अग्नि आलोक

*बजरंगदलियों द्वारा देवास के आदिवासियों और पत्र कार सौरव बनर्जी के साथ इंदौर में मारपीट पर राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया*

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*घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग,28 जुलाई को मानव श्रृंखला और प्रदर्शन*

इंदौर। देवास जिले के शुक्रवासा में शैक्षणिक और स्वास्थ्य गतिविधियां चलाने वाले स्वयंसेवी संगठन के सौरव बनर्जी और उनके आदिवासी साथियों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा प्रेस क्लब इंदौर में की गई मारपीट की  इंदौर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने सख्त निंदा करते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

 इस घटना पर विचार करने के लिए आज वामपंथी समाजवादी दलों के पदाधिकारी की बठक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के के कार्यालय पर कैलाश लिंबोदिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक स्वर से इस घटना की निंदा करते हूए इंदौर पुलिस के कार्यक्षेत्र में देवास पुलिस की कार्रवाई और पुलिस संरक्षण में ही मारपीट की घटना की एक स्वर में निंदा की गई । बैठक में निर्णय लिया गया कि इस घटना के विरोध में तथा मारपीट करने वाले और असामाजिक तत्वों के खिलाफ  कार्रवाई करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को शाम 4:00 बजे रीगल तिराहे पर मानव श्रृंखला बनाई जाए और इंदौर पुलिस कमिश्नर को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए ज्ञापन दिया जाए ।

बैठक में उपस्थित मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी ,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी , एसयूसीआई तथा कांग्रेस के पदाधिकारीगण ने कहा कि यह घटना न केवल निदंनीय है बल्कि इंदौर के प्रशासन के मुंह पर भी तमाचा  है। आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी न होना भी प्रशासन की कार्रवाई को संदेह में खड़ा करता है।

पदाधिकारियों ने कहा कि देवास जिले की पर्वतपुरा पंचायत के ग्राम शुक्रवासा में पिछले पांच सालों से इंदौर के पत्रकार सौरव बनर्जी अपने कुछ साथियों के साथ सामाजिक कार्यों में जुटे हुए थे ।वे वहां हाउल ग्रुप के नाम से सामाजिक संगठन चलाते थे तथा उसके माध्यम से आदिवासी बच्चों को शिक्षा देने  तथा आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र भी चलाते थे। जहां से कई डॉक्टर और युवा छात्र एवं शिक्षक जुड़े हुए थे ।उनकी ये गतिविधियां लगातार बढ़ रही थी तथा आदिवासियों का विश्वास भी अर्जित कर रहे थे। गत पंचायत चुनाव में उन्होंने प्रत्याशी भी खड़ा किया था

तथा उसी के चलते भाजपा के प्रत्याशी को पराजय का सामना करना पड़ा था ।इन्हीं सब बातों से कथित सत्ता दल के लोग परेशान थे तथा उन्हें जिले से हटाने के प्रयास में लगे हुए थे । इसी के चलते 22 जुलाई को उनके केंद्र पर हमला भी हुआ तथा देवास पुलिस ने  अवैधानिक तरीके से उनके पांच साथियों को गिरफ्तार भी किया। हालांकि पुलिस ने पूछने पर भी यह जानकारी नहीं दी की किस कारण से गिरफ्तार किया गया है।

गौरतलब है कि पांच वर्षों से देवास जिले के गांव शुक्रवासा में हाउल ग्रुप गरीब ,आदिवासी तथा किसानों,मजदूरों के सामाजिक उत्थान के काम में जुटा हुआ है। गरीब जनता की उन्नति देख शुक्रवासा गांव के कुछ भ्रष्ट और असमाजिक तत्व हाउल संगठन के हर सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनो को लगातार रोकने में लगे हुए है, क्योंकि इसमें उनका निहित स्वार्थ जुड़ा हुआ है।

बैठक में सीएल सर्रावत, भागीरथ कछवाय, प्रमोद नामदेव, राहुल निहोरे ,कैलाश लिंबोदिया, रामस्वरूप मंत्री, अरुण चौहान, जानकी लाल मिमरोट, रुद्रपाल यादव निमतुल्लाह खान, हरिप्रसाद मरमट, परेश टोककर, अकबर शेख,नगजी राम ,कामता प्रसाद, छगनलाल मोर्या, माता प्रसाद कछवाय, मोहम्मद सोहेल मकरानी सहित सीपीएम , सीपीआई, समाजवादी पार्टी, एसयूसीआई कांग्रेस के कई पदाधिकारी उपस्थित थे ।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस घटना के विरोध में सोमवार को शाम 4:00 बजे गांधी प्रतिमा तिराहे पर मानव श्रृंखला बनाई जाए तथा बाद में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाए। 

सभी ने  सोमवार को 4:00 बजे गांधी प्रतिमा पहुंचने का आगह संवैधानिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध लोगों से किया है ।

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