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 गणतंत्र दिवस परेड : तीनों सेनाओं की साझा झांकी, मूक योद्धाओं का मार्च

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आज भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस दौरान राजधानी दिल्ली में हुए मुख्य समारोह में कर्तव्य पथ पर सैन्य परेड और सांस्कृतिक झांकियां निकाली गई। इस सैन्य परेड के जरिए दुनिया ने भारत की ताकत देखी। साथ ही दुनिया ने आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत को भी देखा। इस साल की सैन्य परेड कई मायनों में खास रही। तो आइए जानते हैं कि 77वें गणतंत्र दिवस परेड की क्या-क्या बड़ी बातें रहीं।

गणतंत्र दिवस परेड की बड़ी बातें

पहली बार तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी निकाली गई

मेक इन इंडिया की दिखी झलक

मूक योद्धाओं ने किया मार्च

नदियों के नाम पर रखे गए दर्शक दीर्घा के नाम

एक नए कदम के तहत, 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए कर्तव्य पथ पर बनाए गए बाड़ों का नाम भारत की नदियों, जैसे गंगा, यमुना, कृष्णा, नर्मदा और पेरियार के नाम पर रखा गया है। मेहमानों को स्टैंड तक पहुंचाने के लिए परेड स्थल के पास सड़कों पर नियमित अंतराल पर लेआउट मैप और बैनर लगाए गए, जिससे लोगों को कोई परेशानी न हो।

रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पारंपरिक प्रथा से हटकर, दर्शक दीर्घा को अलग करने के लिए ‘VVIP’ और अन्य लेबल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसके बजाय, इनका नाम भारत में बहने वाली नदियों के नाम पर रखा गया है। इनमें ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चिनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु, झेलम, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रावी, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना शामिल हैं।

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