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रेत का काला खेल:बिना नंबर प्लेट के 3 हजार ट्रैक्टर, उजाड़ दिए 55 घर…1300 करोड़ के कारोबार से 10 हजार से ज्यादा लोग 1300 करोड़ के कारोबार से जुड़े हैं 10 हजार से ज्यादा लोग

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जयपुर

तेज रफ्तार, बिना नंबर प्लेट, बजरी भरे करीब 3000 ट्रैक्टर धौलपुर के लिए यमदूत बन गए हैं। तीन साल में इन ट्रैक्टरों ने 55 लोगों की जान ले ली है। पिछले दो साल में 160 दुर्घटनाओं में 48 की मौत हुई। यानी हर साल औसतन 80 दुर्घटनाओं में 24 जिंदगियां कुचल देते हैं। 137 से ज्यादा घायल, वो अलग। 90% हादसे सुबह 6 से 10 बजे के बीच में हुए।

ये बजरी भरे ट्रैक्टर कोतवाली, मनिया, सैपउ, कोलारी, राजाखेड़ा, बाड़ी सदर और कंचनपुर थाने के सामने से गुजरते हैं। लेकिन पुलिस को नहीं दिखता। माफिया और पुलिस गठजोड़ के बिना यह असंभव है। कुछ अधिकारी नाम उजागर न करने की शर्त पर बताते हैं कि ट्रक से 20 हजार और ट्रैक्टर से प्रति राउंड 500 रुपए वसूली होती है। इनसे हर दिन करीब 20 लाख रुपए का कलेक्शन होता है। 2017 से सुप्रीम कोर्ट की बजरी पर रोक भी बेअसर है। ये ट्रैक्टर चंबल नदी के 28 घाट से बजरी आगरा और भरतपुर जाते हैं।

घर बनाने के काम आने वाली बजरी ही उजाड़ रही घर

नाकाबंदी पर ट्रैक्टर रोका तो कांस्टेबल पर चढ़ा दिया
18 नवंबर 2020 काे धौलपुर सीमा पर यूपी पुलिस की नाकेबंदी के दौरान बजरी का ट्रैक्टर रोका तो ट्रैक्टर कांस्टेबल सोनू चौधरी को कुचलकर फरार हो गया था। बाद में आरोपियों की गिरफ्तारियां हुईं।

लग्न लेकर जा रहे थे, पूरे परिवार को कुचला
26 नंवबर 2019 को ठाकुरपाड़े से परिवार बस में मुरैना लग्न-टीका लेकर जा रहा था। ट्रैक्टर ने टक्कर मारी। रणवीर सिंह, लाखन सिंह, श्याम पचौरी, जगदीश पुरोहित और ड्राइवर शंभू गुर्जर की मौत हो गई।

बाइक सवार मामा-भांजे का भी काल बन गया माफिया
जनवरी 2019 को सैपउ थाना इलाके में बाइक सवार मामा-भांजे को टक्कर मार दी। महू गुलाबली निवासी संजू व उसके मामा लाठखेड़ा निवासी उमेश की मौके पर ही मौत हो गई।

डीएसपी का आरोप- अवैध वसूली करवाते हैं एसपी, डीजीपी ने फटकारा

स्थानीय नेताओं के ट्रैक्टर ट्रॉली भी खनन में लगे
हाल में डीजीपी एमएल लाठर ने भरतपुर रेंज के रिव्यू मीटिंग की तो उन्हाेंने न सिर्फ धौलपुर पुलिस के काम पर सवाल उठाए बल्कि एसपी केसर सिंह को फटकार भी लगाई। वहीं, एक डीएसपी भी आरोप लगा चुके हैं कि एसपी अवैध वसूली करवाते हैं। बताया जाता है बजरी माफिया के साथ धौलपुर के स्थानीय राजनेता भी जुड़े हुए हैं। कुछ ने तो खुद के ट्रक और ट्रैक्टर भी बजरी की ढुलाई में लगा रखे हैं। इनकी सूची भी पुलिस के पास है। इसके बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ताकि लोगों को राहत मिल सके।

और कलेक्टर कह रहे, कहां है बजरी, हमें बताओ
धौलपुर कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल पहले बोले- हमारे पास भी अवैध बजरी की सूचना है। फिर बोले- अभी भी हो रहा है तो हमें बताओ कहां से बजरी के वाहन गुजर रहे हैं। इसे दिखवाता हूं।

1300 करोड़ का मौत का खेल

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