रायपुर। छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय सेवा के 40 अफसर दागी हैं। इनमें से कुछ के खिलाफ छत्तीसगढ़ के साथ ही दूसरे राज्य में भी भ्रष्टाचार के मामले चल रही हैं। यह जानकारी विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में सरकार की तरफ से दी गई है।
अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सवाल किया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तरफ से सदन में इसका लिखित उत्तर दिया गया है।
सदन में दिए गए लिखित उत्तर में सरकार की तरफ से बताया गया है कि अनिल टूटेजा पर सात एफआईआर दर्ज है। वहीं रानू साहू, निरंजन दास, भीम सिंह और ईफ्फत आरा के खिलाफ दो- दो प्रकरण दर्ज हैं।
इन आईएएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले
समीर विश्नोई, (IAS) तत्कालीन निदेशक भू-विज्ञान एवं खनिज, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर
राज्य के कोयला क्षेत्रों में खनिज अधिकारियों द्वारा खनिज निदेशालय से जारी मैनुअल डीओ एवं परमिट से संबंधित आदेश को आधार बनाकर कोयला ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करने के संबंध में।
अनिल टूटेजा, (IAS) तत्कालीन संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, रायपुर
आरोपी एवं अन्य द्वारा सिंडीकेट के रूप में कार्य कर राज्य में मदिरा की बिक्री में अवैध कमाई कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के संबंध में।
विवेक ढांड, (IAS), सेवानिवृत्त
आरोपी एवं अन्य द्वारा सिंडीकेट के रूप में कार्य कर राज्य में मदिरा की बिक्री में अवैध कमाई कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के संबंध में।
निरंजन दास (IAS) तत्कालीन सचिव, छ.ग. शासन, आबकारी विभाग, रायपुर
आरोपी एवं अन्य द्वारा सिंडीकेट के रूप में कार्य कर राज्य में मदिरा की बिक्री में अवैध कमाई कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के संबंध में।
रानू साहू, (IAS) तत्कालीन कलेक्टर, कोरबा,
डीएमएफ कोरबा के फंड से गलत ढंग से निविदाओं को निर्धारण कर निविदाकर्ता को लाभ पहुंचाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के संबंध में ।
इफफ्त आरा, (IAS) तत्कालीन प्रबंध संचालक, छ०ग० पाठ्य पुस्तक निगम, रायपुर
शिक्षा सत्र 2020-21 से 2024-25 तक कागज क्रय की निविदा में भ्रष्टाचार करने के संबंध में।
किरण कौशल (IAS) तत्कालीन कलेक्टर कोरबा,
राज्य के कोयला क्षेत्रों में खनिज अधिकारियों द्वारा खनिज निदेशालय से जारी मैनुअल डीओ एवं परमिट से संबंधित आदेश को आधार बनाकर कोयला ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करने के संबंध में।

