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वार्ड 69 में 15 बाजार, पार्किंग सिर्फ 1, जिन बाजारों में हर दिन हजारों महिलाओं की आवाजाही, वहां सिर्फ एक सुलभ शौचालय; बैकलेन में ऐसी गंदगी

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इंदौर

बारिश में वाटर लॉगिंग की समस्या

देश के सबसे साफ शहर की महापौर रहीं मालिनी गौड़ के लोधीपुरा स्थित पैतृक घर वाली गली नंबर एक की बैकलेन में ही गंदगी है। वार्ड का अधिकांश हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में है, पर बारिश में वाटर लॉगिंग की समस्या कायम है। समाजवाद नगर में पानी, गंदगी के साथ ही जर्जर ड्रेनेज लाइन से जनता परेशान है।

कहने को यह वार्ड 3 मेयर, 1 मंत्री, 4 विधायक और 5 पूर्व पार्षदों का गृह क्षेत्र रह चुका, लेकिन 15 से अधिक ऐतिहासिक बाजारों वाले इस क्षेत्र में सिर्फ एक मल्टीलेवल पार्किंग है। करीब 5 हजार दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, लेकिन अधिकांश हिस्से में नर्मदा पानी की सप्लाय नहीं है। महिलाओं के लिए सिर्फ एक सुविधाघर है। शहर में नर्मदा आने के 45 साल बाद भी यहां लोग टैंकर और बोरिंग के भरोसे हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर बेतहाशा टैक्स वसूली हो रही है। पुराने बाजारों की संकरी गलियों से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना बड़ी चुनौती है। आने वाली परिषद इस बेतहाशा टैक्स वसूली को नियंत्रित करे, यही अपेक्षा है।

हर बाजार में एक सुविधाघर की जरूरत

सांठा बाजार एसो. के अध्यक्ष विजय बत्रा का कहना है, वार्ड में एक दर्जन से अधिक बाजार हैं। 5 हजार से अधिक दुकानों पर बाहर सेे भी ग्राहक आते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए एक ही सुविधाघर बजाज खाना चौक पर है, जबकि हर बाजार में एक होना चाहिए।

धरोहर मार्ग को बना दिया अवैध पार्किंग

लोहारपट्टी निवासी दिलीप पोलधाने बताते हैं इतवारिया क्षेत्र के कांच मंदिर के सामने वाली सड़क को धरोहर मार्ग घोषित किया है, पर उसका एक हिस्सा वाहनों की पार्किंग बना है। ग्राहक और रहवासी चार व दोपहिया सड़क पर लगा देते हैं, जिससे जाम लगता है। बाजारों के बीच बजाज खाना चौक पर सिर्फ एक पार्किंग है।

संपत्तिकर से तीन गुना सफाई शुल्क

राज मोहल्ला में रहने वाले घनश्याम जोशी ने बताया, बाजारों में 10 बाय 10 की दुकान का संपत्तिकर 580 रुपए है, लेकिन सफाई शुल्क 1680 रुपए सालाना है। सबसे अधिक मकान-दुकान इस वार्ड में तोड़े गए, लेकिन एफएआर और टीडीआर नहीं दिया गया।

ऐतिहासिक बाजारों वाला है ये वार्ड

बड़ा सराफा, छोटा सराफा, क्लाथ मार्केट, सांठा बाजार, बर्तन बाजार, मारोठिया, शक्कर बाजार, इतवारिया, सीतलामाता बाजार, बजाज खाना चौक, पीपली बाजार, कसेरा बाजार, लौहार पट्टी, मालगंज, जवाहर मार्ग, नृसिंह बाजार, बोहरा बाजार।

5 पूर्व पार्षदों का भी गृह क्षेत्र यह वार्ड

यह वार्ड तीन पूर्व मेयर लक्ष्मण सिंह चौहान, श्रीवल्लभ शर्मा और मालिनी गौड़, मंत्री स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़, पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा, बाबूलाल पाटोदी, रतन पाटोदी और चंद्रप्रभाष शेखर के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबू सिंह रघुवंशी, पूर्व नगर अध्यक्ष कैलाश शर्मा और मोहन ढाकोनिया, राजेंद्र सोनी, सोनू राठौर, महेश गामा, शंकर यादव समेत 5 पूर्व पार्षदों का गृह क्षेत्र भी है।

कुछ जगह सफाई व्यवस्था जरूर कमजोर हुई है
बाजार क्षेत्रों में नर्मदा नहीं है, लेकिन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम पूरा होने तक पानी मिलने लगेगा। ड्रेेनेज लाइन का काम जारी है। कार्यकाल खत्म होने के बाद कुछ इलाकों में जरूर सफाई व्यवस्था कमजोर हुई है।

– शंकर यादव, पूर्व पार्षद

निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पार्षद प्रत्याशियों की घोषणा कर चुके हैं। वार्ड के प्रत्याशी वादों की पुड़िया लेकर एक बार फिर जनता के द्वार पहुंचने वाले हैं। वादे हर चुनाव में होते हैं, पर क्या इस बार वाकई पूरे होंगे, यह सवाल मतदाता के मन में है। वार्ड 69 को ही ले लीजिए।

कहने को यह वार्ड 3 मेयर, 1 मंत्री, 4 विधायक और 5 पूर्व पार्षदों का गृह क्षेत्र रह चुका, लेकिन 15 से अधिक ऐतिहासिक बाजारों वाले इस क्षेत्र में सिर्फ एक मल्टीलेवल पार्किंग है। करीब 5 हजार दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, लेकिन अधिकांश हिस्से में नर्मदा पानी की सप्लाय नहीं है। महिलाओं के लिए सिर्फ एक सुविधाघर है। शहर में नर्मदा आने के 45 साल बाद भी यहां लोग टैंकर और बोरिंग के भरोसे हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर बेतहाशा टैक्स वसूली हो रही है। पुराने बाजारों की संकरी गलियों से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना बड़ी चुनौती है। आने वाली परिषद इस बेतहाशा टैक्स वसूली को नियंत्रित करे, यही अपेक्षा है।

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