छतरपुर : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक प्राइवेट एंबुलेंस में 12 से 15 लोगों को जबरन बैठाकर कर कहीं भेजा जा रहा था। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना के बाद पुलिस ने लवकुश नगर थाने के पास एंबुलेंस को रोका तो अंदर का नजारा देख हैरान रह गई। एंबुलेंस में 12 से 15 लोग मौजूद थे। जिसमें ज्यादातर महिलाएं थी। जैसे ही लोगों को एंबुलेंस से बाहर निकाला गया, उसमें बैठी हुई महिलाएं चीख-चीख कर रोने लगीं। महिलाओं ने बागेश्वर धाम की महिला सेवादारों पर आरोप लगाते हुए बताया की उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा कर, मारपीट करके पता नही कहां भेजा जा रहा है।
पुलिस को देखते ही रोने लगी महिलाएं
एंबुलेंस में बैठी कुछ महिलाओं ने बताया कि वह बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने के लिए आई हुई थी। किसी को प्रेत बाधा थी, तो किसी को अन्य पारिवारिक समस्याएं। वायरल वीडियो में महिलाएं लगातार रोते हुए बता रही हैं कि एक महिला सेवादार एवं एक अन्य महिला सेवादार ने उनके साथ मारपीट की। किसी के बाल खींचे तो किसी के पेट में लात मारी। घटना सोमवार रात की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्थानीय मीडियाकर्मी पहुंच गए और वीडियो बना लिया।
सेवादार ने दी सफाई
एम्बुलेंस में बैठे बागेश्वर धाम के सेवादार कुंज बिहारी ने बताया कि ये वे लोग हैं जो धाम में लंबे समय से बिना किसी अनुमती एवं बिना किसी काम के रह रहे थे। इन्हे वापस इनके घर छोड़ा जा रहा है। धाम में लगातार चोरी की घटनाएं भी हो रही हैं। बिना कारण रह रहे लोगों को धाम से हटाया जा रहा है।
SDOP का अजीबो गरीब बयान
SDOP नवीन दुबे ने बताया कि धाम से कुछ महिलाओं एवं पुरुषो को एंबुलेंस से महोबा ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर वाहन रोका गया। महिलाओं को लेकर धाम से कुछ सेवादार जा रहे थे। धाम समिति के सदस्य थे। महिलाओं पर चोरी चमारी का शक था। सभी को महोबा रेलवे स्टेशन भेज दिया गया, जहां से वे अपने अपने घर के लिए चले गए।

