🔹ईनाम के हक़दार
रतलाम पुलिस के एक उप निरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी और एक आरक्षक राहुल जाट को इनाम के बतौर आउट आफ टर्न पदोन्नति प्रदान की गई।ये दोनों इसके हकदार भी हैं, पांच लाख के ईनामी आतंकवादी को इनकी सूझबूझ से ही गिरफ्तार किया जा सका था। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत शेरनीपुरा में 2 अप्रैल 2025 को प्रतिबंधित आंतकी संगठन अलसुफा का सदस्य एवं एनआईए द्वारा 5 लाख का ईनामी घोषित फरार आरोपी फिरोज उर्फ सब्जी की गिरफ्तारी मेंउप निरीक्षक सत्येन्द्र रघुवंशी एवं कावा प्रआर. राहुल जाट की भूमिका अहम थी।
🔹नाटक बन रही जनसुनवाई
सरकार तो चाहती है जनसुनवाई में ही लोगों की समस्या का त्वरित निराकरण हो जाए लेकिन अधिकांश जिलों में यह पूरी तरीके से औपचारिकता बनकर रह गई है।कई बार तो अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई में बदलसूकी की जाती है ।
हरदा में ग्राम ताजपुरा के बुजुर्ग भागवत सिंह जमीन विवाद की शिकायत लेकर कई बार आए, लेकिन उनकी समस्या हल नहीं हुई तो कलेक्टर की जनसुनवाई में आते ही सभाकक्ष में फर्श पर बैठ गए. वह अधिकारियों से अपनी जमीन दिलाने की मांग करने लगे। अधिकारियों ने उनकी बात सुनने की बजाय उन्हें जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकाला दिया।
🔹नाम तो मनीष सिंह का ही आएगा
कुछ अधिकारी अपने काम से ऐसा इतिहास भी रच जाते हैं जिसे चाह कर भी भुलाया नहीं जा सकता। आइएएस मनीष सिंह निगमायुक्त और कलेक्टर रहते इंदौर में ऐसा ही कुछ कर के गए हैं। महापौर रहीं मालिनी गौड़ को यदि इंदौर का पहला स्वच्छता अवार्ड दिलाने का श्रेय दिया जाता है तो उसके पीछे निगमायुक्त मनीष सिंह रहे। कलेक्टर बने तो बायो सीएनजी का वह प्लांट स्थापित करा गए जिसकी बदौलत आठवीं बार भी इंदौर नंबर वन रहा है। जहां तक इस प्लांट की स्थापना की बात है तो जब इसकी स्थापना के लिए भारी भरकर राशि का खुलासा हुआ थआ तब आज के उन कई जनप्रतिनिधियों ने माल खाने जैसे आरोप भी उछाले थे जो अब अवार्ड का जश्न मनाने में आगे हैं।
🔹एक जैसा रंग और बोर्ड भी, और दर्शन का क्या
उज्जैन में महाकाल सवारी मार्ग विकास योजना के तहत जो कार्य होंगे उससे सवारी मार्ग के भवनों के एक रंग और दुकानों के बोर्ड एक समान होंगे। वहीं मार्ग पर वृद्ध एवं दिव्यांगजन हेतु स्थान का निर्धारण सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं हो जाएंगी। यह बात महाकाल सवारी मार्ग हेरिटेज स्ट्रीट विकास योजना की बैठक में महापौर मुकेश टटवाल ने कही।रंग और बोर्ड एक तरह के करने के बाद भी आम श्रद्धालुओं को आसानी से सवारी दर्शन हो ही जाएंगे, ये गारंटी तो महापौर तो क्या खुद कलेक्टर रोशन सिंह भी नहीं दे सकते।
🔹ढाकोनिया की सलाह टाल दी
वरिष्ठ एडवोकेट (स्व) पीके शुक्ला को हाईकोर्ट जज बनाने का प्रस्ताव भी मिला था लेकिन उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई।केंद्र में नरसिंहराव पीएम और वीसी शुक्ला मंत्री थे। शुक्ला के खास थे समाजवादी नेता मोहन ढाकोनिया (उस्ताद)। ढाकोनिया ने वीसी के माध्यम से शुक्ला का नाम फायनल करवाया । शुक्ला को पता चला तो उन्होंने जज बनने की अपेक्षा प्रेक्टिस अच्छी चलने का हवाला देकर इंकार कर दिया। शुक्ला से पहले जबलपुर के विवेक तनखा को भी ऐसा ही प्रस्ताव मिला था, उन्होंने भी यही कारण बता कर जज बनाए जाने के प्रस्ताव में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
🔹कुत्तों को मतलब नहीं नंबर वन से !
स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर सतत आठवीं बार इंदौर नंबर वन रहा है लेकिन लगता है शहर के आवारा डॉग को इसकी खुशी नहीं है। शायद ही कोई दिन जाता हो जब शहर में कहीं ना कहीं डॉग बाइट की घटना नहीं होती हो। ऐसी घटनाओं को रोकने की गंभीरता नगर निगम ने दिखाई नहीं शायद इसीलिये स्ट्रीट डॉग को ऐसे किसी अवार्ड की खुशी भी नहीं है। रही निगम अमले की बात तो उन्हें कौन समझाए कि सतत अवार्ड के बाद अंतराष्ट्रीय पटल पर इंदौर की जो रैंकिंग बढ़ी है उसके चिंदे-चिंदे करने में ऐसी घटनाएं देर नहीं लगाती।
🔹फोटो जर्नलिस्ट की सजगता से जान बची
हाटपीपल्या गांव की आशाबाई पति धर्मेंद्र बागरी जमीन विवाद को लेकर त्रस्त हो गई थी। देवास में कलेक्टर ऋतुराज सिंह के पास फरियाद लेकर पहुंची थी लेकिन कलेक्टोरेट की छत से कूदने ही वाली थी कि फोटो जर्नलिस्ट मयूर व्यास की महिला पर नजर पड़ी और उन्होंने दौड़ कर उसे रोका । मयूर व्यास की सजगता से महिला की जान तो बच गई लेकिन देवास प्रशासन की उदासीनता भी चर्चा का विषय बन गई।
🔹खीर-पूरी नहीं सेंव परमल !
रतलाम के गांव लालगुवाड़ी के प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को उम्मीद थी मध्याह्न भोजन में आज तो खीर-पूरी की लेकिन उनकी थाली में परोस दिए सेंव-परमल। बात पहुंच गई जिला पंचायत सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव तक।उन्होंने मध्याह्न भोजन के कार्यक्रम समन्वयक के साथ ही स्कूल स्टॉफ को नोटिस सर्व कर दिया।
🔹हीरो तो पर्दे के पीछे है
अपर आयुक्त अभिलाष सिंह उन अधिकारियों में से हैं जो अपने काम से मतलब रखते हैं। आठवीं बार इंदौर के नंबर वन रहने के ‘हल्ला हो हल्ला…’ पर्दे के पीछे उनकी बायो सीएनजी और नेफ्रा प्लांट पर सतत मॉनिटरिंग और निगमायुक्त शिवम वर्मा का उनके प्रति विश्वास का ही परिणाम है।दिल्ली में अवार्ड सेरेमनी के मंच पर जब वो नजर नहीं आए तो स्वच्छता अभियान से जुड़े नगर निगम अमले को निराशा भी हुई।मायूस स्टॉफ को यह बाद में पता चला कि राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल में पहले से निर्धारित रहता है कि अवार्ड सेरेमनी के मंच पर कितने अधिकारी अवार्ड लेने पहुंचेंगे।यही वजह थी कि विभागीय मंत्री, महापौर और निगमायुक्त ही मंच पर पहुंचे थे।
🔹तारीफ के पुल पर बयान की घातक मिसाइल !
मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने जीतू पटवारी को अब तक का सबसे उत्तम अध्यक्ष बताते हुए तारीफों के पुल क्या बांधे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने बयान की घातक मिसाइल दाग कर ये पुल ढहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सुलझे विचारों वाले नायक को यादव ने चाटुकार कहने के साथ आरोप की ये आतिशबाजी भी कर डाली कि मीडिया विभाग अध्यक्ष ने जिलों में जिन लोगों को जिम्मेदारी दी है उसके पीछे लेनदेन का खेल है।
यादव की इस बात को खुन्नस निकालने वाले कांग्रेस के अन्य नेता भी उनकी इस बात से सहमत हैं कि यदि पटवारी अब तक के सबसे बढ़िया प्रदेश अध्यक्ष हैं तो मप्र में पार्टी को मजबूत बनाने वाले रविशंकर शुक्ल,भगवंत राव मंडलोई,कैलाश नाथ काटजू,द्वारका प्रसाद मिश्र, श्यामाचरण शुक्ल, प्रकाशचंद्र सेठी, अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुभाष यादव , कांति लाल भूरिया अरुण यादव का पार्टी अध्यक्ष के रूप में कोई योगदान नहीं है। यादव ने नायक की दिल्ली तक शिकायत करने के साथ ही पार्टी से बाहर करने की मांग भी कर डाली है।

