रायसेन
रायसेन शहर की मंडी इन दिनों धान की बंपर आवक से भरा गई है। इसलिए भोपाल रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 146 रोड पर गुरुवार शाम को लगभग डेढ़ किलोमीटर तक धान से भरी ट्रॉलियों की लाइन लगी रही। जिससे रुक रुक कर जाम की स्थिति बनी रही और इस जाम को खुलवाने में यातायात विभाग द्वारा काफी मशक्कत की गई। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
इन दिनों शहर की मंडी में हो रही धान की बंपर आवक के चलते रोज दूर-दूर से किसान अपनी धान की फसल लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंच रहे हैं। जिससे शहर की सड़कों पर धान की ट्रॉलियों ही नजर आ रही हैं। लगभग रोज 600 से 700 ट्राॅली रही हैं। पर 1 दिन में इतनी ट्रॉलियों की नीलामी नहीं होने के कारण किसानों को दो-दो दिन तक नीलामी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
मंडी परिसर चारों तरफ से धान के बोरों से भरा चुका है। जिस कारण अब धान की मंडी में तुलाई के लिए जगह कम पड़ने लगी है। रायसेन मंडी के व्यापारियों और कंपनियों द्वारा बड़ी मात्रा में धान की खरीदारी की जा चुकी है। मंडी सचिव डीसी लड़िया द्वारा मंडी परिसर से जल्द से जल्द अपने धान के बोरे उठवाने के लिए व्यापारियों को निर्देश भी दिए हैं।
किसानों की समस्या
सीहोरा से अपनी 30 क्विंटल धान लेकर पहुंचे किसान दीपक धाकड़ ने बताया गुरुवार को अधिक आवक होने के कारण शाम 4:30 बजे ही नीलामी बंद हो गई थी। जिससे लगभग 200 ट्रॉलियों की नीलामी नहीं हो पाई थी। इस कारण कल से लगने वाली 3 दिन छुट्टी के चलते किसानों को तेज सर्दी में ही रात बिताना पड़ती। इस कारण सभी किसानों ने इकट्ठा होकर विरोध जताते हुए मंडी सचिव डीसी लड़िया के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताएं इस पर से मंडी सचिव द्वारा कल भी नीलामी होने का आश्वासन देते हुए किसानों का गुस्सा शांत कराया।
रायसेन जिला बना धान का गढ़ जिले में लगभग 2 लाख हेक्टेयर में किसानों द्वारा धान की फसल की जाती है। और रायसेन मंडी में व्यापारी और बाहर की कंपनियों द्वारा अच्छे रेट धान खरीदी जाती है। जिससे किसानों को फायदा होता है।
लगभग 8 साल से रायसेन जिले भर में 70 परसेंट किसानों द्वारा धान की फसल की जाने लगी है। रायसेन की मंडी में आसपास जिलों से भी किसान अपनी धान की फसल लेकर पहुंचते हैं। और जिलों की मंडी के माफिक रायसेन की मंडी में मिलता है अच्छा दाम इसी कारण से शहर की मंडी में रोज 600-700 धान की ट्रॉलियों पहुंच रही हैं।

