बीते सालों में रंगदारी, वसूली, खड़ी कराई, गैंगवार, लूट सहित गुण्डागर्दी की कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसके मद्देनजर कई दुकानदारों ने पूर्व में ही अपनी दुकानों में और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाकर रखे हैं। अब दि सियागंज होलसेल किराना मर्चेन्ट एसोसिएशन ने बाजार की सभी सड़कों, अंदर के रास्तों और गलियों में 50 हाई डेफिनेशन कैमरे लगाए हैं। एसोसिएशन ने खुद का कंट्रोल रूम भी बनाया है। जहां से 24 घंटे मॉनिटरिंग होगी।
मंगलवार को पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने एसोसिएशन को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। बहरहाल, एसोसिएशन द्वारा पूरे बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय इसी साल पुलिस प्रशासन से बात करने के बाद लिया गया।
400 फीट तक हैं इन हाईटेक कैमरों की रेज।
एसोसिएशन ने करीब 20 दिन पहले से सीसीटीवी कैमरे लगाना शुरू किए। इसमें करीब 1 वर्ग किलोमीटर में फैले सियागंज को कवर किया गया है। यानी शास्त्री ब्रिज से सीधे आकर सियागंज में प्रवेश करने वाले मार्ग, रानीपुरा मार्ग, महारानी रोड से लगे अंदरूनी मार्ग, जवाहर मार्ग से लगे रास्ते की एंट्री, वेयर हाउस सहित ऐसे रास्ते या एंट्री वाली जगह, जहां सियागंज का हिस्सा लगता है। उन स्थानों पर दूसरी मंजिल की हाइट से 50 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। दूसरे फेज में ऐसे ही हाई डेफिनेशन वाले 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
कैमरों की जरूरत और उनकी क्वालिटी पर 5 बड़ी बातें
– सियागंज में छोटे-बड़े करीब 1500 व्यापारी हैं और रोज यहां 50 से 70 करोड़ रु. का कारोबार होता है। त्यौहारों के दौरान यह टर्न ओवर कई गुना ज्यादा हो जाता है।
– बाजार में स्थापित कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरे करीब 18 लाख रु. की लागत से स्थापित किए गए हैं। इसमें पेयजल के लिए एडवांस प्याऊ भी बनाया गया है।
– सीसीटीवी कैमरों की रेंज 400 फीट तक है। ये सभी कैमरे नाइट विजन के और हाई क्वालिटी के हैं।
– अगर कोई अपराध होता है और अपराधी वाहन से भागते हैं तो कैमरों की यह स्पेशलिटी है कि उसे जूम कर स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
– कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग रीयल टाइम हो सकेगी। इसके अलावा एक महीने तक रिकॉर्डिंग स्टोर रहेगी।
ऐसी रहेगी मॉनिटरिंग
– कंट्रोल रूम में दो मेगा स्क्रीन लगाई गई है। एक स्क्रीन पर 26 कैमरों के फुटेज एकसाथ देखे जा सकेंगे। यानी दोनों स्क्रीनों पर एक साथ 52 सीन देखे जाते हैं। यह हर एक-दो मिनट में चेंज होते हैं। इस तरह जितने भी रास्ते, गलियों पर कैमरे लगे हैं वहां की स्थिति बताते रहेंगे।
– मेगा स्क्रीन पर कैमरों का एंगल, सिक्वेंसिंग, टाइमिंग अपनी सुविधानुसार एडजस्ट की जा सकती है। इस तरह सारे कैमरों से बाजार के हर क्षेत्र की स्थिति बारी-बारी से स्थिति देखी जा सकती है।
– चूंकि सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक पूरे बाजार में कारोबार चलता है इसलिए एसोसिएशन ने कंट्रोल रूम में इस दौरान एक कर्मचारी को कैमरों को रीयल टाइम में देखने के लिए लगाया है।
– ऐसे ही माल लोड करने या उतारने का काम काम रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक होता है तो उस दौरान भी रिकॉर्डिंग तो होगी ही, कंट्रोल रूम पर भी एक अन्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन से भी बात कर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाना प्रस्तावित है।
अब आगे यह भी…
एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खण्डेलवाल व सचिव नईम पान वाला ने बताया कि महारानी रोड, न्यू सियागंज, जूनी इंदौर, हाथी पाला, नसिया रोड, एमटीएच कम्पाउण्ड आदि बाजार क्षेत्र के भी कैमरे अगर इस कंट्रोल रूम से जुड़ना चाहे तो जुड़ सकते हैं। इससे क्राइम कंट्रोल में पुलिस प्रशासन को और मदद मिलेगी। पुलिस सीधे एसोसिएशन के कंट्रोल रूम में आकर फुटेज चेक कर सकती है। इससे क्राइम पूरी तरह से कंट्रोल में रहेगा।
कंट्रोल रूम पर पुलिस की भी मदद ली जा सकेगी।

