पार्टियां उनसे दूरी बना रही हैं। यहां तक कि भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता भी उनसे नाखुश हैं।
मंगलवार को सप्रे ने भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की। यह मुलाकात बीना में बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकाय सदस्यों की शिकायतों के बाद हुई। कार्यकर्ताओं ने सप्रे के कामकाज पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि सप्रे उनकी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रही हैं या अभी भी कांग्रेस के साथ हैं।
पिछले साल 5 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान सप्रे सीएम मोहन यादव की मौजूदगी में राहतगढ़ में बीजेपी की एक जनसभा में शामिल हुई थीं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार लता वानखेड़े के लिए पांच महीने तक प्रचार भी किया।
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने की शिकायत
हालांकि, बीजेपी ने उन्हें आधिकारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता नहीं दी। जबकि सप्रे का दावा है कि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का समर्थन करना शुरू कर दिया है। अब बीजेपी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खंडेलवाल से सप्रे की कार्यशैली के बारे में शिकायत की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार इसके बाद खंडेलवाल ने उन्हें भोपाल बुलाया और मंगलवार को दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई।
बीजेपी प्रवक्ता ने बताई सामान्य मुलाकात
टीओआई से बात करते हुए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि निर्मला सप्रे ने कांग्रेस छोड़ दी क्योंकि वह उस पार्टी से असंतुष्ट थीं। यह सच है कि उन्होंने 2023 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन उन्हें अपना भविष्य तय करना होगा। एक नए प्रदेश अध्यक्ष ने पदभार संभाला है और यही कारण है कि वह उनसे मिलने आई थीं। यह एक सामान्य मुलाकात थी।

