सागर/ भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ‘समाधान योजना’ की शुरुआत की. ऊर्जा विभाग की इस योजना के तहत सरकार करीब 3000 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ करेगी. इसका फायदा प्रदेश के लगभग 90 लाख उपभोक्ताओं को मिलने वाला है. यह योजना खास तौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए बनाई गई है जिन्होंने तीन महीने या उससे अधिक समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है. राज्य में कुल 1 करोड़ 76 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ता लाभ उठा सकेंगे.
‘समाधान योजना’ दो चरणों में लागू होगी. पहला चरण 3 नवंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक और दूसरा 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा. एकमुश्त भुगतान पर 100% माफी और किस्तों में भुगतान पर आंशिक राहत दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने इस योजना की शुरुआत एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी भवन से की. योजना के तहत उपभोक्ताओं को दो विकल्प दिए गए हैं- एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान. जो उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान करेंगे, उन्हें बकाया बिल पर लगे 100% सरचार्ज की माफी मिलेगी. वहीं, किस्तों में भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा. घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया का 10% और गैर-घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25% राशि जमा करनी होगी. शेष भुगतान तीन महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा.
सीएम मोहन यादव बोले- समाधान योजना से आम जनता को राहत देना ही उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘समाधान योजना’ का उद्देश्य आम जनता को राहत देना और बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस योजना से लाखों लोगों को फायदा मिलेगा और उपभोक्ताओं को पुनः नियमित भुगतान की आदत विकसित होगी. योजना का शुभारंभ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के नए कार्यालय भवन से किया गया. इस मौके पर ऊर्जा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बिजली कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
से समझे समाधान योजना के प्रमुख प्वाइंट को
- 90 लाख उपभोक्ताओं को राहत: सरकार माफ करेगी करीब 3000 करोड़ का सरचार्ज.
- एकमुश्त भुगतान पर 100% माफी: किस्तों में भुगतान करने वालों को आंशिक राहत.
- दो चरणों में लागू होगी योजना: 3 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक.
समाधान योजना आम जनता को राहत देने और बिजली व्यवस्था को स्थिर करने की दिशा में बड़ा कदम है.”
— मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

