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आगर में मोबाइल नं. बदलकर 14,800 लोगों ने तीसरी बार लगवा लिए टीके

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आगर मालवा

आगर जिले में ओमिक्रॉन खौफ इस कदर है कि यहां लोग मोबाइल नंबर बदलकर तीसरी बार कोरोना का टीका लगवा रहे हैं। अब तक 14,800 लोग ऐसा कर चुके हैं। लोगों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किया है कि अब कोरोना का पहला टीका उन्हें ही लगाया जाएगा, जो एसडीएम से सहमति-पत्र लेकर आएगा।

बगैर सहमति के टीका लगवाने पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से टीके का शुल्क वसूला जाएगा। आगर जिले की आबादी 5,71,271 है। इनमें से 4,24,000 लोगों को टीके लगना है। अब तक 4,38,800 को पहला डोज लग चुका है, यानी 103.5 प्रतिशत। वहीं अब तक दूसरा डोज 3,78,626 लोगों को लग चुका है।

खुद को बुस्टर करने लगवा रहे

आगर मालवा जिले में पहला डोज प्रतिबंधित किया है, क्योंकि जानकारी मिली कि लोग खुद को बुस्टर करने के लिए मोबाइल नंबर बदलकर फिर से डोज लगवा रहे हैं। – डॉ.एसएस मालवीय, सीएमएचओ, स्वास्थ्य विभाग, आगर-मालवा

जांच करेंगे पहला डोज क्यों नहीं लगा

जो भी व्यक्ति हमारे पास पहला डोज लगवाने के लिए आवेदन करेगा, उसकी जांच करेंगे कि इतने प्रचार-प्रसार के बावजूद यह कैसे छूट गया? यदि सचमुच में छूटा है तो पहला डोज लगवाया जाएगा।– राजेंद्र रघुवंशी, एसडीएम, आगर

आदेश जारी- पहले डोज पर प्रतिबंध

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में पहले डोज पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब जिन्हें भी पहला डोज लगवाना है, उन्हें एसडीएम से सहमति-पत्र लाना अनिवार्य होगा। प्रशासन इस बात की जांच करेगा कि इन्हें अब तक पहला डोज किन कारणों से नहीं लगा। इसके बाद ही पहला डोज लगाया जाएगा। यदि स्वास्थ्य कर्मचारी किसी को बगैर सहमति-पत्र के डोज लगाते हैं तो उस डोज की कीमत उनसे वसूली जाएगी। जो डोज शासन मुफ्त लगा रहा है, उसके लिए प्राइवेट अस्पतालों में 250 से 1400 रुपए तक शुल्क लिया जा रहा है।

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