इंदौर । इंदौर की बारहवीं क्लास में पढने वाली छात्रा गरिमा दुबे ने अमेरिका के एक प्रतिष्ठित विश्व विद्यालय में अध्ययन के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए की स्काॅलरशिप हासिल की है। ये स्काॅलरशिप चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के लिए दी जाएगी।
कक्षा 12वीं की छात्रा गरिमा दुबे को ¨ अमेरिका के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ‘डार्टमथ” ने अंग्रेजी भाषा के शोधपरक अध्ययन के लिए 2.40 करोड़ की स्काॅलरशिप देने का फैसला किया है। गरिमा वर्ष 2021 में इस विश्वविद्यालय में पूर्ण छात्रवृत्ति हासिल करने वाली भारत की एकमात्र विद्यार्थी हैं। डार्टमथ अमेरिका के विश्वप्रसिध्द हावर्ड, येल, प्रिंस्टन सहित उन 8 विष्वविद्यालय¨ में षामिल है जिनमें प्रवेष पाना दुनियाभरके विद्यार्थियों की हसरत होती है। इन्हें विश्व में आईवी लीग के नाम से जाना जाता है। गौररतलब है कि अमेरिका के विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर प्रवेश की प्रक्रिया अत्यंत ही जटिल होती है। इसमें विद्यार्थी की शैक्षणिक, सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और नेतृत्व क्षमता सहित व्यक्तित्व के अनेक पहलुओं का आंकलन किया जाता है। गरिमा ने चयन प्रक्रिया में इन सभी क्षेत्र में अपनी विषेषज्ञता प्रमाणित की है। एक अति साधारण परिवार से आने वाली गरिमा के पिता मनीन्द्र कुमार दुबे आकाषवाणी के इंदौर संवाददाता के रूप में कार्य कर रहे हैं वहीं उनकी माता रागिनी दुबे अध्यापन कार्य से जुड़ी हुई हैं।
अमेरिका के 10 सर्वश्रेष्ठ की सूची में शामिल
दुनिया की प्रतिष्ठित पत्रिका फोब्स ने वर्ष 2019 की अमेरिका की सर्वश्रेष्ठ विष्वविद्यालय¨ की सूची में डार्टमथ को ¨ 10वां स्थान दिया था। अमेरिकन समाचार पत्र यूएस न्यूज की स्नातक पाठ्यक्रम गुणवत्ता सूची में इसी विश्वविद्यालय को सातवां स्थान हासिल है।
10वीं कक्षा में लिखा अंग्रेजी उपन्यास
गरिमा ने कक्षा 10वीं में अंतरराष्ट्रीय मानक स्तर का अंग्रेजी उपन्यास इम्पासिबल गर्ल एंड द बुक आफ एन्शियन्ट एंट मैजिक लिखा था। जिसे अमेरिका के ¨ प्रकाशक¨ं ने प्रकाषित किया है। इसके अलावा एक भारतीय प्रकाशक एजुक्रिएशन ने भी इस उपन्यास को ¨ अपने प्रकाशन में स्थान दिया है। फिलहाल ये उपन्यास अनेक देश में बिक्री के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा एक अन्य अंग्रेजी उपन्यास डिसेंन्डेट आॅफ डेविल प्रकाशन प्रक्रिया में हैं।
वक्तव्य कला और पत्रकारिता में रुचि
गरिमा वक्तव्य कला में विषेष रुचि रखती है। अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए अनेक वाद-विवाद और भाषण स्पर्धा में जीत हासिल की है। पत्रकारिता में रुचि रखने वाली गरिमा ने बताया कि उनके आलेख अंग्रेजी अखबार में भी प्रकाषित हुए हैं। इसके अलावा उन्हहोने एक वेबसाइट रेडियो इंदौर डाॅट इन बनायी है जिसके माध्यम से वे दुनिया के 50 से अधिक देश के पाठको से जुड़ी है।
वर्ल्ड लिटरेसी फाउण्डेशन की एंबेसडर
गरिमा को वर्ल्ड लिटरेसी फाउंडेशन ने भारत में अपना एम्बेसडर नियुक्त किया है। इस संस्था की स्थापना आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 2003 में की गयी थी। यह एक वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था है जिसका उद्देष्य साक्षरता को बढ़ावा देना और शैक्षिक संसाधन¨ की उपलब्धता के माध्यम से वैष्विक निरक्षरता का उन्मूलन करना है। अपने इस कार्य के लिए संस्था दुनियाभर से युवाओं का चयन करती है।

