अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मजाक उड़ाया है। ट्रंप, लगातार रूस और रूसी तेल खरीदने वाले देशों, जैसे भारत और चीन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। जबकि रूस ने पुतिन की धमकियों को मजाब बताकर टाल दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि अमेरिका के नये प्रतिबंधों की धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मजाक उड़ाया है। ट्रंप, लगातार रूस और रूसी तेल खरीदने वाले देशों, जैसे भारत और चीन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। जबकि रूस ने पुतिन की धमकियों को मजाब बताकर टाल दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि “अमेरिका के नये प्रतिबंधों की धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता है।” मॉस्को के अधिकारियों का दावा है कि देश ने वर्षों के आर्थिक दबाव के साथ अब तालमेल बिठा लिया है और पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों के प्रभाव को कापी कम कर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूसी अर्थव्यवस्था “भारी संख्या में प्रतिबंधों” के तहत काम कर रही है और अब अतिरिक्त दंड लगाए जाने से भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अमेरिका की तरफ से संभावित तौर पर लगाए जाने वाले नये प्रतिबंध के खतरों को “नियमित” बताते हुए खारिज कर दिया और कहा, कि वाशिंगटन और उसके सहयोगी अपने प्रतिबंधों की रणनीति से आगे बढ़ने में असमर्थ प्रतीत होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि “पश्चिमी देश अभी भी समझ नहीं पाए हैं कि प्रतिबंधों का रूस की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ता है और ये पाबंदियां आज तक रूस की नीतियों को बदल नहीं पाई हैं और उलटे खुद उनकी ही अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।”
रूस ने अमेरिकी प्रतिबंधों का उड़ाया मजाक
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने आगे कहा कि “ऐसा लगता है जैसे वे लगातार एक ही रास्ते पर अटके हुए हैं।” उन्होंने तर्क दिया कि प्रतिबंध मास्को के रुख को बदलने में नाकाम रहे हैं और इसके बजाय पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं पर उलटे असर डाला है।” यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि रूस यूक्रेन के प्रति अपने मौजूदा रुख पर कायम रहेगा, भले ही डोनाल्ड ट्रंप प्रेशर को बढ़ाने की कितनी भी कोशिशें क्यों ना करे। वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा, “हम काफी लंबे समय से भारी प्रतिबंधों के अधीन रह रहे हैं, हमारी अर्थव्यवस्था भी भारी प्रतिबंधों के अधीन चल रही है।”
आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अगर मास्को यूक्रेन में तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाता है, तो अमेरिका 10 दिनों के भीतर रूस पर टैरिफ और अन्य उपाय लागू करना शुरू कर देगा। अमेरिका अगर रूस पर नये प्रतिबंधों का ऐलान करता है तो भारत पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप ने आज ही भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और रूसी तेल खरीदने के लिए जुर्माने की घोषणा की है। दूसरी तरफ अमेरिका में एक ऐसा बिल लाने की तैयारी हो रही है, जिसे अमेरिकी सांसद ‘बंकर बस्टर’ बता रहे हैं। उनका कहना है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों जैसे चीन और भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाएं। अगर ऐसा होता है तो इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।