एस पी मित्तल,अजमेर
18 नवंबर को दोपहर को जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकारी आवास पर राजस्थान के कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी और निगम बोर्डों के अध्यक्ष भी शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस के अधिकांश विधायक उपस्थित रहे, लेकिन पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट नहीं देखे गए। जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट को 19 नवंबर को राहुल गांधी से मुलाकात करनी है,इसलिए वे 18 नवंबर को ही महाराष्ट्र पहुंच रहे हैं। 18 नवंबर वाली बैठक में गहलोत सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक भी शामिल हुए। हालांकि बैठक का मकसद राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा की तैयारियों का रहा, लेकिन इस बैठक में गत 25 सितंबर का विवाद ही छाया रहा। 18 नवंबर को विधायकों की बैठक कर सीएम गहलोत ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि उनके चाहने पर विधायकों की बैठक हो सकती है। यदि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उनकी मर्जी के बिना बैठक बुलाएगा तो कोई भी विधायक नहीं आएगा। उल्लेखनीय है कि 25 सितंबर को केंद्रीय पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खडग़े और राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन को जयपुर भेज कर कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन तब सीएम गहलोत नहीं चाहते थे कि बैठक हो, इसीलिए कांग्रेस के 90 विधायक मंत्री शांति धारीवाल के घर एकत्रित हुए और गहलोत के समर्थन में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को इस्तीफों का समूहिक पत्र सौंप दिया। 25 सितंबर की इस घटना के बाद 18 नवंबर को यह पहला अवसर रहा,जब विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों और विधायकों को लंच भी करवाया गया। बैठक की सूचना विधायकों को 17 नवंबर को रात को ही दी गई, इसलिए कई विधायक और मंत्री बैठक में नहीं पहुंच सके। इसकी भरपाई निर्दलीय विधायकों ने की। राहुल गांधी की यात्रा की तैयारियों के लिए निर्दलीय विधायकों की भी राय ली गई। इस बैठक के माध्यम से माहौल सुधारने का प्रयास भी किया गया। हालांकि सीएम गहलोत के चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन राजनीतिक तनाव भी साफ झलक रहा था। भले ही गहलोत अगले बजट के लिए प्रदेशवासियों से सुझाव मांग रहे हों, लेकिन सचिन पायलट के समर्थक विधायकों का मानना है कि 2022 के अंत तक मुख्यमंत्री का बदलाव हो जाएगा। जानकार सूत्रों के अनुसार सीएम गहलोत का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। 19 नवंबर को पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की जयंती पर होने वाले समारोह में सीएम गहलोत भी भाग लेंगे। दिल्ली दौरे में गहलोत कांग्रेस के पदाधिकारियों से भी मिलेंगे। अजय माकन द्वारा राजस्थान का प्रभार छोड़ने के मद्देनजर भी गहलोत दिल्ली दौरान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गहलोत की कार्यशैली से खफा होकर ही माकन ने प्रभारी के पद से इस्तीफा दिया है। राजस्थान में राहुल गांधी की यात्रा में भी अजय माकन की कोई भूमि नहीं होगी। 3 दिसंबर से होने वाली राहुल गांधी की यात्रा की पूरी जिम्मेदारी अब अशोक गहलोत पर आ गई है।





