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बोधगया में बन रहे दुनिया के 7 अजूबे,निर्माण कार्य पर 14.85 करोड़ रुपए खर्च होंगे

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बिहार के गया जिले के बोधगया के सिलौंजा गांव में पर्यटन को नया आयाम देने के लिए दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां तैयार की जा रही हैं. करीब 40 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे इस विशेष पर्यटन स्थल में गीजा के पिरामिड, ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, क्राइस्ट द रिडीमर, कोलोजियम, माचू पिच्चू और पेट्रा जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थापत्य की रेप्लिका स्थापित की जा रही है. करीब 21.81 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना पूरी होने के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी

बिहार के गया जिले के बोधगया सिलौंजा गांव में सेवेन वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड की रेप्लिका बनाने का काम तेजी से चल रहा है. सिलौंजा गांव के पास 40 एकड़ भूमि पर यह महत्वपूर्ण योजना स्थापित हो रही है.

बोधगया में सेवेन वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड की झलक देने वाला यह नया केंद्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा. 40 एकड़ भूमि पर सात अजूबों की रेप्लिका स्थापित हो रही है और इसके बनने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा.

वन एवं पर्यावरण विभाग इस परियोजना पर कुल 21.81 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. इस परियोजना के तहत मिस्र के गीजा का पिरामिड, भारत का ताजमहल, चीन की दीवार, ब्राजील की क्राइस्ट द रिडीमर की मूर्ति, रोम का कोलोजियम, पेरू का माचू पिच्चू और जॉर्डन का पेट्रा जैसी विश्व धरोहरों की हूबहू प्रतिमूर्ति लगाई जा रही है.

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बोधगया में पर्यटन को और समृद्ध करना और वहां आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों को एक ही स्थान पर विश्व प्रसिद्ध स्थापत्य कला की झलक देना है.

बोधगया पहले से ही भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है, और अब सेवेन वंडर्स के निर्माण से इसकी लोकप्रियता में और इजाफा होगा. गया जिले के वन पदाधिकारी शशिकांत कुमार के अनुसार इस परियोजना का काम शुरू हो चुका है और इस कार्य को एक से दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा.

परियोजना स्थल को सुंदर उद्यान, बैठने की व्यवस्था, सौर ऊर्जा से रोशनी, जल निकासी और स्वच्छता जैसी सुविधाओं से भी सुसज्जित किया जाएगा. यह परियोजना न केवल बोधगया की पहचान को नया आयाम देगी बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे. होटल, गाइड, हस्तशिल्प और परिवहन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा.

विदेशी पर्यटक जो बोधगया में बौद्ध धर्म से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों के लिए आते हैं, उनके लिए यह एक अतिरिक्त आकर्षण होगा. साथ ही यह परियोजना बच्चों और छात्रों के लिए भी शैक्षणिक दृष्टिकोण से लाभकारी सिद्ध हो सकती है, जो विश्व धरोहरों को एक स्थान पर देखने का अनुभवप्राप्त करेंगे. 7 अजूबा में गीजा के पिरामिड, ताजमहल, चीन की दीवार सहित सात सेवेन वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड की प्रतिमूर्ति होगी.

बोधगया के समीप सिलौंजा पर्यटन स्थल न केवल बौद्ध परिपथ में शामिल बोधगया आने वाले देसी-विदेशी पर्यटक बल्कि गयाजी में विष्णुपद मंदिर का दर्शन-पूजन के साथ तर्पण के लिए श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा. इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन स्थल का न केवल विकास होगा.” -नीतीश मिश्रा, पर्यटन मंत्री

पर्यटन विभाग ने दी स्वीकृति: बिहार के पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बोधगया के समीप सिलौंजा में लगभग 40 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह पर्यटन स्थल न बौद्ध परिपथ में शामिल होगा. यहां बोधगया आने वाले पर्यटक बल्कि गया जी में विष्णुपद मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ तर्पण के लिए आने वाले दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का नया केंद्र होगा. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन स्थल का न केवल विकास होगा.

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