*अपराधी किस्म के अधिकारियों को भी लूप लाइन में भेजा जाएगा*
*जेल आईजी वरुण कपूर से वरिष्ठ संवाददाता अख्तर हुसैन की बातचीत*
इंदौर। मध्य प्रदेश की जेल की अव्यवस्थाएं ,लगातार जेलों से बंदियों के फरार होने तथा हत्या जैसे संगीन अपराधों में लिप्त अधिकारियों के पदोन्नति होने सहित कई सवालों को लेकर मध्य प्रदेश के जेल आईजी वरुण कपूर से इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार अख्तर हुसैन की लंबी बातचीत हुई। जिसमें उन्होंने खंडवा, भोपाल और नीमच से सिमी आतंकवादियों सहित कई कैदियों के फरार होने तथा जेल के अंदर अधीक्षक के निवास पर 15 से 20 कर्मियों के अर्दली के रूप में तैनात होने पर भी सवाल किया ।
अख्तर हुसैन ने सिलसिले वार मध्य प्रदेश की जेल में चल रही गड़बड़ीयों और अव्यवस्थाओं की ओर वरुण कपूर का ध्यान दिलाया तथा उनसे पूछा कि यह अव्यवस्थाएं कब और कैसे रुकेगी । इस पर वरुण कपूर का कहना था कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर सिमी आतंकवादी सहित कई अपराधी फरार हुए हैं यह सही है,इस पर जेल विभाग गंभीर है और जेल की सुरक्षा को कड़ी करने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही है । जेल विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए 12 करोड़ का बजट पास कराया है। शीघ्र ही विभिन्न जेलों की चार दिवारीयों की ऊंची तार फेंसिंग किए जाने का काम होगा ताकि भोपाल, खंडवा और नीमच जैसी फरारी की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
अख्तर हुसैन ने वरुण कपूर का इस ओर भी ध्यान दिलाया कि मध्य प्रदेश की कई जेलों में अपराधिक प्रवृत्ति वाले जेलर भी ड्यूटी कर रहे हैं ।यहां तक की हत्या के आरोप में दोषी जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं लेकिन पुलिस उन्हें फरार बता रही है। साथ ही कई जेल अधीक्षक जेल में नियुक्त कर्मियों को अपने घर पर अर्दली के रूप में कार्य करवा रहे हैं, जिससे जेल की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं और बंदियां के फरार होने का कारण भी यही है।
इस सवाल पर वरुण कपूर का कहना था कि पूर्व में नीमच से चार कुख्यात बदमाश फरार हुए हैं साथ ही भोपाल और खंडवा से भी 8-8 सीमी के आतंकवादी फरार हुए हैं इसमें भोपाल से फरार हुए सिमी कार्यकर्ताओं ने तो एक सिपाही की हत्या भी कर दी थी । इन सब मामलों को जेल विभाग ने गंभीरता से लिया है और 25- 30 साल से जेल में जो अव्यवस्थाएं चल रही है, उन्हें ठीक करने का काम किया जा रहा है जेल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ही सरकार से 12 करोड रुपए से ज्यादा का बजट स्वीकृत कराया गया है। साथ ही जो जेलर
जेल कर्मियों को अपने निवास पर अर्दली के रूप में तैनात कर घरेलू काम करा रहे हैं उनके खिलाफ भी जेल विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है । ऐसी सभी शिकायतों पर जांच करा कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

