अग्नि आलोक

101 वर्षीया वृद्धा ने किया नेत्र दान:5 बुजुर्गों की आंखें 10 लोगों की अंधेरी जिंदगी में करेंगी उजियारा

Share

इंदौर

देह दान और नेत्र दान को लेकर लोग लगातार जागरूक हो हो रहे हैं। पिछले 24 घंटे में दो बुजुर्गों के परिजन ने उनकी देह दान की है। ऐसे ही इन दोनों सहित पांच बुजुर्गों की मृत्यु उपरांत उनके नेत्र दान भी किए गए हैं। खास बात यह कि नेत्र दान करने वालों में 101 वर्षीया वृद्धा भी है। नेत्र दान में इंदौर में संभवत: यह पहला मौका है कि इतनी वयोवृद्ध महिला के नेत्र दान किए गए हैं।

पांच लोगों के नेत्र दान करने से 10 लोगों की अंधेरी जिंदगी में उजियारा होगा जबकि दो देह दान के मामले में मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स अध्ययन करेंगे।जिन दो बुजुर्गों की देहदान की गई है उनकी उम्र 70 वर्ष से ज्यादा है। इनमें से एक मनोहर किंगरानी (74) निवासी इंदौर है जबकि दूसरे बुजुर्ग के परिवार ने निजी मामला बताते हुए नाम साझा नहीं किया।

वे भी इंदौर के ही रहने वाले हैं। इनकी देह के साथ नेत्र व त्वचा भी दान की गई है। अन्य तीन लोगों के जो नेत्रदान किए गए हैं उनके नाम उनके नाम स्व. चंद्रावती मल्होत्रा (101), माया देवी आजाद व जानकी देवी सितलानी तीनों निवासी इंदौर हैं।

पोती ने दादी का संकल्प कराया पूरा

स्व. चंद्रावती के पति का निधन हो चुका है जबकि दो बेटियां, बहू व उनका परिवार है। पोती पूजा ने बताया कि दादी की उम्र 101 वर्ष थी तथा कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब था। इसके बावजूद उनकी आंखें अच्छी थी। उनकी इच्छा थी कि मृत्यु पश्चात मेरे नेत्र दान किए जाए जिसके चलते उनका संकल्प पूरा किया गया।

पिछले हफ्ते हुई थी दो बुजुर्गों की देह दान

इसके पूर्व पिछले हफ्ते स्व. हिम्मतलाल जैन निवासी कालानी नगर व एक अन्य बुजुर्ग की मौत हो गई। दोनों के परिजन ने भी उनकी नेत्र व आंखें दान किए हैं। इस तरह करीब 10 दिनों में तीन देह दान की गई हैं और 14 नेत्रदान किए गए। ये देह अरबिंदो मेडिकल कॉलेज व सुख सागर मेडिकल कॉलेज, जबलपुर को दान की गई है। यहां मेडिकल स्टूडेंट्स देह पर अध्ययन करेंगे। इनमें से छह मामलों में मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के सेवादार जीतू बगानी व संदीपन आर्य ने समन्वय किया और संबंधित परिवारों की काउंसलिंग की। एक देह दान दधीचि संस्था के माध्यम से की गई है।

Exit mobile version