इंदौर
4 दिसंबर को होने वाले ‘टंट्या मामा गौरव यात्रा’ के मुख्य समारोह में लोगों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन विभाग तीन हजार बसें अधिग्रहित करेगा। इसमें इंदौर से 500 बसों का अधिग्रहण होगा। ये बसें शुक्रवार शाम से अधिग्रहित होना शुरू होंगी। बस ऑपरेटरों का कहना है कि इंदौर के अलावा आसपास के रूट पर भी बसें अधिग्रहित होंगी।
ऐसे में शुक्रवार शाम और शनिवार से इसका असर दिखाई देना शुरू होगा। अलग-अलग रूट पर बसों की संख्या आधी हो जाएगी। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा के अनुसार अभी शादियों का सीजन है, ट्रैफिक काफी ज्यादा है। ऐसे में बसों के अधिग्रहण से लोगों को परेशानी आएगी।
बस ऑपरेटर को बढ़ी हुई राशि का करें भुगतान : गंगवाल बस स्टैंड एसोसिएशन
गंगवाल बस एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवसिंह गौड़ के अनुसार बस ऑपरेटरों को डीजल के साथ 2500 रुपए का भुगतान किया जाता है। यह राशि तब से दी जा रही है, जब डीजल के दाम 70-80 रुपए थे। ऐसे में सरकार जब बसों का अधिग्रहण कर रही है तो यात्रियों के साथ ऑपरेटरों को भी परेशानी होगी। ऐसे में भुगतान की राशि बढ़ाई जाए।
आरटीओ में बना सेंट्रल कंट्रोल रूम, तीन पारियों में 24 घंटे अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी
समारोह के लिए इंदौर के अलावा धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, उज्जैन, देवास आदि शहरों से करीब 1 लाख 21 हजार लोग शामिल होंगे। इसके लिए बसों के अधिग्रहण के लिए मुख्यालय से आदेश जारी हुआ। विभाग ने बसों की व्यवस्था के लिए इंदौर आरटीओ में 5 दिसंबर तक केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया है।
यहां पर 24 घंटे अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में 10-10 अधिकारी व कर्मचारियों को कंट्रोल रूम में रहने के लिए कहा है। इंदौर से करीब 500 बसें परिवहन विभाग अधिग्रहित करेगा। बाकी बसें आसपास के शहरों से जुटाई जाएंगी।
अमला व्यस्त, शादियों के परमिट नहीं हो रहे
इधर, शनिवार-रविवार के लिए विभाग बसों की व्यवस्था में जुटा है। ऐसे में इन तीन दिनों के लिए फिलहाल नए अस्थायी परमिट पर भी फिलहाल रोक लगाई गई है। नए आवेदन नहीं ले रहे हैं। उधर, विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इन तीन दिनों के लिए 35 से ज्यादा परमिट लोगों ने लिए हुए हैं। अब फिलहाल नए परमिट पर रोक लगा रखी है। हालांकि अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो आवेदन दे रहा है, उनके परमिट किए जा रहे हैं।

