इन्दौर। बड़ा गणपति से कृष्णपुरा तक बनने वाली 60 फीट चौड़ी सडक़ के लिए फिर से निशान और नपती की कार्रवाई चल रही है। इसी बीच वहां 14 धर्मस्थल भी बाधक हैं, जिनके कुछ हिस्से सडक़ की चपेट में आ रहे हैं। इसके लिए आने वाले दिनों में प्रशासन और निगम के आला अफसर धर्मस्थलों के मामले में धर्मगुरुओं की बैठक बुलाने वाले हैं, जिसमें इस पर आम सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
14 बाधक धर्मस्थलों में दो से तीन छोटे धर्मस्थलों के अधिकांश हिस्से सडक़ की जद में जाएंगे। बाकी धर्मस्थलों के फ्रंट हिस्से हैं, जो तोड़े जाना हैं। अब इन्हें सहमति से शिफ्ट कराया जाएगा। पिछले डेढ़-दो सालों से बड़ा गणपति से कृष्णपुरा छत्री तक बनने वाली सडक़ के लिए कई बार नपती, निशान लगाने की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन अभियान तेजी से नहीं चल पा रहा है। अब बारिश बाद बाधकों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसी के चलते चार-पांच दिनों से निगम अधिकारियों के साथ-साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारी उक्त सडक़ के लिए तमाम जगह नपती और निशान लगाने की कार्रवाई करा रहे हैं। कई लोगों ने निगम अफसरों से कहा है कि वे अपने स्तर पर बाधक निर्माण हटा लेंगे।
सबसे ज्यादा बाधाएं गोराकुंड और खजूरी बाजार में
बड़ा गणपति से मल्हारगंज चौराहे के बीच भी काफी बाधाएं हैं। उसके साथ-साथ गोराकुंड और खजूरी बाजार में भी यही स्थिति है। गोराकुंड में कई जगह तो सडक़ की चौड़ाई ही घटकर कुछ फीट रह गई है, जबकि खजूरी बाजार के कई हिस्सों में सडक़ की चौड़ाई अलग-अलग है। इन क्षेत्रों में मुहिम के दौरान सबसे ज्यादा मकान-दुकानों के हिस्से प्रभावित होंगे, क्योंकि कई वर्षों पुराने मकान सडक़ से सटकर बने हुए हैं।

