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मध्य प्रदेश के 89 गांवों से गुजरेगा 4 लेन हाईवे

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जमीनों के रेट में आ रही लगातार तेजी

  मध्य प्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रदेश में आम जनता का आवागमन आसान बनाने के लिए बड़े स्तर पर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के 89 गावों से होकर एक नया फोरलेन गुजरने वाला है।

Madhya pradesh latest news: मध्य प्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आम जनता की आवागमन सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 89 गांवों से होकर एक नया फोरलेन हाईवे बनाया जा रहा है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को मध्य प्रदेश में उज्जैन से जोड़ने वाले फोरलेन में जल्द ही वाहन चलेंगे। उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना का मूल्य 2660 करोड़ रुपये है।  उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना का मध्यप्रदेश में लगभग 90% काम पूरा हो चुका है।

उज्जैन-गरोठ फोरलेन कितने गांवों से होकर गुजरेगा?

यह फोरलेन 89 गांव से होकर गुजरने वाला हैं। उज्जैन के 13 गांव, घट्टिया के 10 गांव, महिदपुर के 20 गांव, बडौद के 11 गांव, डग के तीन गांव, गंगधार के 11 गांव, सुवासरा के 10 गांव, शामगढ़ के 7 गांव और गरोठ के 4 गांव इसमें शामिल हैं। यहां पर गाड़ी 100 km/h की रफ्तार से चलेगी। इससे उज्जैन से गरोठ की दूरी सिर्फ एक से एक घंटे 30 मिनट में पूरी हो जाएगी।

दरअसल, एनएचएआई ने नवंबर 2022 में उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू किया। इस फोरलेन के कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए इसे तीन भागों में विभाजित किया गया था। जीएचवी, रवि और एमकेसी इंफ्रा ने इसे संभाला।

इस स्थान पर टोल प्लाजा बनाया जाएगा

टोल प्लाजा उज्जैन-गरोठ फोरलेन रोड पर पानबिहार से पांच किलोमीटर आगे और जगोटी से पहले बनाया जाएगा। अभी भी टोल टैक्स में कितनी रकम देनी होगी? दर निर्धारित नहीं है।

जमीन की लागत बढ़ी

उज्जैन-गरोठ फोरलेन में अधिकांश सड़कें सुनसान हैं। ग्रामीण क्षेत्र भी शहरी क्षेत्र से दूर हैं। जिसकी वजह से फोरलेन से जुड़े गांवों की जमीन का मूल्य काफी बढ़ा है।

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