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*21000 या 4000, आखिर चांदी के भाव कितने गिरे?* 

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आज दिन में चांदी की कीमतों को लेकर बाजार में काफी चर्चा देखने को मिली. सोशल मीडिया और कुछ खबरों में यह दावा किया गया कि चांदी के भाव में 21,000 रुपये तक की बड़ी गिरावट आ गई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में केवल 4,000 रुपये की गिरावट की बात कही गई. ऐसे में आम निवेशक और ग्राहक कंफ्यूज हो गए कि आखिर चांदी वास्तव में कितनी सस्ती हुई है और सच्चाई क्या है.

21000 रुपये गिरने का दावा कहां से आया
दरअसल 21,000 रुपये की गिरावट का आंकड़ा चांदी के ऑल-टाइम हाई और हालिया निचले स्तर की तुलना से निकाला गया है. जब आज के कारोबार में चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर 2.54 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे आई, तो कुछ लोगों ने कुल अंतर को सीधे गिरावट बताना शुरू कर दिया. हालांकि, यह गिरावट एक ही दिन में आई है. आज चांदी के दाम में सुबह करीब 14,000 रुपये की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, मगर इसके तुरंत बाद चांदी के दाम में तेज गिरावट देखी गई. जिससे आंकड़ा ज्यादा बड़ा नजर आने लगा.

4000 रुपये की गिरावट की असली वजह
वहीं दूसरी तरफ, 4,000 रुपये की गिरावट की बात हालिया कारोबारी सत्रों की तुलना पर आधारित है. MCX पर चांदी 2.36 लाख प्रति किलो है और उसके भाव में 4000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दिखाई जा रही है. यह आंकड़ा उसके 28 दिसंबर तक के भाव पर आधारित है. उसमें आज के कारोबार के ऑल टाइम हाई 2.54 लाख प्रति किलो को नहीं दर्ज किया गया है. पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के कारण सीमित गिरावट देखने को मिली. डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और औद्योगिक मांग में सुस्ती जैसे कारणों से चांदी पर दबाव बना. इस लिहाज से देखा जाए तो हालिया गिरावट 3,000 से 4,000 रुपये के आसपास ही मानी जा रही है.

निवेशकों को क्या समझना चाहिए
निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे सुर्खियों से ज्यादा आंकड़ों और समय-सीमा को समझें. चांदी की कीमतें अक्सर तेजी और मंदी दोनों दौर देखती हैं, क्योंकि यह एक कीमती धातु होने के साथ-साथ औद्योगिक धातु भी है. लंबी अवधि में निवेश करने वालों को छोटे उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है. वहीं, खरीदारी या निवेश से पहले भरोसेमंद बाजार भाव और आधिकारिक आंकड़ों पर ही ध्यान देना समझदारी होगी, ताकि अफवाहों से बचा जा सके.

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