कई अरब देश भुखमरी की समस्या से जूझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम का अनुमान है कि लगभग 96 करोड़ लोगों के स्वस्थ रहने के लिए जरूरी पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता है। इनमें से करीब छह करोड़ 40 लाख लोग 12 अरब देशों में हैं। सबसे अधिक गंभीर समस्या युद्धग्रस्त सीरिया और यमन में है। यहां लगभग आधी आबादी भूख से पीड़ित है।
सीरिया में रोटी, चावल, दाल, तेल और शक्कर के मूल्य पिछले साल के मुकाबले फरवरी में 222% बढ़ गए थे। खाने की इन जरूरी चीजों का मूल्य औसत सरकारी कामगार के मासिक वेतन से दोगुना अधिक है। संयुक्त राष्ट्र ने यमन में अकाल की चेतावनी दी है। युद्ध से पहले सीरिया में अपनी जरूरत से अधिक गेहूं पैदा होता था। हमबोल्ड यूनिवर्सिटी, बर्लिन की स्टडी के अनुसार 2010 से 2018 के बीच सीरिया में खेती के लायक जमीन में 9 लाख 43 हजार हेक्टेयर की कमी आई है। अन्य देश भी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। लेबनान में पिछले साल फूड के मूल्य 417% बढ़े हैं। मिस्र में चावल की कीमत पिछले कई वर्षों में इस समय सबसे अधिक है।

