इंदौर में एमबीए छात्रा की हत्या में झकझोर देने वाला सच बाहर आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को ऐसा बयान दिया, जिसके आगे हैवानियत, हवस, वहशीपन जैसे कठोर शब्द भी बौने लगे…
इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में 10 फरवरी की शाम एक साधारण से किराए के कमरे में असाधारण घटना घटी. हैवानियत, हवस, वहशीपन जैसे कठोर शब्द भी उस घटना के आगे बौने से लगने लगे. वाकये ने पूरे इंदौर को झकझोर दिया. ये हाल तब था, जब लोगों को इस पूरी घटना का आधा सच ही पता चला था. जब आरोपी पकड़ा गया और पूरा सच बाहर आया, तब उस पुलिसकर्मी के आंसू भी निकल आए, जो बयान लिख रही थी.
10 फरवरी की रात ही एक MBA छात्रा भी लापता हो गई थी. ये वही छात्रा थी, जिसकी निर्वस्त्र लाश द्वारकापुरी में किराए के कमरे में मिली थी. 10 फरवरी को वो पिता के साथ आधार कार्ड ठीक कराने निकली थी. पिता ने उसे कलेक्टोरेट के पास छोड़ दिया था. थोड़ी देर बाद उसने छोटी बहन को फोन किया, कहा, “पीयूष के साथ बर्थडे पार्टी में जा रही हूं, रात 11 बजे तक लौट आऊंगी.” लेकिन, वह फिर कभी नहीं लौटी.
सोच लिया था, सबकुछ खत्म कर दूंगा…
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीयूष धामनोतिया छात्रा का क्लासमेट था और वो कमरा भी पीयूष का ही था, जहां उसकी लाश मिली थी. दरअसल, छात्रा की हत्या की गई थी. इसका आरोपी पीयूष ही था, जो घटना के बाद से फरार था. पुलिस ने उसको गोवा से महाराष्ट्र जा रही ट्रेन में पकड़ा था. उसने गोवा में रहते हुए मृत छात्रा का मोबाइल खोला था, जिससे पुलिस को लोकेशन मिल गई थी. पकड़े जाने के बाद पीयूष ने बताया, छात्रा करीब 15 दिन से उससे बातचीत नहीं कर रही थी. इसी बात से वह परेशान था. उसने सोच लिया था कि अब वह सब कुछ खत्म कर देगा.
ढाई घंटे तक कमरे में हैवानियत चली…
पीयूष ने पुलिस को बताया, 10 फरवरी को वह छात्रा के साथ अपने कमरे में गया. कमरे में घुसते ही उसने मेडिकल स्टोर से लाई हुई सेक्स पावर बढ़ाने की टैबलेट निगल ली. वह छात्रा से संबंध बनाना चाहता था, लेकिन उसने मना किया. कहा, “मेरी तबीयत ठीक नहीं है.” पर, पीयूष ने नहीं सुना. ढाई घंटे तक वह कमरे में रहा. जबरदस्ती, चीखें, हाथ-पैर बांधना, आंखों पर पट्टी, मुंह में कपड़ा ठूंसना जैसी हरकतें हुईं. फिर उसने उसके सीने पर बैठकर छात्रा का गला दबाया. जब सांसें थम गईं, तो उसने चाकू चलाया, पर चाकू टूट गया.

