अग्नि आलोक

इंदौर शहर के विकास के 5 लाख करोड़ भ्रष्टाचार, घोटालों और रिश्वत के जरिये आपस में बांट लिए!?

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भ्रष्टाचार, घोटालों और रिश्वतखोरी का पैसा हलक से निकालकर शहर के विकास मे लगा दे तो दुबई और सिंगापुर को मात दे दे इंदौर शहर!?*

*20 सालो में इंदौर नगर निगम ने यदि राजस्व से 50 हजार करोड़ रुपये से शहर का विकास किया तो वही दूसरी तरफ तकरीबन 5 लाख करोड़ रुपये ठेकेदारों, पार्षदों, नेताओ अधिकारियों, कर्मचारियों और भू माफियाओं ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और घोटालों के माध्यम से आपस में बाट लिए!

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राज्य सरकार और केंद्र सरकार के अलावा बैंकों से लोन के पैसे भी भ्रष्टाचार, रिश्वत और घोटालों के भेट चढ़ गए!? 

*सेकड़ो एकड़ होल्कर शाशन काल की सरकारी जमीन भू माफियाओं, अवैध कालोंनाईजरो ,अतिक्रमण करने वालों के हवाले कर दी गई!*

*करोड़ों – अरबों रुपये की रिश्वत लेकर बिना नक्शे और नक्शे के विपरित निर्माण को होने दिया गया जिसकी वजह से शहर का पूरा भूगोल एक भयावह कांक्रीट के जंगल में बदल दिया!?* 

*चौराहो के सौंदर्यीकरण घोटाले से लेकर बनाओ और तोड़ो घोटाला!*

*भिक्षु पुनर्वास केंद्र से लेकर पेंशन घोटाला! पौधा रोपण घोटाले से लेकर गार्डन घोटाला! राशन घोटाले से लेकर परिवहन घोटाला! कर्मचारियों के भर्ती से लेकर स्वच्छता अभियान मे प्राइवेट कंपनीयों द्वारा इंदौर के युवाओं का कम तनख्वाहें देकर शारीरिक, आर्थिक और मानसिक शोषण!* निगम का ऐसा कोई विभाग और योजना नहीं है जहा पर भ्रष्टाचार, घोटाले और रिश्वतखोरी का अभिन्न हिस्सा न हो!? 

*यहा तक कोरोना काल में सब्जी, फलो और राशन की होम डिलेवरी तक मे भ्रष्टाचार और घोटालों को अंजाम दिया गया !?*

पिछले 15 – 20 सालो में जितने भी पार्षद हुए हैं उनकी पार्षद बनने से पहले और बाद में उनकी आर्थिक स्तिथि और संपत्ति मे अन्तर देख ले!? सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा!? 

*पिछले 20 सालो से जितने बड़े अधिकारी से लेकर चपरासी तक निगम मे काम कर चुके हैं या कर रहे हैं वो सब करोड़ पति से लेकर कई करोड़ों के मालिक है!? निगम यदि पिछले 20 सालो से कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों का इंटरनल ऑडिट करवा ले तो भ्रष्टाचार की कमाई को देखकर शर्म से डूब मरे!!*

*@प्रदीप मिश्रा

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