भारी भीड़ से टूटी रेलिंग, मृतकों में ज्यादातर महिलाएं
घटना के संबंध में प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एकादशी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे थे, तभी अचानक रेलिंग गिरने से अफरातफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए। ऐसे में भगदढ़ मच गई और कई लोग गिरने और पैरों के नीचे आने से गंभीर रुप से घायल हो गए। प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि इस दर्दनाक हादसे में करीब 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में मची भगदड़ में कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सीएम नायडू ने जताया शोक
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल राहत कार्य तेज करने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। राज्य के कृषि मंत्री के. अत्चान्नाडू भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं।
उत्तर का तिरुपति कहते हैं लोग
काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर आंध्र प्रदेश का एक प्रसिद्ध और प्राचीन तीर्थ स्थल है। इसे “उत्तर का तिरुपति” भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी पूजा-पद्धति और वास्तुशैली प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर से मिलती-जुलती है। माना जाता है कि यह मंदिर 11वीं–12वीं सदी में चोल और चालुक्य शासनकाल के दौरान बनाया गया था। यहां भगवान वेंकटेश्वर (श्री विष्णु) की पूजा श्रीनिवास, बालाजी और गोविंदा नामों से की जाती है।
सीएम का बड़ा बयान
घटना को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की समीक्षा करने को भी कहा है। फिलहाल हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि भीड़ नियंत्रण में लापरवाही कहां हुई।

