इंदौर कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने प्रदेश सरकार में मंत्री तुलसी सिलावट के बेटे नितेश सिलावट (चिंटू) पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की काला बाजारी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में मंत्री पुत्र ने विधायक को 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा है। साथ ही अपने ट्वीट के माध्यम से विधायक को मानसिक बीमारी का शिकार बताया है। नितेश सिलावट ने विधायक को प्राथमिक उपचार की जरूरत बताई है। मंत्री पुत्र का कहना था कि उन पर लगाए हुए आरोप पूरी तरह झूठ है और उन्हें अपने कार्यों के लिए संजय शुक्ला के प्रमाण की जरूरत नहीं है। संजय शुक्ला क्या करते हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह लगातार सांवेर विधानसभा में अपना कार्य करते हैं और सांवेर की जनता मुझे अपने कार्य का प्रमाण देगी।
नितेश सिलावट का ट्वीट
कोरोना महामारी की दूसरी लहर मे कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने एक दिन पूर्व मीडिया को सनसनीखेज बयान देते हुए सरकार व प्रशासन पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस विधायक के आरोपों के बाद अब राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस विधायक के बयान की निंदा की है, तो वहीं मंत्री सिलावट ने भी विधायक संजय शुक्ला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मंत्री तुलसी सिलावट ने कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के आरोप को बेबुनियाद, निराधार और असत्य बताया। मंत्री पुत्र द्वारा शुक्रवार दोपहर विधायक को मानहानि का नोटिस भेजा गया है।
तुलसी सिलावट का कहना है कि कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ओछी और घृणा की राजनीति कर रहे हैं। विधायक को महापौर बनने के सपने आ रहे हैं, लेकिन ये सपने कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने साफ कहा कि मुझे उनके आरोप-प्रत्यारोप और प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। मुझे मेरी जनता ने प्रमाण दे रखा है। इससे बड़े प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है।

