अग्नि आलोक

 सुबह की ताजा खबरे:पाकिस्तान की पोल खोलकर लौटे डेलिगेशन से मिले PM मोदी,केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों ने बताई मोदी सरकार की 11 साल की उपलब्धियां,राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी सुलझी! भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाने के विवाद पर आया अमेरिका का बयान… 

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आज के बड़े इवेंट…….

भाजपा ने अपने केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ पार्टी नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए मैदान में उतारा। इन लोगों ने मंगलवार को देशभर में राज्य मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मोदी सरकार की सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की नीतियों पर देश भर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि पिछले 11 वर्षों में कैसे सर्वव्यापी और सर्वसमावेशी विकास की अवधारणा को जमीन पर लागू किया गया है। इन्होंने यह भी बताया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ मोदी सरकार की ओर से शुरू किए गए विकास कार्य किस प्रकार आगे बढ़े हैं।

छह अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हों राहुल गांधी- झारखंड हाईकोर्ट 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के सिलसिले में झारखंड उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एमपी-एमएलए अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने इसके लिए छह अगस्त की तारीख मुकर्रर की है। 

गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2 जून को विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसमें उन्हें 26 जून को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया था।

बता दें कि राहुल गांधी के खिलाफ प्रताप कुमार ने 2018 में चाईबासा में आयोजित एक रैली में भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक बयान देने के लिए मानहानि का मामला दर्ज कराया है। कुमार ने चाईबासा में मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा था कि गांधी के बयान मानहानिकारक हैं और शाह की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया है।

सोहरा के लोगों ने निकाली शांति रैली, हत्या की निंदा की
 राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम सहित पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को मेघालय पर्यटन विभाग ने सोहरा में स्थानीय लोगों के साथ एक शांति रैली निकाली। सैकड़ों लोगों ने राजा रघुवंशी की हत्या की निंदा की और शोक संतप्त परिवार के लिए अपनी एकजुटता दिखाई। इस दौरान लोगों हाथों में प्ले-कार्ड लिए हुए थे, जिसमें लिखा था कि सोहरा सुरक्षित है। गलत सूचना पर विश्वास नहीं करें। रैली में विधायक और समाज के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

लोगों ने जांच दल के प्रयासों की सराहना की। कहा कि इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी काफी परेशान कर दिया था। घटना के बाद कई तरह सोहरा को लेकर काफी बदनामी झेलनी पड़ी। अब जबकि कुछ परतें खुल रही हैं, पुलिस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है तो यह साफ हो गया है कि सोहरा किसी पर्यटक के लिख असुरक्षित नहीं है। स्थानीय लोगों ने कहा, आप सभी सोहरा आइए, सोहरा सभी के लिए सुरक्षित है।

एनएसजी ने राम मंदिर समेत 50 प्रतिष्ठानों का बनाया 3डी नक्शा
 राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने अयोध्या के राम मंदिर, जम्मू के माता वैष्णो देवी मंदिर, दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों समेत देश के 50 संवेदनशील प्रतिष्ठानों का त्रिआयामी (3डी) नक्शा तैयार किया है। आतंकी या अन्य हमलों की स्थिति में त्वरित कार्रवाई शुरू करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

एनएसजी के महानिदेशक (डीजी) भृगु श्रीनिवासन ने कहा, हमने देशभर में विभिन्न संवेदनशील ठिकानों की पहचान की है। इसमें 17 धार्मिक स्थल, 21 परमाणु सुविधाएं और 14 अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठान शामिल हैं। इन स्थलों की 3डी मैपिंग की जा रही है। श्रीनिवासन ने कहा, बल के ब्लैक कैट कमांडो फोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाली टीमों ने जम्मू हवाईअड्डे पर एक विस्फोटक पेलोड ले जाने वाले ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया था। श्रीनिवासन 23वें अंतरराष्ट्रीय एनएसजी सेमिनार के उद्घाटन के दौरान बोल रहे थे। इस सत्र का विषय आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने और आधुनिक आतंकवाद की जटिलताओं से निपटने के लिए नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना था। 

 पाकिस्तान की पोल खोलकर लौटे डेलिगेशन से मिले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने निवास पर सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मुलाकात की। ये सभी “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत कई देशों में गए थे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को अलग-अलग देशों में हुई अपनी बैठकों के बारे में जानकारी दी। इन प्रतिनिधिमंडलों में अलग-अलग पार्टियों के सांसद, पूर्व सांसद और अनुभवी राजनयिक शामिल थे। उन्होंने अलग-अलग देशों की यात्राओं के दौरान आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख और विश्व शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के बारे में बताया।

विभिन्न दलों के सांसदों के सात समूहों ने कई देशों की राजधानियों का दौरा किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की “जीरो टॉलरेंस” (zero tolerance) की नीति को बढ़ावा दिया। इन समूहों में NCP-SCP की सुप्रिया सुले, कांग्रेस पार्टी के शशि थरूर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व राजदूत जैसे विपक्षी सांसद भी शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद शुरू किया गया था। “ऑपरेशन सिंदूर”, जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया थी। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी।

50 से अधिक लोगों ने “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद भारत के राजनयिक प्रयासों के तहत 30 से अधिक देशों का दौरा किया। इन लोगों में संसद के सदस्य, पूर्व राजदूत और पूर्व सरकारी अधिकारी शामिल थे। सात सांसदों ने अपने-अपने समूहों का नेतृत्व किया।

प 1 का नेतृत्व BJP के बैजयंत पांडा ने किया। यह समूह सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया गया था। ग्रुप 2 का नेतृत्व BJP नेता रविशंकर प्रसाद ने किया। उन्होंने यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ (EU), इटली और डेनमार्क का दौरा किया। JD(U) नेता संजय कुमार झा ने ग्रुप 3 का नेतृत्व किया। यह समूह इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया गणराज्य, जापान और सिंगापुर गया।

ग्रुप 4 का नेतृत्व शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने किया। उन्होंने यूएई, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन का दौरा किया। ग्रुप 5 का नेतृत्व कांग्रेस पार्टी के शशि थरूर ने किया। उन्होंने अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा किया। ग्रुप 6 का नेतृत्व DMK की कनिमोझी करुणानिधि ने किया। वह स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस गईं। ग्रुप 7 का नेतृत्व NCP-SCP की सुप्रिया सुले ने किया। उन्होंने मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडलों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को रखा। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और भारत के खिलाफ इसका इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की “ग्रे लिस्ट” (grey list) में डालने की मांग की। “ऑपरेशन सिंदूर” 7 मई को पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

सभी प्रतिनिधिमंडलों ने मिलकर दुनिया को भारत की बात समझाई। उन्होंने बताया कि भारत आतंकवाद को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान की गलत हरकतों को भी दुनिया के सामने रखा। इससे भारत की छवि और मजबूत हुई है।

सभी देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने बताया कि सभी देशों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सभी देश भारत के साथ खड़े हैं। रविशंकर प्रसाद ने बातचीत के दौरान कहा, “सभी देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।” इसका मतलब है कि हर देश ने इस हमले को गलत बताया और भारत को अपना समर्थन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों से अच्छे नतीजे मिले हैं। आने वाले समय में यूरोप और भारत के बीच नए रिश्ते शुरू हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि “सभी देशों से सकारात्मक परिणाम मिले हैं, आने वाले समय में यूरोप और भारत के बीच नए संबंधों की शुरुआत होने वाली है।”

सोनम रघुवंशी के शिलांग पहुंचने से पहले ही सुलझ गई हत्याकांड की गुत्थी!

इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय पुलिस की जांच जारी है। राजा रघुवंशी की पत्नी और चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस हनीमून पर हत्या की गुत्थी लगभग सुलझ गई है, हालांकि एक बड़े सवाल का जवाब अभी मिलना बाकी है। जिस जवाब इंदौर पुलिस नहीं खोज पाई है। 

राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सोनम को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी बीच राजा के बड़े भाई ने सोनम को लेकर एक और खुलासा किया है। दावा किया जा रहा है कि सोनम के परिवार वालों को राज और उसके रिश्ते के बारे में जानकारी थी। परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे जिसके बाद उन्होंने सोनम की शादी राजा रघुवंशी के साथ तय की थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि सोनम ने अपनी मां को राज कुशवाह के साथ अपने रिश्ते के बारे में बताया था। सोनम रघुवंशी के परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। परिवार वालों ने शादी का खिलाफत करते हुए कहा था कि उसकी शादी उनके समुदाय में ही होनी चाहिए। जबकि रिश्ता तय होने के बाद सोनम ने अपने दिल की बात अपनी मां से कह दी थी।

विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया है कि इस हत्याकांड में 5 से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब सोनम ने सरेंडर किया, तो उसने अपने भाई को फोन किया था। विपिन का आरोप है कि सोनम दिखावा कर रही है और उसने पूरा मामला खुद से ही बनाया है। विपिन को पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है।

राज से मिलने आई थी सोनम

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सोनम ट्रेन से इंदौर आई थी। हालांकि इस दौरान वह अपने मायके या ससुराल नहीं गई थी। वह एक दिन के लिए अपने प्रेमी के साथ रही और फिर गाड़ी से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गई।

राजा के साथ क्या हुआ

शादी के बाद राजा और सोनम 20 मई को हनीमून के लिए शिलांग गए थे। 23 मई से दोनों लापता हो गए। इसके बाद 2 जून को राजा का शव मेघालय में मिला। वहीं, सोनम लापता रही। सोनम ने 9 जून को यूपी में सरेंडर किया। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

राजा से रिश्ता तय होने के बाद सोनम ने मां से बता दी थी दिल की बात

राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सोनम को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी बीच राजा के बड़े भाई ने सोनम को लेकर एक और खुलासा किया है। दावा किया जा रहा है कि सोनम के परिवार वालों को राज और उसके रिश्ते के बारे में जानकारी थी। परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे जिसके बाद उन्होंने सोनम की शादी राजा रघुवंशी के साथ तय की थी। 

मध्य प्रदेश के राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी गुवाहाटी पहुंच चुकी हैं। रात करीब दो बजे तक सोनम रघुवंशी के शिलांग पहुंच जाने की संभावना है। मंगलवार को मेघालय पुलिस पटना से लेकर कोलकाता और फिर कोलकाता से लेकर गुवाहाटी पहुंची। गुवाहाटी से सोनम रघुवंशी को सड़क मार्ग से शिलांग के लिए निकाला गया। उधर, राजा रघुवंशी की हत्या में गिरफ्तार सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा समेत तीन अन्य आरोपियों को भी मेघालय पुलिस इंदौर से लेकर शिलांग के लिए रवाना हो गई है। इंदौर एयरपोर्ट एक आरोपी की एक व्यक्ति ने गुस्से में थप्पड़ भी मारा। गुवाहाटी से शिलांग की कुल दूरी 100 किलोमीटर की है। सोमवार की देर रात को मेघालय पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की कोर्ट ट्रांजिट रिमांड हासिल की थी।

#WATCH | राजा रघुवंशी हत्याकांड | सोनम रघुवंशी को मेघालय पुलिस गुवाहाटी, असम लेकर आई। यहां से उसे शिलांग ले जाया जा रहा है। pic.twitter.com/TuObeQY82i— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 10, 2025

इंदौर में कबूले सुपारी किलर्स
मेघालय पुलिस के दबाव के बाद गाजीपुर में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम के सरेंडर किया था। इतना ही नहीं इंदौर पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तार किया गया था। मेघालय पुलिस ने इस केस को सुलझाने के ऑपरेशन हनीमून के तरह कार्रवाई की थी। राज्य पुलिस ने 120 पुलिसकर्मियों को इस मामले की जांच में लगाया था। 23 मई को राजा रघुवंशी की मेघालय में हत्या की गई थी। सोनम रघुवंशी के सरेंडर और चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हनीमून पर हत्या का मामला लगभग सुलझ गया है। इंदौर क्राइम ब्रांच की पूछताछ में चारों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल किया है। उन्होंने बताया है कि राजा रघुवंशी की हत्या की है और हत्या के बाद उनका शव एक गहरी खाई में फेंक दिया था।

इंदौर क्यों नहीं थी सोनम?
कभी शादी के बाद पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने के लिए शिलांग गई सोनम रघुवंशी की उलटी यात्रा के साथ हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है। इंदौर क्राइम ब्रांच के सबसे पहला वार विशाल उर्फ विक्की ठाकुर ने राजा पर किया था। राज कुशवाहा इस पूरे समय इंदौर में ही था, लेकिन उसने विशाल, आकाश और आनंद नाम के तीन आरोपियों को मेघालय भेजा था। इंदौर पुलिस का कहना है कि सोनम रघुवंशी क्यों गाजीपुर गई? इससे मेघालय पुलिस पर्दा उठा पाएगी। वह इंदौर आने या नहीं आने के मामले की पुष्टि अभी मेघालय पुलिस ही कर पाएगी। इंदौर पुलिस के पास अभी कोई तथ्य हाथ नहीं लगा है। हालांकि आरोपी विशाल ने हत्याकांड को अंजाम देते समय जो कपड़े पहने थे उसे, विशाल के ही घर से बरामद किया गया है।

मेघालय पुलिस की पूछताछ में खुलेंगे राज
मेघालय पुलिस के द्वारा सोनम रघुवंशी और चारों अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद इस हत्याकांड की सभी राज खुलने की उम्मीद है। मेघालय पुलिस राजा रघुवंशी की हत्या करने वाले सुपारी किलर्स का सोनम रघुवंशी के साथ आमना-सामना करवा सकती है। पुलिस बुधवार को सोनम रघुवंशी को स्थानीय कोर्ट में पेश कर सकती है। इसके बाद अन्य आरोपियों की कोर्ट में पेशी होगी। मेघालय के सीएम कोनराड संगमा के इस मामले को फास्टट्रैक में चलाने का ऐलान किया है।

बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मास्टरमाइंड जीशान कनाडा में गिरफ्तार

कांग्रेस से एनसीपी के गए बाबा सिद्दीकी हत्या के मामले में वांटेड जीशान अख्तर को कनाडा में पकड़ लिया गया है। जीशान अख्तर को लॉरेंस बिश्नोई का बेहद करीबी माना जाता है। जीशान अख्तर की के पकड़े जाने के बाद अब बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वांछित जीशान अख्तर को कनाडा में पकड़ लिया गया है। बाबा सिद्दीकी मुंबई में हुई हत्या के मामले में जीशान अख्तर को मास्टरमाइंड माना गया था। जीशान अख्तर का नाम बाबा सिद्दीकी हत्या की घटना के पंजाब के बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमले में भी आया था। जीशान अख्तर का कनाडा में पकड़ लिए जाने को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रही हैं। कनाडा के साथ भारत की प्रत्यर्पण की संधि है। ऐसे में जीशान अख्तर को आगे भारत भी ला जा सकेगा। मुंबई पुलिस के सूत्रों ने की इसकी पुष्टि की है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के मास्टरमाइंड जीशान अख्तर को कनाडा में पुलिस ने डिटेन किया है।

बाबा सिद्दीकी की हत्या में वांटेड
पिछले साल 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की गई थी। मुंबई पुलिस के सूत्रों का दावा है कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि जीशान फिलहाल कनाडा पुलिस की गिरफ्त में है। जीशान लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है। मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया था कि बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल शूटर्स का हैंडलर जीशान अख्तर ही था। जीशान अख्तर मुख्य रूप से जालंधर का रहने वाला है। बाद में जीशान का नाम बीजेपी नेता के घर पर ग्रेनेड हमले में भी आया था। 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि जालंधर का रहने वाला जीशान अख्तर का असली नाम मोहम्मद यासीन अख्तर है। जीशान अख्तर को पंजाब पुलिस ने 2022 में गिरफ्तार किया था।

तीन शूटरों को किया था हैंडल
बाबा सिद्दीकी की हत्या को लेकर चल रही जांच में जीशान अख्तर का नाम सामने आया था। वह मुख्य रूप से तीन शूटरों धर्मराज कश्यप, गुरमेल बलजीत सिंह और शिवकुमार गौतम का हैंडलर था। जीशान अख्तर लॉरेंस बिश्नोई का बेहद करीबी रहा है। ऐसा माना जाता है कि पिछले साल मई के महीने में जीशान अख्तर और शुभम लोनकर को बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने ही पूरी प्लानिंग की थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो पंजाब की जेल में रहते हुए जीशान अख्तर ने लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से संपर्क स्थापित किया, जिन्होंने उसे बाबा सिद्दीकी की हत्या का ठेका दिया था। लॉरेंस बिश्नोई अभी गुजरात के साबरमती जेल में बंद है। बाबा सिद्दीकी की हत्या में अनमोल बिश्नोई का नाम आने के बाद उसके तार लॉरेंस तब जुड़े थे।

अनिल अंबानी की यह कंपनी फॉर्म में लौटी, कारोबारी पिच पर लगाया छक्का

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के शेयर में जबरदस्त उछाल आया है। शेयर 70 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो दस साल में पहली बार हुआ है। कंपनी को कई नए प्रोजेक्ट मिले हैं और कोर्ट के फैसले भी पक्ष में रहे हैं। मार्च तिमाही में कंपनी को मुनाफा हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस पावर के शेयर मंगलवार को लगभग 12 फीसदी बढ़ गए। यह उछाल उन्हें 70 रुपये के स्तर पर ले गया। शेयर ने 10 साल से ज्यादा समय में पहली बार यह आंकड़ा छुआ है। इससे पहले नवंबर 2014 में यह 70 रुपये के पार गया था। फिर अप्रैल 2019 में यह एक पेनी स्टॉक बन गया था। हाल के दिनों में रिलायंस पावर को कई प्रोजेक्ट मिले हैं। कोर्ट के फैसले भी कंपनी के पक्ष में रहे हैं। कंपनी में इक्विटी का निवेश भी हुआ है। मार्च तिमाही में कंपनी मुनाफे में भी लौटी है। इन सब कारणों से रिलायंस पावर के शेयरों में तेजी आई है।

रिलायंस पावर लिमिटेड के शेयर एक समय 11.95 फीसदी बढ़कर 72.26 रुपये पर पहुंच गए। यह एक नया 52-सप्ताह का ऊंचा स्तर है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 30,000 करोड़ रुपये है। मार्च 2020 में शेयर की कीमत 1.1 रुपये के आसपास थी। तब से यह लगभग 7,000 फीसदी बढ़ गया है। पिछले पांच वर्षों में भी शेयर 2,700 फीसदी ऊपर है।

क साल में 175% ऊपर

मई में रिलायंस पावर के शेयरों में 45.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पिछले एक सप्ताह में यह लगभग 20 फीसदी बढ़ा है। पिछले एक साल में शेयर 175 फीसदी ऊपर है। पिछले महीने रिलायंस पावर की एक सहायक कंपनी ने SECI के साथ 25 साल का बिजली खरीद समझौता किया है। यह एशिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन सोलर और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट है। इन असाधारण लाभों के साथ रिलायंस पावर दलाल स्ट्रीट पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले पावर सेक्टर के शेयरों में से एक है।

वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में रिलायंस पावर को 125.60 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 397.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व 1,978.01 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 1,996.65 करोड़ रुपये था।

क्‍या संकेत दे रहा है शेयर?

बाजार के जानकारों का कहना है कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) फिलहाल 77.1 पर है। यह दिखाता है कि शेयर ज्यादा खरीदा गया है और इसमें गिरावट आ सकती है। हालांकि, मूविंग एवरेज कनवर्जेंस डायवर्जेंस (MACD) 5.4 पर है। यह अपनी सिग्नल और सेंटर लाइनों से ऊपर है। यह तेजी के रुझान को दिखाता है।

मई 2025 में रिलायंस पावर ने ग्रीन डिजिटल प्राइवेट (GDL) के साथ एक कमर्शियल टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए। GDL ड्रंक होल्डिंग एंड इन्वेंसटमेंट्स लिमिटेड (DHI) के स्वामित्व में है। DHI भूटान सरकार की निवेश शाखा है। यह समझौता बिजली खरीद समझौते (PPA) के लिए है।

विशेषज्ञों का मानना है कि RSI 70 से ऊपर होने पर शेयर ‘ओवरबॉट’ हो जाता है। इसका मतलब है कि शेयर की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। अब इसमें गिरावट आ सकती है। MACD एक टूल है जो शेयर की कीमत में रुझानों को दिखाता है। अगर MACD अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर है तो यह एक तेजी का संकेत है।

(डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।)

रैपिडो से अब खाने की भी डिलीवरी, स्विगी और जोमैटो की बढ़ी टेंशन

बाइक टैक्सी सर्विस रैपिडो अब फूड डिलीवरी में उतरकर स्विगी और जोमैटो को टक्कर देने की तैयारी में है। 40 लाख राइडर्स के साथ, रैपिडो कम कमीशन और बेहतर लॉजिस्टिक्स का फायदा उठाकर इन दिग्गज कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। इलारा सिक्योरिटीज का मानना है कि इससे जोमैटो और स्विगी की कमाई पर असर पड़ सकता है।

बाइक टैक्सी सर्विस रैपिडो अब खाने की डिलीवरी में भी उतर गई है। इससे स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों को नुकसान हो सकता है। इलारा सिक्योरिटीज का कहना है कि रैपिडो के आने से इन कंपनियों की कमाई घट सकती है। रैपिडो के पास पहले से ही 40 लाख राइडर हैं। इनका इस्तेमाल वह खाने की डिलीवरी के लिए करेगी। इससे रैपिडो को ज्यादा खर्चा नहीं करना पड़ेगा। अगर रैपिडो अच्छे से काम करती है तो स्विगी और जोमैटो के लिए मुश्किल हो सकती है।

इलारा सिक्योरिटीज के करण तौरानी ने कहा कि जोमैटो और स्विगी खाने की डिलीवरी का काम पिछले 10 सालों से कर रही हैं। अब उनकी कमाई स्थिर हो गई है। उनका टारगेट है कि जल्द ही वे 5% एडजेस्टेड EBITDA तक पहुंच जाएं। लेकिन, रैपिडो के आने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तौरानी ने कहा, ‘जोमैटो और स्विगी का ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बिजनेस 10 साल पुराना है। अब उनकी कमाई स्थिर है। वे जल्द ही 5% एडजेस्टेड EBITDA तक पहुंचने का लक्ष्य रख रही हैं। लेकिन, रैपिडो के तेजी से बढ़ने से उनके स्थिर कारोबार को खतरा हो सकता है।

इलारा सिक्योरिटीज का मानना है कि अगर इटरनल (जोमैटो) की कमाई 200 बेसिस पॉइंट गिर जाती है और फूड डिलीवरी सेगमेंट में वैल्यूएशन 10% कम हो जाता है तो उसका टारगेट प्राइस 6% गिरकर 282 रुपये हो सकता है। अभी यह 300 रुपये है।

कमीशन रेट जोमैटो, स्‍व‍िगी से कम

रैपिडो ने खाने की डिलीवरी के लिए कमीशन रेट भी तय कर लिया है। यह जोमैटो और स्विगी से कम है। रैपिडो रेस्टोरेंट से 8-15% कमीशन लेगा जो ऑर्डर की वैल्यू पर निर्भर करेगा। जबकि स्विगी और जोमैटो 21-22% कमीशन लेते हैं।बरों के अनुसार, रैपिडो 400 रुपये से कम के ऑर्डर पर 25 रुपये और 400 रुपये से ज्यादा के ऑर्डर पर 50 रुपये चार्ज कर सकती है। यह सर्विस बेंगलुरु में शुरू होगी।

रैपिडो का फूड डिलीवरी में आना ONDC और OLA से अलग है। ONDC और OLA में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की समस्या थी। लेकिन, रैपिडो के पास 40 लाख राइडर हैं, जो हर दिन 30-35 लाख राइड करते हैं। इससे उसे लॉजिस्टिक्स में मदद मिलेगी। जबकि इटरनल के पास 4.4 लाख और स्विगी के पास 5.3 लाख राइडर हैं।

ज्‍यादा खर्च नहीं करना पड़ेगा

इलारा का कहना है कि रैपिडो अपने खाली समय का इस्तेमाल खाने की डिलीवरी के लिए कर सकती है। इससे उसे ज्यादा खर्चा नहीं करना पड़ेगा और राइडर की कमाई भी बढ़ जाएगी।इसके अलावा, रैपिडो को ONDC के लिए फूड डिलीवरी करने का अनुभव है। वह राइड यूजर्स को क्रॉस-सेलिंग भी कर सकता है। इससे उसे कस्टमर हासिल करने में कम खर्चा आएगा।

इलारा ने कहा, ‘इससे रैपिडो को फूड डिलीवरी करने में मदद मिल सकती है। एक ऐप में राइड, पार्सल और फूड ऑर्डर को एक साथ मैनेज किया जा सकता है। एल्गोरिदम ऐसे काम देगा जिससे कमाई और दूरी कम हो।इलारा का यह भी कहना है कि रैपिडो के पास डेडिकेटेड फ्लीट नहीं है। इससे डिलीवरी में परेशानी हो सकती है। खासकर जब 30 मिनट से कम में डिलीवरी करने की बात हो।

पाकिस्तान की जनता से ज्यादा मुनीर की चिंता… शहबाज ने कर्ज लेकर बढ़ाया रक्षा बजट

पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की है। मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने रक्षा खर्च में 20% बढ़त का ऐलान किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.55 ट्रिलियन रुपये (9 अरब डॉलर) आवंटित किए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में यह रकम 2.12 ट्रिलियन थी। यह फैसला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत के हमलों के बाद लिया गया है। दूसरी ओर, पाकिस्तान अपने समग्र खर्च को 7% तक घटाकर 17.57 ट्रिलियन रुपये (62 अरब डॉलर) कर रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो उसने जनता की बुनियादी सुविधाओं के साथ समझौता करने का फैसला किया है। उसे जनता को न सड़क देनी है न अच्छे स्कूल। वह लोगों को गोला-बारूद खिलाने पर आमादा है। इससे एक और बात साफ होती है कि जनता से ज्यादा शहबाज सरकार को असीम मुनीर की चिंता है। हालां‍क‍ि, इतने के बावजूद भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान से लगभग नौ गुना ज्यादा है। भारत ने भी पाकिस्तान के साथ संघर्ष के बाद अपने रक्षा खर्च को बढ़ाने का संकेत दिया है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने भारत के बढ़ते रक्षा उद्योग की ताकत को दिखाया है।

पाकिस्तान का रक्षा बजट बढ़ गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.55 ट्रिलियन रुपये रखे हैं। पिछले साल यह 2.12 ट्रिलियन रुपये था। इस बढ़ोतरी का कारण भारत के साथ तनाव है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के खिलाफ ऐक्शन लिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है। देखने वाली बात यह है कि रक्षा खर्च में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब हाल में पाकिस्तान को आईएमएफ से कर्ज मिला है। यह दिखाता है कि पाकिस्तान की प्राथमिकता क्‍या है। कर्ज चुकाने का तो उसके पास पैसा नहीं है। लेकिन, गोला-बारूद पर वह दोनों हाथों से खर्च करने के लिए तैयार है।

पाकिस्तान अपने खर्च को कम कर रहा है। कुल खर्च 7% घटकर 17.57 ट्रिलियन रुपये हो गया है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अच्छी नहीं चल रही है। 2024 में दक्षिण एशियाई देशों की विकास दर 5.8% थी। 2025 में 6.0% की उम्मीद है। पाकिस्तान इससे विकास दर के आसपास भी नहीं है।

पिछले वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान ने रक्षा के लिए 2.12 ट्रिलियन रुपये रखे थे। इसमें से 2 अरब डॉलर हथियार और अन्य सामान खरीदने के लिए थे। 563 अरब रुपये सैन्य पेंशन के लिए थे। यह पैसा रक्षा बजट में नहीं गिना जाता है।

भारत का रक्षा बजट नौ गुना बड़ा
भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान से बहुत बड़ा है। भारत ने 2025-26 के लिए 78.7 अरब डॉलर रखे हैं। यह पिछले साल से 9.5% ज्यादा है। इसमें पेंशन और हथियारों के लिए 21 अरब डॉलर शामिल हैं। यह पाकिस्तान के रक्षा बजट से लगभग नौ गुना ज्यादा है।

भारत अपने रक्षा खर्च को बढ़ा रहा है। पाकिस्तान के साथ संघर्ष के बाद यह फैसला लिया गया है। ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा था। इसमें भारत के रक्षा उद्योग की ताकत दिखी थी। भारत ने अपने हथियार इस्तेमाल किए थे। इससे पता चलता है कि भारत रक्षा तकनीक में आगे बढ़ रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी समूहों को निशाना बनाया था। भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया। इससे पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और सैन्य लक्ष्यों को नष्ट किया गया। भारतीय सेना ने आकाश मिसाइल और डी4 एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी इस्तेमाल किया। इससे पाकिस्तान के कई हवाई हमलों को रोका गया।

ब्रिटेन समेत 5 देशों ने दो इजरायली मंत्रियों को किया बैन

दुनिया के पांच देशों ने इजरायल के दो मंत्रियों को बैन कर दिया है। ये देश- ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और नॉर्वे हैं। इजरायल के जिन मंत्रियों को बैन किया गया है, वो इतामार बेन-ग्विर और बेजेल स्मोट्रिच हैं। धुर दक्षिणपंथी विचारधारा वाले इन मंत्रियों पर मंगलवार को प्रतिबंध का ऐलान किया गया है। बेन-ग्विर और स्मोट्रिच पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोप में बैन लगाया है। इन मंत्रियों पर वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोप में ये कार्रवाई की गई है। ये मंत्री अब इन पांच देशों में यात्रा नहीं कर पाएंगे।

ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और नॉर्वे, ऐसे देश हैं, जिनको अमूमन अमेरिका और इजरायल के गुट माना जाता रहा है। पांचों देशों ने कई मौकों पर इजरायल के लिए समर्थन दिखाया है। इसके बावजूद इन मंत्रियों को बैन किया गया है। इसकी वजह गाजा में इजरायल की आक्रामक नीति को माना जा रहा है। बैन किए गए दोनों मंत्री वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को बढ़ाने के समर्थक हैं। बीते कुछ समय में उन्होंने लगातार फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा भड़काई है।

पांच देशों ने बयान में क्या कहा
ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और नॉर्वे के विदेश मंत्रियों ने मिलकर बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि बेन-ग्विर और स्मोट्रिच ने फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन को बढ़ावा दिया है। इनकी वेस्ट बैंक से फिलिस्तीनियों को जबरदस्ती हटाने और नई इजरायली बस्तियां बनाने की कोशिशें डरावनी हैं। ऐसे में इन दोनों मंंत्रियों पर बैन का फैसला लिया गया है।

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इन प्रतिबंधों के बारे में पहले ही बता दिया गया था। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस कदम को निंदनीय बताते हुए कहा कि इस बारे में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। हम इजरायल की प्रतिक्रिया पर चर्चा करने के लिए अगले हफ्ते मिलेंगे।

दोनों मंत्रियों ने क्या कहा है

इजरायल के वित्त मंत्री स्मोट्रिच ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ब्रिटेन ने उन पर फिलिस्तीनी राज्य को बनने से रोकने के लिए प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद हम अपनी बात पर पूरी तरह से दृढ़ हैं। इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हमने फराओ को हराया, हम स्टार्मर (ब्रिटिश पीएम) की दीवार को भी हराएंगे।

भारतीय अरबपति व‍िदेश के इन शहरों में क्‍यों खरीद रहे प्रॉपर्टी, सिर्फ दिखावा या कुछ और है वजह?

भारतीय अरबपति अब विदेश में खूब प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। खासकर दुबई, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में उनका रुझान बढ़ा है। पिछले पांच सालों में विदेश में लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने का ट्रेंड 22% तक बढ़ गया है। जबकि पहले यह आंकड़ा 10-11% था। लक्ष्मी मित्तल, अदार पूनावाला और रवि रुइया जैसे बड़े नाम भी इसमें शामिल हैं। एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, लग्जरी प्रॉपर्टी अब सिर्फ स्टेटस सिंबल नहीं है। यह एक सोची-समझी निवेश रणनीति का हिस्सा बन गई है। इससे हर साल उनकी संपत्ति बढ़ती है, जीवनशैली बेहतर होती है और निवेश में विविधता आती है। इंडिया लग्जरी रेजिडेंशियल आउटलुक सर्वे 2025 में इसके बारे में जानकारी दी गई है।

इंडिया सोदबीज इंटरनेशनल रियल्टी के डायरेक्टर आकाश पुरी का कहना है कि लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना, निवेशकों को दुनिया भर में पहचान दिलाता है। इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। अमीर भारतीयों की इंटरनेशनल रियल एस्टेट में दिलचस्पी बढ़ने के तीन मुख्य कारण हैं।

ये हैं तीन बड़े कारण
पहला कारण है भरोसेमंद निवेश। लंदन, न्यूयॉर्क और दुबई जैसे शहरों में प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। उदाहरण के लिए 2024 में दुबई के प्राइम लोकेशन में मकानों के दाम 6.8% बढ़े। अनुमान है कि 2040 अर्बन मास्टर प्लान के तहत बुनियादी ढांचे के विकास के कारण 2025 में इनके दाम 15-20% और बढ़ेंगे।

दूसरा कारण है करेंसी में गिरावट से सुरक्षा। डॉलर या पाउंड में खरीदी-बेची जाने वाली प्रॉपर्टी में निवेश करने से भारतीयों को रुपए की वैल्यू में गिरावट से होने वाले नुकसान से बचाव होता है। ये शहर दुनिया भर से टैलेंट, पैसा और कंपनियों को आकर्षित करते हैं। इस वजह से यहां प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ती रहती है।

तीसरा कारण है किराए से होने वाली इनकम। लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में लग्जरी प्रॉपर्टी अच्छे किराएदारों को आकर्षित करती हैं। इनमें बड़े अधिकारी, राजनयिक और इंटरनेशनल छात्र शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए, सेंट्रल लंदन में किराये से सालाना आय अमूमन प्रॉपर्टी की कीमत के 3.5%-4.5% होती है। यह एक बड़ी रकम है।

न‍िवेश रणनीत‍ि का ह‍िस्‍सा
आकाश पुरी के अनुसार, ‘लग्जरी प्रॉपर्टी अब सिर्फ ऊंची हैसियत का प्रतीक नहीं, बल्कि सोची-समझी निवेश रणनीति का अहम हिस्सा बन गई है। इससे साल-दर-साल उनकी पूंजी बढ़ती है, जीवनशैली बेहतर होती है और निवेश पोर्टफोलियो में विविधता भी आती है।’ इसका मतलब है कि अमीर लोग अब सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सोच-समझकर प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं।विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने से उन्हें कई फायदे हो रहे हैं। एक तो उनकी संपत्ति बढ़ रही है, दूसरा उनकी जीवनशैली बेहतर हो रही है और तीसरा उनके निवेश में विविधता आ रही है। इसलिए, यह ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है।

इन कारणों से अमीर भारतीयों का रुझान इंटरनेशनल रियल एस्टेट की तरफ बढ़ रहा है। वे इसे एक सुरक्षित और फायदेमंद निवेश मान रहे हैं।

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