एंथ्रोपिक नाम के इस्तेमाल को लेकर ट्रेडमार्क विवाद में कोर्ट ने अमेरिका स्थित एक एआई कंपनी को समन जारी किया है। इस मामले में भारतीय फर्म एंथ्रोपिक सॉफ्टवेयर के संस्थापक व निदेशक मोहम्मद अय्याज मुल्ला ने कहा कि उनकी कंपनी लंबे समय से एंथ्रोपिक ब्रांड का उपयोग कर रही है, लेकिन 2025 के मध्य और अंत तक अमेरिकी एआई कंपनी की ऑनलाइन मौजूदगी तेजी से बढ़ने से भ्रम की स्थिति पैदा होने लगी।
इसी आधार पर उन्होंने अदालत से नाम के उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है। बंगलूरू कार्यालय स्थापित होने के बाद संबंधित कंपनी को दूसरा नोटिस भी भेजा गया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख तय की है, जिसमें अमेरिकी कंपनी के पेश होने की संभावना है।
मुल्ला ने यह भी कहा कि भारतीय कानून के तहत किसी ट्रेडमार्क का पूर्व उपयोग करने वाले पक्ष को प्राथमिक अधिकारों का संरक्षण मिलता है, और उनकी कंपनी अपने इसी अधिकार के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
त्रिपुरा का पहला चाय नीलामी केंद्र अप्रैल तक शुरू होने की संभावना
त्रिपुरा में प्रस्तावित पहला चाय नीलामी केंद्र अप्रैल तक चालू हो सकता है। यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मार्च 2024 में पश्चिम त्रिपुरा जिले के गुरखाबस्ती में राज्य के पहले चाय नीलामी केंद्र की आधारशिला रखी थी। वर्तमान में देश में कुल सात चाय नीलामी केंद्र संचालित हैं।
त्रिपुरा टी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (TTDC) के चेयरमैन समीर रंजन घोष ने कहा कि गुरखाबस्ती स्थित नीलामी केंद्र को अप्रैल तक संचालन में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि खरीदारों ने केंद्र को व्यावहारिक बनाने के लिए परिवहन सब्सिडी की मांग की थी, जिस पर ध्यान देते हुए टीटीडीसी ने अपने स्तर पर 4 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है।
शीर्ष 7 शहरों में ऑफिस रियल एस्टेट की मांग में जीसीसी की हिस्सेदारी 50% तक पहुंच सकती है
देश के शीर्ष सात शहरों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की हिस्सेदारी भारतीय ऑफिस रियल एस्टेट की कुल मांग में 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह जानकारी गुरुवार को जारी कोलियर्स इंडिया की एक रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 से भारत में जीसीसी से जुड़ी लीजिंग गतिविधियों में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत रही है, जबकि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की कंपनियों की भागीदारी 8 से 10 प्रतिशत के बीच रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, आने वाले कुछ वर्षों में जीसीसी द्वारा ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की वार्षिक मांग 35 से 40 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच सकती है, जो कुल ऑफिस स्पेस की मांग का करीब 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा होगी।
कोलियर्स इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक अर्पित मेहरोत्रा ने कहा कि टेक-केंद्रित जीसीसी के लिए अमेरिकी कंपनियों की मांग स्थिर रह सकती है, लेकिन इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, बीएफएसआई और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की कंपनियों से मांग बढ़ने की उम्मीद है।

