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फलोदी जेल में महिला प्रहरी की आंख में मिर्च झोंककर 16 बंदी भाग निकले

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जोधपुर जोधपुर जिले की फलोदी जेल से सोमवार देर शाम 16 बंदी फरार हो गए। सबसे पहले एक बंदी महिला गार्ड की आंखों में लाल मिर्च डालकर भागा। इसके बाद 15 और बंदी भाग निकले। घटना के बाद जोधपुर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है। भागने वाले ज्यादातर बंदी नशे और तस्करी के मामले में बंद थे। फलोदी थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया ने घटना की पुष्टि की है।

फलोदी के उप कारागृह में शाम करीब सवा 8 बजे कुछ बंदियों ने इसी दौरान महिला गार्ड की की आंखों में मिर्च झोंक दी। उन्होंने जेल कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। भागने वाले बंदियों में से 3 बिहार के और बाकी फलोदी, बाप और लोहावट एरिया के हैं। बताया जा रहा है कि पहले बंदियों ने महिला प्रहरी पर सब्जी फेंकी। इससे वे गिरकर घायल हो गईं।

फलौदी से भागे बंदियों को पकड़ने के लिए बीकानेर के खाजूवाला में नाकाबंदी। यहां कोई नहीं मिल पाया।

पुराने जेलर सस्पेंड, नए डिप्टी जेलर ने अभी ज्वॉइन नहीं किया
जेल में अनियमितताएं मिलने पर DG जेल ने हाल ही में यहां के एक जेलर और दो डिप्टी जेलर को सस्पेंड किया था। मंगलवार को एक डिप्टी जेलर को यहां ज्वॉइन करने वाले हैं। घटना के वक्त फलोदी जेल में एक महिला मधु के अलावा तीन पुरुष गार्ड तैनात थे। 4 गार्ड छुट्‌टी पर थे।

अचानक इतनी बड़ी संख्या में कैदियों के भागने से जेल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है। ज्यादातर कैदी NDPS एक्ट में बंद हैं। कुछ पर हत्या और हत्या की कोशिश के भी केस दर्ज हैं। SP जोधपुर ग्रामीण अनिल कयाल ने क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

सांसद शेखावत ने कहा- जेल व्यवस्था नाजुक
सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस शासन काल में राज्य की कानून-व्यवस्था को सूली पर चढ़ाने के बाद अब कारागृह व्यवस्था की भी हालत नाजुक है। उन्होंने तंज कसा कि शुक्र है राज्य के पड़ोसी देश से लगे बॉर्डर की व्यवस्था इनके पास नहीं है, अन्यथा सरकार अपनी विफलताओं में विश्व में अव्वल आती।

एसडीएम ऑफिस सिर्फ 20 फीट दूर, पर उन्हें बताया ही नहीं गया
जेल एसडीएम ऑफिस के सामने सिर्फ 20 फीट की दूर पर है। उस वक्त एसडीएम यशपाल आहुजा ऑफिस में ही थे लेकिन जेल कर्मचारियों ने उन्हें बंदियों के भागने की सूचना ही नहीं दी।

2 बड़ी लापरवाही

जेलर की जुबानी: इंचार्ज को धक्का, बाहर बैठी महिला प्रहरी को पटका
सोमवार को जेल में 60 बंदी थे। रात 8 बजे कुछ बंदियों को बैरक में डाला जा रहा था। मैं खुद सिपाही राजेंद्र के साथ अंदर जाने के लिए गेट पर पहुंचा था। गेट पर तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार ने जैसे ही ताला खोलकर कुंडी को सरकाया तभी बंदियों ने अंदर की ओर से दरवाजे को जोर का धक्का दिया और बाहर निकल आए। हमने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन वे 15-16 की संख्या में थे, हम नीचे गिर गए। सभी बंदी बाहरी गेट की ओर भाग गए।

वहां तैनात सिपाहियों से उनका सामना हुआ तो उन्होंने मिर्ची व सब्जी का घोल उनकी आंखों में फेंक दिया। आगे कोर्ट की गार्ड मधु देवी तैनात थीं, बंदियों ने उसे उठाकर दूसरी ओर फेंक दिया, फिर फरार हो गए। (जैसा कार्यवाहक जेलर रवि बक्श ने बताया)

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