अग्नि आलोक

*गांधीनगर संस्था में प्रबंधक के साथ 3 सहकारिता अधिकारी फंसे”बैठी जांच!*

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*फूलचंद पांडे की फिलॉसफी..!गड़बड़ियां करों अपना घर भरो..!,इंदौर में गांधीनगर संस्था की सूची फर्जी:सहकारिता विभाग के नाम से बिना साइन व आवक-जावक के ही भेजी, 14 साल से ऑडिट ही नहीं*

शहर के गांधीनगर इलाके की गांधीनगर गृह निर्माण सहकारी संस्था से हैरान कर देने वाली खबर निकलकर सामने आई है,खबर ये है,कि घोटाले में साथ देने के मामले में सहकारिता अफसरो को प्रोटेक्शन मनी देने के बाद भी संस्था के प्रबंधक फूलचंद पांडे फंस गए हैं_और अब पांडे किसी भी तरह बच निकलने का रास्ता ढूंढ रहे हैं… गड़बड़ियों के मास्टर अकेले नहीं उलझे बल्कि इस बार अपने साथ तीन सहकारिता अधिकारियों को भी उलझाया है_जिससे ये मामला ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है… आपको बता दें की लोकायुक्त की रिपोर्ट में प्रारंभिक जांच में इसका खुलासा हुआ है”वैसे ये पहली बार नहीं जब प्रबंधक फूलचंद पांडे पर संस्था में गड़बड़ियों को लेकर मामला दर्ज हुआ है, या आरोप सामने आए है_इससे पहले भी कई मर्तबा पांडे गड़बड़ियों को लेकर घिरे है।

खैर इस मामले की बात कर लेते हैं संस्था में गड़बड़ियों पर एक बार फिर पांडे पर जांच की आंच आई है, जिससे उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई है,गांधीनगर गृह निर्माण सहकारी संस्था के प्रबंधक फूलचंद पांडे का वैसे तो विवादों और गड़बड़ियों से पुराना नाता रहा है…जिसको लेकर पांडे  हमेशा सुर्खियों में रहे है,अबकि बार लोकायुक्त ने पांडे को 15 अक्टूबर को गड़बड़ियों पर पेशी पर बुलाया है। उनके साथ 2 रिटायर अफसर और एक कार्यरत सहकारिता अफसर भी जांच में लिप्त है। जिनपर फूलचंद पांडे के साथ मिलकर गड़बड़ियों में सहयोग करने का खुलासा हुआ है। सहकारिता के तीन अधिकारियों पर लटकी लोकायुक्त की कार्रवाई की तलवार से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि विभाग ने इस मामले में तीनों अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में लिप्त अधिकारियों की भूमिका पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आरोप पत्र और दस्तावेज भी तैयार कर दिए हैं”जो इन जिम्मेदार अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं..! 

*- फूलचंद पांडे असल में भ्रष्टाचार का वो फूल है,जो सदस्यों की भूल है*

इन्दौर मेट्रो ने इससे पहले भी गांधीनगर गृह निर्माण सहकारी संस्था के प्रबंधक फूलचंद पांडे की गड़बड़ियों को लेकर मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। और तो और फूलचंद पांडे की कई तरह की गड़बड़ियों का बेबाकी से खुलासा भी किया जिसके बाद पांडे की मुश्किलें बढ़ती गई यहां तक की पांडे कीे गुंडा गैंग के मर्डर कार्ड को भी इन्दौर मेट्रो ने उजागर किया जिसके बाद पांडे गांधीनगर पुलिस के निशाने पर भी आ गए पुलिस ने घंटों पांडे को थाने में बैठाकर पूछताछ की जिसके बाद पांडे लंबे समय तक भूमिगत भी रहे इसके बाद गांधीनगर गृह निर्माण सहकारी संस्था के प्रबंधक फूलचंद पांडे की गुंडा गैंग के गुंडो ने कई तरह से संस्था में उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए खूनी खेल खेलना शुरू किया। इन्दौर मेट्रो ने इसपर फिर आवाज उठाई जिसके बाद फूलचंद पांडे की गुडा गैंग की कमर टूट गई पुलिस ने फूलचंद पांडे के गुंडों का जुलूस तक निकाला और पांडे के कई गुंडों को जेल तक भेज दिया।

  *- फूलचंद पांडे के सारथी बने,2 रिटायर सहकारिता अफसरों के साथ 1 कार्यरत अफसर भी फंसे*

गांधीनगर संस्था के गंदे फूल बनकर उभरे,प्रबंधक फूलचंद पांडे के मामले में उपायुक्त सहकारिता एमएल गजभिये भी फंस गए है,उनपर फूलचंद पांडे के मददगार बनकर जिम्मेदारी नहीं निभाने के आरोप लगे है। उनके अलावा सहकारी निरीक्षक प्रवीण जैन भी बुरी तरह उलझ गए है,ये वो 2 अधिकारी है,जो रिटायर हो गए है। दूसरी और फिलहाल सहकारिता में कार्यरत एक उप अंकेक्षक आशीष  सेठिया भी इनकी तरह फंसे हुए है। खबर है,कि पांडे के साथ 15 अक्टूबर को इन 3 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए विभाग ने ही दस्तावेज तैयार कर लिए है…जो पांडे के साथ पेश होना है। अब केवल 5 दिन और शेष बचे हैं। 

*- फूलचंद पांडे को लेकर फूटता ,सस्था के सदस्यों में आक्रोश,बढ़ रहा है*

गांधीनगर गृह निर्माण सहकारी संस्था के प्रबंधक फूलचंद पांडे को लेकर अष्टमी के दिन  संस्था की एक बैठक में आक्रोश उस समय साफ दिखा जब बैठक में तीन हजार से ज्यादा सदस्यों की इस संस्था में केवल तीस से बत्तीस सदस्य ही शामिल हुए बाकि ने बैठक से किनारा कर लिया फिर क्या था,पांडे के विरोधी संस्था खेमे को मौका मिल गया और उन्होंने इसे संस्था के संदस्यों की फूलचंद पांडे को लेकर बढ़ती नाराजगी के तौर पर दर्शाया हालांकि पांडे ने इसको लेकर सफाई देते हुए अष्टमी के दिन का हवाला देकर सदस्यों के नहीं आने की बात कहते हुए पूरे मामले को दूसरी तरफ करने का प्रयास किया पर हकीकत यहीं है,कि बार बार विवादों में आ रही संस्था और उसके प्रबंधक फूलचंद पांडे के प्रबंधन से सदस्यों में आक्रोश बढ़ रहा है।

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