एक नजर आज के बड़े इवेंट्स पर।
- रोजगार मेले के तहत पीएम मोदी आज सरकारी विभागों और संस्थानों में 51 हजार से ज्यादा नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।
- पहलगाम हमले के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आज मेरठ ‘बंद’
1. भारत को मिला अमेरिका का समर्थन, तुलसी का खुला ऐलान
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने पहलगाम हमले के बाद भारत के समर्थन की बात कही है। उन्होंने कहा कि भारत पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की तलाश कर रहा है और अमेरिका इसमें उसका साथ देगा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला करते हुए 26 लोगों को मार डाला है। इस हमले में मारे गए ज्यादातर लोग पर्यटक थे। पहलगाम में हुए हमले को 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला माना जा रहा है। इस पर तुलसी की प्रतिक्रिया आई है।

तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा, ‘हम पहलगाम में 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर किए गए भीषण इस्लामी आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता से खड़े हैं। मेरी प्रार्थनाएं और गहरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों के साथ हैं और इस जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने में आपका समर्थन करते हैं।’
ट्रंप भी कर चुके मोदी से बात
इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात करते हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की जानकारी ली थी। डोनाल्ड ट्रंप ने भी पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की है। ट्रंप ने पहलगाम के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने में भारत के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने भी अपने बयान में कहा कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है।
पहलगाम आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान से चलने वाले लश्कर तैयबा से जुड़े गुट का हाथ होने की बात सामने आई है। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच भी तनाव बढ़ गया है। वहीं भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पहलगाम के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। भारत ने पाकिस्तान पर नकेल कसने के लिए कई कदम उठाए भी हैं।
2. बीएलए का पाकिस्तानी सेना पर एक और बड़ा हमला
पाकिस्तान के क्वेटा शहर में शुक्रवार को सेना के काफिले को निशाना बनाया गया है। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के मार्गट इलाके में सैन्य वाहन के पास हुए धमाके में पाक फौज के दस जवान मारे गए हैं। बम निरोधक दस्ते को निशाना बनाकर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से हमला किया गया। इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है।
क्वेटा में इस धमाके बाद शुरुआत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (एफसी) के चार कर्मियों की मौत हुई है। शुक्रवार देर रात बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि उनके हमले में दस सैन्य कर्मियों की मौत हुई है। जीयंद बलूच ने कहा कि क्वेटा के मार्गट में रिमोट कंट्रोल से IED हमला करके पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में सैन्य वाहन पूरी तरह से नष्ट हो गया और उसमें सवार सभी दस जवान मारे गए।
आगे भी करेंगे हमले: BLA
बलूच लिबरेशन आर्मी ने क्वेटा में हमले की जिम्मेदारी लेते हुए आगे भी इस तरह के अटैक करने की बात कही है। बीएलए ने कहा है कि दुश्मन सेना (पाक फौज) के खिलाफ हमारा अभियान तीव्रता के साथ जारी रहेगा। बीएलए का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार सेना बलूचिस्तान के लोगों का दमन करती है। ऐसे में वह अपने लोगों की आजादी के लिए लड़ रही है।
बीएलए ने हाल के दिनों में पाक फौज पर हमले तेज किए हैं। हाल ही में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को अगवा कर बीएलए ने पाकिस्तान की सेना और सरकार को हिला दिया था। पाकिस्तानी सेना ने बीएलए के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है लेकिन उसे कोई कामयाबी मिलती नहीं दिखी है। पाक फौज बीएलए के सामने बेबस दिखी है।
3. पिता के खून से सने कपड़े पहनकर बेटी ने दी मुखाग्नि,पहलगाम अटैक में गम और गुस्से की ये 6 तस्वीरें
पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले लोगों के शव जब घर पहुंचे तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। किसी की बेटी ने खून से सने कपड़े पहनकर अंतिम विदाई दी तो कहीं मृतक के नाबालिग बेटे ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी। ये मंजर जिसने भी देखा, उसका दिल रो पड़ा। अंतिम संस्कार के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे।
हसीन सपने लेकर लोग ‘जन्नत’ (कश्मीर) घूमने गए थे, लेकिन अफसोस आतंकियों ने बेगुनाह पर्यटकों को निशाना बना लिया। आतंकियों ने 26 लोगों की सिर्फ जान नहीं ली, बल्कि अपनी कायराना हरकत से 26 परिवारों को हमेशा के लिए दर्द दे गए। पहलगाम टेरर अटैक के बाद देशभर के लोगों में गम और गुस्सा है।
बेटी ने पिता की अर्थी को दिया कंधा
पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले पुणे के संतोष जगदाले की बेटी ने खून से सने वही कपड़े पहनकर अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, जो उन्होंने हमले के समय पहन रखे थे। संतोष की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और उन्होंने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।
कलमा सुनने के बाद कपड़े भी उतरवाए
इंदौर से करीब 200 किलोमीटर दूर अलीराजपुर के सुशील नथानियल (58) को इंदौर के कैथोलिक कब्रिस्तान में दफनाया गया। नथानियल की घायल बेटी आकांक्षा व्हीलचेयर पर कब्रिस्तान पहुंचीं और अपने पिता को अंतिम विदाई दी। आतंकियों ने सुशील की बेटी आकांक्षा के पैर में गोली मारी थी। सुशील के बेटे ऑस्टिन ने बताया कि जो कलमा पढ़कर सुना रहा था, आतंकी उसके कपड़े उतारकर चेक कर रहे थे। नथानियल भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंधक के रूप में पदस्थ थे। वह अपने पूरे परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे।
9 साल के बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि
ओडिशा के बालासोर जिले के प्रशांत सत्पथी को भी आतंकियों ने मार डाला। प्रशांत के 9 साल के बेटे तनुज ने उन्हें मुखाग्नि दी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और बालासोर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी समेत सैकड़ों लोग शव यात्रा के दौरान तनुज के साथ उनके घर से लगभग एक किलोमीटर दूर रेमुना ब्लॉक के इशानी गांव में स्थित श्मशान भूमि तक गए। प्रशांत (41) ‘सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ के कर्मचारी थे। वे अपनी पत्नी और बेटे के साथ छुट्टियों में जम्मू कश्मीर के पहलगाम गए थे।
IB अधिकारी का शव देख रो पड़े पिता
आतंकी हमले में जान गंवाने वाले खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी मनीष रंजन के सम्मान में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा कस्बे में बृहस्पतिवार को हजारों लोगों ने एक विशाल तिरंगा लेकर मार्च निकाला। झालदा में 3,000 से अधिक शोक संतप्त लोग ‘अमर रहे’ के नारे लगाते हुए रंजन की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम संस्कार के दौरान मनीष के पिता फफककर रो पड़े।
शैलेश को गोली मारकर हंस रहे थे आतंकी
गुजरात के सूरत जिले के निवासी शैलेश कलाथिया की पत्नी ने बताया कि उनके पति को गोली मारकर आतंकी हंस रहे थे। कलाथिया के अलावा इस हमले में गुजरात के 2 लोग और मारे गए। इनमें यतीश परमार और उनके बेटे स्मित परमार भी शामिल हैं। दोनों भावनगर के रहने वाले थे। तीनों मृतकों का उनके पैतृक स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया।
4. वक्फ एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का हलफनामा,केंद्र ने वक्फ एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है। यह हलफनामा वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के लिए है। सरकार का कहना है कि कोर्ट कानून की समीक्षा कर सकता है, लेकिन सिर्फ कुछ खास आधारों पर। जैसे कि कानून बनाने की शक्ति किसके पास है और क्या यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाएं गलत धारणा पर आधारित हैं कि संशोधन धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को छीन लेते हैं।
‘वक्फ संपत्तियों का किया गया दुरुपयोग’
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वक्फ अधिनियम में संशोधन एक संसदीय पैनल द्वारा गहन अध्ययन के बाद लाए गए थे। सरकार ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग करके निजी और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण किया गया है। सरकार के अनुसार, मुगल काल से पहले, आजादी से पहले और आजादी के बाद कुल 18,29,163.896 एकड़ वक्फ संपत्ति बनाई गई थी।
सरकार ने हलफनामे में कहा कि चौंकाने वाली बात यह है कि 2013 के बाद वक्फ भूमि में 20,92,072.536 एकड़ की वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि विधायिका द्वारा बनाए गए कानून को बदलना सही नहीं है।
‘कानून पर रोक लगाना ठीक नहीं’
हलफनामे में कहा गया है कि संसद ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में काम किया कि वक्फ जैसे धार्मिक न्यासों का प्रबंधन सही तरीके से हो। सरकार ने कहा कि बिना सोचे-समझे रोक लगाना सही नहीं है, क्योंकि कानून की वैधता पर संदेह नहीं किया जा सकता।
‘धार्मिक आजादी को छीनने की धारणा गलत’
सरकार ने आगे कहा कि वक्फ कानून की वैधता को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के प्रयास न्यायिक समीक्षा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं। सरकार ने कहा कि कोर्ट को सिर्फ कानून बनाने की शक्ति और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर ही किसी कानून की समीक्षा करनी चाहिए। सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाएं इस गलत धारणा पर आधारित हैं कि संशोधन धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को छीन लेते हैं।
5. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लगाई फटकार, जानें क्यों
सावरकर पर टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अदालत ने उनके बयान पर फटकार लगाते हुए कहा है कि स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक न उड़ाएं। फिर अगर ऐसा बयान दिया तो इस मामले पर संज्ञान लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए राहुल गांधी से कहा कि आपको स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। आप राजनेता हैं, ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान न दें।
हाईकोर्ट ने समन रद्द करने से किया था इनकार
दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ मजिस्ट्रेट अदालत ने इस मामले में समन जारी किया था। इस समन के विरोध में राहुल ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अदालत ने लगाया था 200 रुपये का जुर्माना
बता दें कि पेशे से वकील लखनऊ निवासी नृपेंद्र पांडे ने राहुल के खिलाफ केस दायर किया है। उनकी याचिका पर लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने उन पर यह कार्रवाई लगातार पेशी से गायब रहने के लिए की थी। कोर्ट ने उन्हें हाजिर होने को लेकर चेतावनी भी जारी की थी।
राहुल गांधी ने सावरकर पर क्या की थी टिप्पणी?
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 17 दिसंबर 2022 को वीर सावरकर पर विवादित बयान दिया था। वीर सावरकर को राहुल गांधी ने अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला बताया था।
पाकिस्तान की मर्जी के बिना टूट सकता है सिंधु जल समझौता…
इस्लामाबाद: कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी चरम पर है। भारत ने पाकिस्तान पर नकेल कसने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इसमें सिंधु जल समझौते को निलंबित करना शामिल है। भारक के इस समझौता से अलग होने के फैसले पर पाकिस्तान ने गुस्से का इजहार करते हुए कहा है कि कोई भी पक्ष इस समझौते से अकेले बाहर नहीं निकल सकता है। इस समझौते में कोई भी बदलाव भारत और पाकिस्तान दोनों की मर्जी से ही हो सकता है। दूसरी ओर सामरिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि भारत अकेले ही सिंधु जल समझौते को तोड़ सकता है। ये कानूनी तौर पर संभव है।भारत के सिंधु जल समझौते से बाहर आने के ऐलान पर पाकिस्तान बुरी तरह भड़का हुआ है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत अकेले इस समझौते से बाहर नहीं आ सकता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहलगाम की घटना के बाद भारत के कदमों को गैरजिम्मेदाराना कहा है।
ब्रह्मा चेलानी ने अपने एक ट्वीट में बताया है कि भारत के पास सिंधु जल संधि (IWT) से कानूनी रूप से बाहर निकलने का विकल्प मौजूद है। वियना कन्वेनशन ऑफ लॉ ट्रीटीज (VCLT) के आर्टिकल-60 के मुताबिक अगर दूसरा पक्ष संधि का उल्लंघन करता है तो कोई भी देश इस संधि से हट सकता है या उसे निलंबित कर सकता है। ऐसे में भारत इस संधि से हट सकता है
भारत ने समझौता सिर्फ स्थगित किया: चेलानी
चेलानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून में यह भी कहा गया है कि अगर परिस्थितियां बदलती हैं तो संधि से हटा जा सकता है। यह VCLT के अनुच्छेद-62 में बताया गया है। हालांकि भारत परिस्थितियों में बदलाव और उल्लंघन दोनों का हवाला देने के बावजूद IWT से हटा है। इसके बजाय भारत ने सिर्फ IWT को स्थगित करने का फैसला किया है। अंतर्राष्ट्रीय कानून में इस शब्द यानी स्थगित को औपचारिक रूप से परिभाषित नहीं किया गया है।
चेलानी के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार IWT की शर्तों को बदलने के लिए भारत से बात नहीं कर रही है, यह एक तरह उल्लंघन है क्योंकि IWT के अनुच्छेद X11(3) में शर्तों को बदलने की बात कही गई है। भारत सरकार ने पाकिस्तान के भौतिक उल्लंघन को सिंधु जल संधि की शर्तों को संशोधित करने के लिए भारत के साथ वार्ता में शामिल होने से पाकिस्तानी सरकार के इनकार से जोड़ दिया है।
सिंधु समझौता क्या है
सिंधु जल समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों का बंटवारा करता है। इस संधि के मुताबिक, सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी पाकिस्तान को देना तय किया गया। वह रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का पानी भारत को दिया गया। इस संधि में दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत करने और साइट के मुआयने का भी प्रावधान है। ये संधि कई युद्ध के बावजूद भारत और पाकिस्तान में बनी रही है।
चर्चा में रहीं ये 5 बड़ी खबरें
1. तालिबान ने पहलगाम पर पाकिस्तान को दिखाया आईना…
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