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*मानसून सत्र का चौथा दिन,संसद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन*

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आज संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन है। लोकसभा और राज्यसभा में आज भी विपक्ष का हंगामा जारी रहने की आशंका है। इससे पहले तीसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। विपक्षी दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के एसआईआर पर जमकर हंगामा किया। तीसरे दिन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध दूर करने के लिए उपसभापति हरिवंश ने दोनों पक्षों के नेताओं के साथ बैठक की थी। आज चौथे दिन की कार्यवाही में लोकसभा औ राज्यसभा में क्या कुछ होने वाला है? सदन के पटल पर कौन से रिपोर्ट और सवालों के लिखित जवाब रखे जाएंगे? जानिए सबकुछ….

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू
मानसून सत्र के चौथे दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। विपक्षी दलों की तरफ से हो रही नारेबाजी के बीच छह मिनट के भीतर लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी दलों के बर्ताव की आज भी निंदा की।

विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्षी दलों के गठबंधन- इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सभी दल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की तरफ से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रहे हैं।

संसद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर बहस से भाग रही सरकार: TMC सांसद का आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, संसद की कार्यवाही में व्यवधान के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिहार में चुनाव आयोग की तरफ से कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बहस से भाग रही है।

तटीय राज्य गोवा की विधानसभा में बदलाव के संकेत, विधेयक पारित कराएगी सरकार
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ‘गोवा राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक, 2024’ पेश करेंगे। मेघवाल विधेयक को पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। यह विधेयक “अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की प्रभावी लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए संविधान के अनुच्छेद 332 के अनुसार सीटों के आरक्षण को सक्षम बनाता है। इसमें गोवा की विधानसभा में सीटों के पुनर्समायोजन का प्रावधान भी है। सरकार के मुताबिक गोवा में अनुसूचित जनजातियों (ST) की सूची में कुछ समुदायों को शामिल करने के कारण पुनर्समायोजन आवश्यक है। सरकार ने कहा है कि  पुनर्समायोजन से संबंधित या उसके आनुषंगिक मामलों पर विचार किया जाएगा।

आज व्यापारी पोत परिवहन विधेयक, 2024 पारित कराएगी सरकार
संसद के मानसून सत्र में आज केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ‘व्यापारी पोत परिवहन विधेयक, 2024’ पेश करेंगे। सरकार इस विधेयर को पारित कराने के लिए सदन के पटल पर रखेगी। इस विधेयक को कानूनी अमलीजामा पहनाने का मकसद व्यापारिक पोत परिवहन से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करना है। इससे भारत उन समुद्री संधियों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत अपने दायित्वों का अनुपालन सुनिश्चित कर सकेगा जिनका भारत एक पक्ष है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय हित में सर्वोत्तम तरीके से भारतीय पोत परिवहन के विकास और भारतीय व्यापारिक समुद्री क्षेत्र के कुशल रखरखाव को सुनिश्चित कर इससे संबंधित या उसके आनुषंगिक मामलों का समाधान करना भी है।

बिहार के मुद्दे पर संसद में तत्काल चर्चा कराने की मांग
इसके अलावा राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस दिया। उन्होंने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संवैधानिक और चुनावी निहितार्थ पर चर्चा की मांग की है।

संसद के मानसून सत्र में पहले तीन दिन हुए हंगामे के बाद आज चौथे दिन भी विपक्ष एकजुट दिख रहा है। कई सांसदों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिए हैं। खबरों के मुताबिक संसद के बाहर विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन भी करेंगे। इससे पहले बुधवार को तीसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर देखा जाए तो पूरे दिन बेहद निराशाजनक रहा और चंद मिनटों में ही कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। 

बृहस्पतिवार को संसदीय कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने नियम 267 के तहत राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया। बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सांविधानिक और चुनावी निहितार्थ पर चर्चा की मांग की है।

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