इंदौर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार रात शहरभर में ई-रिक्शा की आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कुल 55 ई-रिक्शा की जांच की गई, जिनमें से 44 को जब्त किया गया। जांच में सामने आया कि कई ई-रिक्शा चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। वहीं, नो-एंट्री में घुसने वाले भारी वाहनों से पुलिस ने 55 हजार रुपए समन शुल्क भी वसूला।
पिछले हादसे के बाद बढ़ाई सख्ती
दरअसल, 15 अक्टूबर को इंदौर में नो-एंट्री क्षेत्र में घुसे एक ट्रक से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत और 25 से अधिक घायल हुए थे। इस घटना के बाद से ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था सुधारने में जुटी है। मंगलवार रात पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर अचानक चेकिंग पाइंट लगाकर ई-रिक्शा की जांच शुरू की। इस दौरान कई रिक्शा रांग साइड चलते मिले, कुछ में नंबर प्लेट नहीं थी, और कई बगैर लाइसेंस के क्षमता से अधिक सवारी लेकर चल रहे थे।
बेतरतीब खड़े रिक्शों से बिगड़ रहा था यातायात
ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़कों पर बिना व्यवस्था के रिक्शा खड़ा कर सवारियों का इंतजार करने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही थी। पुलिस ने ऐसे चालकों पर चालान की कार्रवाई की और 44 ई-रिक्शा को जब्त कर लिया। वहीं, 10 चालकों पर नियम तोड़ने के कारण चालान बनाए गए हैं।
भारी वाहनों पर भी हुई कार्रवाई
पुलिस ने पिछले 24 घंटों में यानी 11 नवंबर से 12 नवंबर की सुबह तक नो-एंट्री में प्रवेश करने वाले 11 भारी वाहनों पर कार्रवाई की है। इन वाहनों से कुल 55 हजार रुपए समन शुल्क वसूला गया। साथ ही चालकों को प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया कि नो-एंट्री में प्रवेश करने वाले वाहनों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

