इंदौर में मानसून कमजोर साबित हो रहा है। जुलाई के बाद अगस्त की शुरुआत भी बिना जोरदार बारिश के हो रही है। पिछले चार दिनों से शहरवासी तेज धूप और उमस से परेशान हैं।
इंदौर में मंगलवार सुबह से खिली धूप दोपहर तक परेशानी का कारण बन गई। जुलाई का महीना कम बारिश के साथ बीतने के बाद अगस्त की शुरुआत भी सूखे के साथ हो रही है। पिछले चार दिनों से लगातार तेज धूप पड़ रही है, जिससे शहरवासी गर्मी और उमस से खासे परेशान हैं। मंगलवार सुबह 9 बजे तक ठंडी हवाओं के कारण कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, धूप तीखी होती गई और शाम तक मौसम गर्म और चिपचिपा बना रहा। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।सावन में भी राहत नहीं, आधे सोमवार सूखे रहे
इस मानसून सीजन में सावन के चार में से दो सोमवार को ही इंदौर में हल्की बारिश हुई है, जबकि बाकी दो सोमवार पूरी तरह सूखे बीते। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगस्त के दूसरे हफ्ते से बारिश के संकेत मिल रहे हैं। यदि यह अनुमान सटीक बैठता है, तो आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि, अब तक के हालात को देखते हुए लोग मौसम विभाग की भविष्यवाणी को लेकर भी आशंकित हैं।
सोमवार को हल्की बारिश, फिर भी तापमान सामान्य से ऊपर
सोमवार को दिन भर तेज धूप और उमस का दौर रहा। हालांकि दिन के समय कई बार काले बादलों ने आसमान को ढका, लेकिन वे ज्यादा देर टिक नहीं सके। शाम को एयरपोर्ट क्षेत्र में 1.4 मिमी सहित शहर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। बावजूद इसके दिन के तापमान में 1 डिग्री का इजाफा देखा गया और यह 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 2 डिग्री अधिक था। रात का तापमान भी 1 डिग्री उछलकर 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में है।
कुल बारिश 11.5 इंच, फिलहाल भारी वर्षा के आसार नहीं
अब तक इंदौर में इस मानसून सीजन में कुल 11.5 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से काफी कम है। चिंता की बात यह है कि फिलहाल तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने नहीं जताई है। इस बार न सिर्फ जुलाई बल्कि अगस्त की शुरुआत भी अपेक्षित बारिश से खाली रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह से तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है, जो महीने के अंत तक चलने की संभावना है। हालांकि, अभी तक इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले बारिश के मामले में पिछड़े हुए हैं और स्थिति में जल्द सुधार की उम्मीद की जा रही है।

