पहलगाम आतंकी हमले में नया खुलासा हुआ है। आतंकियों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी। हमलावरों की संख्या पांच से सात बताई जा रही है। 26 पर्यटकों की जान लेने वाले ये तीनों दरिंदे पाकिस्तानी हैं और उनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं। इनके कोड नाम मूसा, यूनुस व आसिफ थे और वे पहले से पुंछ में आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं। हमले के बाद आतंकी पीर पंजाल के घने जंगलों की ओर भाग गए, जिनकी तलाश की जा रही है।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकियों का कनेक्शन पाकिस्तान से है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। स्थानीय दहशतगर्दों की मदद से पर्यटकों पर हमले को अंजाम दिया था। हमले के बाद आतंकी पीर पंजाल के घने जंगलों में गायब हो गए।
आतंकियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन और हेलीकॉप्टर से लगे हैं। अभी तक आतंकियों का कुछ पता नहीं चल पाया है। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अलर्ट है। वहीं हमले में मारे गए लोगों के शवों को उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। हमले का देशभर में विरोध हो रहा है।
स्थानीय आतंकियों ने भी दिया साथ
जानकारी के अनुसार, पहलगाम के बायसरन में हुए हमले में पांच से सात आतंकवादियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण हासिल किया। इन्हें दो स्थानीय आतंकवादियों से भी मदद मिली। अभी तक हुए जाँच और मिले सबूतों के आधार पर अधिकारियों ने बताया कि मृतक पर्यटकों में से एक की पत्नी की ओर से की गई पहचान के आधार पर बिजबेहरा निवासी आदिल थोकर उर्फ आदिल गुरी की भूमिका सामने आई है।
2018 में पाकिस्तान गया था आदिल
अधिकारियों का मानना है कि आदिल थोकर 2018 में पाकिस्तान गया था। वहां उसने प्रतिबंधित लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) आतंकवादी संगठन के साथ सशस्त्र प्रशिक्षण लिया और फिर हमलों को अंजाम देने के लिए भारत में घुसपैठ की। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों को कम से कम छह से सात तस्वीरें दिखाई गई। इनमें से एक में आदिल की पहचान उस आतंकवादी के रूप में हुई, जो गोली चला रहा था। उन्होंने बताया कि घटना के बाद आतंकवादी पीर पंजाल के घने देवदार के जंगलों में गायब हो गए।
आतंकी बॉडी कैमरा लगाए थे
अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि आतंकवादी अपने बर्बर कृत्य को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरा लेकर आए थे। जांच से पता चला है कि मंगलवार को बायसरन मैदान में चार आतंकवादियों ने पर्यटकों को पंक्तिबद्ध कर नजदीक से गोलियां चलाई। वहीं कम से कम एक से तीन आतंकवादी निकटवर्ती सुरक्षाबलों पर नजर रखने के लिए रणनीतिक रूप से तैनात थे।
लोगों से पूछताछ जारी- अधिकारियों ने बताया कि दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई है। वहीं इस जघन्य अपराध के वास्तविक अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। उनकी तलाश में सुरक्षा एजेंसियां लगी हैं।
पहचाने गए तीनों दरिंदे
पहलगाम में जिन तीन आतंकियों ने भयावह हमले को अंजाम दिया था, उनके स्केच सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को जारी किए। 26 पर्यटकों की जान लेने वाले ये तीनों दरिंदे पाकिस्तानी हैं और उनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं। इनके कोड नाम मूसा, यूनुस व आसिफ थे और वे पहले से पुंछ में आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं। जबकि अनंतनाग के बिजबेहरा का एक स्थानीय निवासी आदिल गुरी जो 2018 में पाकिस्तान गया था, और पुलवामा का निवासी अहसान की भी पहचान की गई है, ये 2018 में ही पाकिस्तान गया था।
सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी हमले के प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से ये स्केच तैयार कराए हैं। इन स्केच से इनकी उम्र कम और इनके युवा होने का अंदाजा लगता है। तीनों ने दाढ़ी भी रखी है। तीनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े हैं। इसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
सैलानी सदमे में, स्थानीय लोग जीविका के लिए बेचैन
पहलगाम की घटना के खिलाफ जम्मू से श्रीनगर तक और अनंतनाग से पुलवामा, पांपोर, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ तक एक जैसा माहौल नजर आ रहा है। सैलानी सदमे में हैं तो स्थानीय लोग अपनी जीविका छिनने की आशंका में बेचैन नजर आ रहे हैं। लेकिन, सबकी चाह एक ही है कि इस बार हिसाब कुछ ऐसा होना चाहिए आगे पाकिस्तान व आतंकी कभी ऐसा दुस्साहस न कर पाएं।
उड़ानें हुई रद्द
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रैवल एजेंसियों ने आंकड़ा जारी कर बताया कि आतंकी हमले के बाद 90 फीसदी जम्मू की फ्लाइट्स को लोगों ने रद्द कर दिया है। एविएशन मिनिस्ट्री की मानें तो 23 अप्रैल की सुबह से दोपहर तक 20 फ्लाइट्स में से 3,337 यात्री श्रीनगर से वापल अपने घर लौटे है। इस दौरान यात्रियों ने इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट की फ्लाइट पकड़कर घर वापसी की है। सिर्फ पहलगाम ही नहीं बल्कि अन्य जगहों से भी यात्री घर लौट रहे है।
पर्यटन वाहन की एंट्री पर रोक
जम्मू कश्मीर की कुल इकोनॉमी में पर्यटन आठ फीसदी की भागीदारी देता है। वर्ष 2024-25 में राज्य की जीडीपी सात फीसदी की दर से आगे बढ़ रही थी। इसमें सबसे तेज गति से पर्यटन आगे बढ़ रहा था । आतंकियों ने बैसरन में 28 पर्यटकों को आतंकियों ने उन लोगों को निशाना बनाया जो गैर मुस्लिम थे। आतंकी हमले में स्थानीय युवक की मृत्यु की भी खबर है। पर्यटकों को बचाने में युवक को आतंकियों ने गोली मार दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैसरन में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम में लगभग सभी होटल खाली हो गए है। पहलगाम में किसी भी नए पर्यटक वाहन को एंट्री नहीं दी गई है।