सोमवार को मालवा-निमाड़ की आठ लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। सभी पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक हो सकते हैं। प्रदेश की कुल मुस्लिम आबादी का 72 प्रतिशत इन आठ संसदीय क्षेत्रों में रहता है। इस लिहाज से ये मतदाता बेहद अहम हैं।
ये कहा जाए कई प्रत्याशियों की जीत-हार का फैसला ये वर्ग करेगा तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जिन पर जीत या हार का फैसला इसी समुदाय की सहभागिता से होना है। सोमवार को जिन आठ सीटों पर मतदान होना है उनमें इंदौर, देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, खरगोन और खंडवा शामिल हैं। उज्जैन, धार, खंडवा, रतलाम और खरगोन लोकसभा सीट ऐसी हैं, जिनमें कुछ विधानसभा सीटों पर मुस्लिम अच्छी संख्या में हैं। देवास और मंदसौर लोकसभा सीट पर भी मुस्लिम वोटर अच्छी तादाद में हैं।
क्या है मुस्लिम मतदाताओं का गणित
प्रदेश की आबादी 8.77 करोड़ है, जिसका 6.57 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जो लगभग 60 लाख है। इनमें करीब 50 लाख मतदाता हैं। मप्र में 230 विधानसभा में से करीब 45 ऐसी हैं, जहां 20 हजार से अधिक (करीब 10 प्रतिशत) मुस्लिम मतदाता हैं। 70 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां 57 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। सीटें आरक्षित होने के बाद भी वे जीत-हार में निर्णायक भूमिका में होते हैं। जैसे निमाड़-मालवा के आरक्षित क्षेत्र, जहां 1000 या 2000 से हार-जीत होती है। यहां इस वर्ग ने कांग्रेस की जीत को हमेशा मजबूती प्रदान की है।
मुस्लिम प्रभाव वाली इन 33 सीटों पर मुस्लिम वोट लगभग 15 लाख हैं, जो कुल वोट का 1 से 2 प्रतिशत होते हुए भी सरकार बनाने या बिगाड़ते हैं।
इंदौर में प्रभाव का गणित अलग
अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस मतदाताओं से नोटा दबाने की अपील कर रही है। मुस्लिमों को कांग्रेस का वोटबैंक माना जाता है। ये मतदाता किधर वोट डालेंगे, ये देखना दिलचस्प होगा। धार में कमाल मौला बनाम भोजशाला विवाद के बाद मुस्लिम मतदाता कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम मुवेल के पक्ष में जाएगा, संदेह नहीं है। खंडवा सीट में बुरहानपुर, खंडवा में बड़ी मुस्लिम आबादी है जो भाजपा के मुकाबले कांग्रेस को मजबूत बनाती है। खरगोन में सहकारिता नेता स्व. सुभाष यादव और उनके पुत्रों पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और विधायक सचिन यादव की बेहतर पकड़ भी भाजपा को कमजोर कर सकती है।
उज्जैन लोकसभा क्षेत्र में कुछ सीटों पर मुस्लिम अच्छी संख्या में हैं लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह क्षेत्र की इस सीट पर महाकाल लोक ने भाजपा को मजबूत किया है। यहां के लोगों के मन में ये भाव भी है कि उनके विधायक को भाजपा ने मुख्यमंत्री बनाया है जिसका कर्ज उतारना है। देवास, रतलाम, मंदसौर और खरगोन लोकसभा में अलग-अलग सियासी समीकरण काम कर रहे हैं।
70 से 72 प्रतिशत इंदौर-उज्जैन संभाग में
प्रदेश के करीब 50 लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाताओं के करीब 70 से 72 प्रतिशत वोट इंदौर और उज्जैन संभाग में है। इंदौर संभाग की इंदौर-1 और 5, महू, राऊ, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर तथा उज्जैन संभाग की उज्जैन उत्तर, मंदसौर, नीमच रतलाम, जावरा, शाजापुर, शुजालपुर, आगर मालवा आदि विधानसभा मुस्लिम प्रभाव वाली सीटों में शामिल हैं।

