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मोहन यादव की कैबिनेट 31 में से 30 मंत्री करोड़पति

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मध्य प्रदेश में मोहन यादव मंत्रिमंडल ने सोमवार को शपथ ले ली। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कुल 28 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जानिए इनमें से कितने करोड़पति, कितने किसान हैं और यह कैबिनेट युवा है या उम्रदराज?

मध्य प्रदेश में नई सरकार के गठन के 12 दिन मोहन यादव मंत्रिमंडल ने आखिरकार शपथ ले ली। कुल 18 नेताओं ने कैबिनेट, छह ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और चार ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली है। नई कैबिनेट की औसत उम्र करीब 57 साल नौ महीने है। 30 मंत्री करोड़पति हैं। राज्य के सबसे अमीर विधायक चैतन्य कश्यप को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की नई कैबिनेट की औसत उम्र 57 साल नौ महीने से ज्यादा है। राज्य मंत्री बनाई गईं 35 साल की प्रतिमा बागरी कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री हैं। 68 साल के करण सिंह वर्मा कैबिनेट के सबसे उम्रदराज मंत्री हैं। 

कैबिनेट के मंत्रियों के पास कितनी संपत्ति?

कितनी पढ़ी लिखी है मध्य प्रदेश की नई कैबिनेट?

मुख्यमंत्री मोहन यादव कैबिनेट के सबसे पढ़े लिखे मंत्री हैं। यादव ने पीएचडी की हुई है। 

क्या करते हैं मोहन यादव के मंत्री?

कुल 31 मंत्रियों में से 24 ने खुद को किसान बताया है। इनमें से 12 मंत्रियों ने किसानी के साथ व्यापार, पेंशन या राजनीति को भी अपनी आय का जरिया बताया है। जिन सात मंत्रियों ने खुद को किसान नहीं बताया है, उनमें गौतम टेटवाल, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राकेश सिंह, जगदीश देवड़ा, कृष्णा गौर, कैलाश विजयवर्गीय और चैतन्य कश्यप शामिल हैं। गौतम टेटवाल ने पेंशन को आय का स्त्रोत बताया है। वहीं, चैतन्य कश्यप ने व्यापार को कमाई का जरिया बताया है। कैलाश विजयवर्गीय, कृष्णा गौर, जगदीश देवड़ा और राकेश सिंह ने राजनीति को अपना पेशा बताया है।

किन मंत्रियों पर चल रहे आपराधिक मामले?

12 मंत्रियों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें गौतम टेटवाल, दिलीप अहिरवार, नारायण सिंह पंवार, प्रद्युम्न सिंह तोमर, लखन पटेल, नागर सिंह चौहान, इंदर सिंह परमार, दिलीप जायसवाल, तुलसीराम सिलावट, कैलाश विजयवर्गीय, गोविंद सिंह राजपूत और उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। नई कैबिनेट में सबसे ज्यादा पांच मामले कैलाश विजयवर्गीय पर चल रहे हैं। वहीं, दिलीप अहिरवार पर तीन मामले चल रहे हैं। तीन मंत्रियों प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार और गोविंद सिंह राजपूत पर दो-दो मामले दर्ज हैं। अन्य सात पर एक मामला चल रहा है, जबकि 19 मंत्री ऐसे हैं, जिन पर कोई मामला दर्ज नहीं है।

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