बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब जब्ती में हेराफेरी की थी। इस मामले को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि टीआई शराब जब्त करते हैं और खुद ही मार्केट में बेच देते हैं।
दरअसल, बड़वानी जिले के सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र के आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर नशा मुक्ति अभियान के दौरान जब्त की गई शराब पुलिस के गले की फांस बनती जा रही है। टीआई समेत पांच पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन के बावजूद शुक्रवार को यह मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। उमंग सिंगार ने विधानसभा में स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के सामने कहा, “सेंधवा में टीआई दिलीप पूरी शराब जब्त करते हैं, और खुद ही शराब बेचने लगते हैं। ऐसे टी आई रखे गए हैं।” इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह भी हो रहा है।
शराब का किया था घोटाला
बड़वानी जिले के सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र के अंतर्गत आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर 5 जुलाई को राजस्थान से गुजरात जा रहे एक ट्रक से 545 बॉक्स अंग्रेजी शराब जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में यह आरोप लगे थे कि ट्रक में करीब 1000 बॉक्स शराब थी और पुलिस ने कम शराब जब्त कर शेष बाजार में बेच दी। जब्ती में हेरा फेरी के आरोप लगने पर निमाड़ जोन के डीआईजी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ने सेंधवा ग्रामीण टीआई दिलीप पूरी समेत पांच लोगों को लाइन अटैच कर दिया था। लेकिन इंदौर के आईजी अनुराग ने इस कार्रवाई को नाकाफी मानते हुए पांचो को सस्पेंड कर जांच के आदेश दिए थे।
उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी
इसके बाद क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए पांचों के खिलाफ चोरी और आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि वह इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे। इस मामले की जांच बड़वानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच की प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधितों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

