अग्नि आलोक

*धामी सरकार का गोलमाल : प्रोजेक्ट पाने के लिए 3 टेंडर, तीनों रामदेव के खास बालकृष्ण की*

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योगगुरु से व्यापारी बने बाबा रामदेव और उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी आचार्य बालकृष्ण एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। उत्तराखंड सरकार के टूरिज्म प्रोजेक्ट में तीन कंपनियों ने बोली लगाई, लेकिन सभी पर नियंत्रण खुद बालकृष्ण का ही पाया गया। सरकारी नियमों और नैतिकता की धज्जियाँ उड़ाकर करोड़ों का शोपीस प्रोजेक्ट पतंजलि समूह की झोली में डाल दिया गया। यह खुलासा बताता है कि किस तरह सत्ता, धर्म और पूंजी का गठजोड़ जनता के संसाधनों पर कब्जा जमाने में लगा है। इससे पता चलता है कि धामी सरकार में कैसा गोलमाल चल रहा है।

रवीश कुमार-

वन नेशन वन पर्सन : दायीं नाक बंद कीजिए,बायीं से सांस लीजिए, फिर बायीं बंद कीजिए, दायीं नाक से सांस छोड़िए। प्रणायाम की इस क्रिया को ऐसे समझिए-

तीन कंपनियों ने टेंडर किया, तीनों कंपनियाँ में एक ही व्यक्ति की हिस्सेदारी सबसे अधिक और ठेका मिला उन तीनों में से एक कंपनी को। मतलब उसी व्यक्ति को जिसकी हिस्सेदारी सबसे अधिक। ये हुआ वन नेशन वन पर्सन

सरकार ने कहा है कि ग़लत नहीं हुआ है। सारी प्रक्रियाओं का पालन हुआ है। एकदम ठीक बात है। मान लिया। आज के भारत में अब ग़लत होता ही नहीं है।

गोदी मीडिया को चुप नहीं रहना चाहिए। इस ख़बर को लेकर तारीफ़ करनी चाहिए कि आज के भारत में ग़लत नहीं होता है।

कोई दूसरा ग़लत न कर दे इसलिए वन नेशन वन पर्सन के तहत सारी कंपनी भी उसी की, हिस्सेदारी भी उसी की और ठेका भी उसी को। तालियाँ तालियाँ।

अगर ग़लत नहीं है तो इसका उत्सव मनाया जाना चाहिए। उत्सव मनाना भी तो ग़लत नहीं है।

इन ख़बरों से किसी को क्या फर्क पड़ता है। पड़ना भी नहीं चाहिए। यह ईज़ आफ़ डूइंग बिज़नेस का उत्कृष्ट उदाहरण है।

सौ लोग टेंडर में आ जाते तो कितना झमेला हो जाता। इसलिए हर बिज़नेस में एक ही आदमी को चांस मिले और हर कंपनी एक ही आदमी की हो। इसी तरह भारत में बिज़नेस करना आसान हो चुका है। बालकृष्ण की कंपनी मस्क की कंपनी को एकदिन पानी पिला देगी।

चांद और मंगल पर राकेट भेज रहे मस्क को पता होना चाहिए कि जब प्लॉट कटने की बारी आएगी तो टेंडर किसे मिलेगा। उस दिन भारत विश्व गुरु बन जाएगा।

कृष्ण कांत-

फर्जी राष्ट्रवादियों के चरम भ्रष्टाचार का नमूना देखिए –

उत्तराखंड में टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए टेंडर मंगाए गए। तीन कंपनियों ने बोली लगाई और तीनों रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण की हैं।

यानी एक ही आदमी की तीन कंपनियां हैं। जिसे चाहो दे दो। दूसरा कोई ऑप्शन नहीं। ये खुली लूट है।

मीडिया चैनल इस पर बात नहीं करेगा क्योंकि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी हो वह भौंकता नहीं। फर्जी राष्ट्रवादी कहते हैं कि उनके राज में भ्रष्टाचार नहीं होता।

भ्रष्टाचार पहले से ज्यादा और खुलेआम हो रहा है, बस न कोई बोलता है, न कोई कानून काम करता है।

आवेश तिवारी-

मोदी जी का अनुसरण करने वाली यह गुरु-चेले की जोड़ी उत्तराखंड में धामी की सरकार के साथ मिलकर भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर रही हैं। आज इंडियन एक्सप्रेस ने इन बनियों के द्वारा अरबों रुपए के पर्यटन से जुड़े ठेके को हथियाने के लिए किए गए फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है।

दरअसल उत्तराखंड टूरिज्म बोर्ड ने 2022 में मसूरी में एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक टेंडर निकाला। टेंडर हासिल करने वाले को 142 एकड़ में फैले स्पॉट में जिसमें म्यूजियम, ऑब्जर्वेटरी, कैफेटेरिया, स्पोर्ट्स एरिया, पार्किंग आदि सबके प्रबंधन का जिम्मा मिलना था।

सिर्फ इतना ही नहीं महज एक करोड़ रुपए सालाना के शुल्क साथ बालकृष्ण की कंपनी ने यह टेंडर हासिल कर दिया। अदभुत यह रहा दूसरे तीसरे नंबर पर भी टेंडर में जिन कंपनियों के नाम आए उनकी मलकीयत भी बालकृष्ण के पास थी।

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