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मध्यप्रदेश से 6 साल, 2.7 लाख महिलाएं-लड़कियां लापता, 50 हजार का सुराग नहीं…

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मध्य प्रदेश में पिछले 6 सालों में 2.7 लाख से अधिक महिलाएं और बालिकाएं लापता हुई हैं, जिनमें से 50,000 से ज्यादा का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस गंभीर मुद्दे पर राज्य में राजनीतिक घमासान तेज है. कांग्रेस ने बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए SIT जांच की मांग की है. जबकि सरकार इसे राजनीतिक स्टंट बता रही है.

6 साल, 2.7 लाख महिलाएं-लड़कियां लापता, 50 हजार का सुराग नहीं... मध्य प्रदेश से आए हैरान करने वाले आंकड़े

मध्य प्रदेश में 6 साल में 2.70 लाख से ज्यादा महिलाएं-बालिकाएं लापता हुई हैं. इसमें से 50 हजार से ज्यादा का अबतक सुराग नहीं लगा है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर राज्य में सियासत तेज है. कांग्रेस ने आशंका जताई है कि नाबालिग बच्चियों का इस्तेमाल एपस्टीन फाइल्स या उस तरह के कांड में तो नहीं किया गया? इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित हो. वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि सुर्खियों में आने के लिए कांग्रेस कुछ भी ना बोले.

2020 से 28 जनवरी 2026 तक के आंकड़े
महिलाएं लापता2,06,507
बरामद महिलाएं1,58,523
अब तक पता नहीं47,984
बालिकाएं लापता63,793
बरामद बालिकाएं61,607
अब भी लापता2,186

साल-दर-साल बढ़ते मामले

भूरिया का आरोप

कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने इन आंकड़ों को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही. अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है. उन्होंने विशेष मॉनिटरिंग तंत्र और जिला स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की.

कांग्रेस विधायक ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में नाबालिग बच्चियों का शोषण हुआ. यहां भी हज़ारों लड़कियों का कोई अता पता नहीं. इसके लिए सरकार को SIT गठित करने की ज़रूरत है.

सुर्खियों में आने के लिए कांग्रेस स्टंटबाजी कर रही

मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोप पर कहा, अखबारों और मीडिया चैनलों पर आने के लिए कांग्रेस स्टंटबाजी कर रही है. बच्चियों को ऑपरेशन मुस्कान के तहत सकुशल बरामद भी किया गया है. हमारा अभियान लगातार जारी है.

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