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गेहूं खरीदी में बीते साल से 12 फीसदी अधिक पुहंचा आंकड़ा

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भोपाल। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर की जाने वाली गेहूं की खरीदी पूरी रफ्तार पर है। इसकी वजह से ही अब तक सरकार द्वारा बीते साल की तुलना में 12 फीसदी से अधिक गेंहू की खरीदी की जा चुकी है। सरकार अब तक कुल मिलाकर  11.14 मिलियन टन की खरीदी कर चुका है। अगर बीते साल की बात की जाए तो इसी अवधि में 9.98 मिलियन टन सरकारी खरीद हुई थी। एमएसपी पर गेंहू की खरीदी का सर्वाधिक  आंकड़ा जिन दो प्रदेशों में बड़ा है, उसमें मप्र का नाम भी शामिल है, जबकि इसके अलावा इस मामले में हरियाणा का नाम भी शामिल है। एफसीआई के अनुसार मप्र में 66 प्रतिशत बढक़र खरीदी का आंकड़ा 3.20 मिलियन टन पहुंच गया है। प्रदेश में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हरियाणा में 21 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.87 मिलियन टन, उत्तर प्रदेश में 48 प्रतिशत की वृद्धि के साथ खरीद का आंकड़ा 63 हजार 29 टन पर पहुंच गया है, जबकि पंजाब में खरीदी कमजोर है और आंकड़ा 17 फीसदी नीचे जाकर 3.99 मिलियन टन रह गया है। वहीं पंजाब अब तक सेंट्रल पूल में सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य रहा है। एक अप्रैल से ताजा खरीद सीजन शुरू हुआ है।
मप्र में 8 लाख टन का लक्ष्य
बीते साल निर्यात की भारी मांग की वजह से सरकारी खरीदी बेहद कम हो सकी थी। अगर आंकड़ों के देखें तो बीते साल महज 18.8 मिलियन टन ही गेहूं की  खरीद हो सकी थी। इस साल के लिए सरकार ने खरीदी का लक्ष्य 8 लाख टन तय किया है। जिस तरह से अभी खरीदी हो रही है, उससे इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल नहीं दिख रहा है। इसकी वजह है इस बार बेमौसम बारिश की वजह से खराब हुए गेहूं की खरीद में भी सरकार द्वारा छूट दिया जाना। नतीजन हल्का माल भी किसानों द्वारा एमएसपी पर बेंचा जा रहा है। इसके अलावा अब बाजार में गेहूं के दाम बढ़ चुके हैं। इसकी वजह से किसान खुले बाजार में भी गेंहू को बेंच रहे हैं।

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