Site icon अग्नि आलोक

दिल्ली के इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विशालकाय प्रतिमा लगेगी।

Share

एस पी मित्तल, अजमेर
21 जनवरी को दिल्ली में इंडिया गेट पर लगातार प्रज्वलित होने वाली ज्योति का विलय नेशनल वॉर मेमोरियल की ज्योति में कर दिया गया। यानी अब इंडिया गेट के नीचे ज्योति प्रज्ज्वलित नजर नहीं आएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि इंडिया गेट पर अब नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाई जाएगी। प्रतिमा का होलोग्राम 23 जनवरी को लगाया जाएगा। नेता जी की प्रतिमा जब तक तैयार होगी, तब तक होलोग्राम इंडिया गेट पर देखने को मिलेगा। दिल्ली देश की राजधानी है और 21 जनवरी 2022 का दिन दिल्ली के लिए ऐतिहासिक माना जाएगा, जो इंडिया गेट पर्यटकों को आकर्षित करता है, उस पर देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा होगी। इंडिया गेट को अमर जवान ज्योति के रूप में भी जाना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटिश सेना के रूप में जिन भारतीय जवानों को शहादत मिली उनके नाम इंडिया गेट पर लिखे गए हैं। इसी प्रकार 1971 में पाकिस्तान से युद्ध के दौरान शहीद हुए कुछ जवानों के नाम भी भी अंकित हैं। लेकिन स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण शहीद जवानों के नाम इंडिया गेट पर नहीं लिखे जा सके। दो वर्ष पहले नेशनल वॉर मेमोरियल की शुरुआत की गई और तभी से सभी शहीदों के नाम एक साथ लिखे जा रहे हैं। परंपरा है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड से पहले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री आदि अतिविशिष्ट व्यक्ति इंडिया गेट पर पहुंचकर अमर जवान ज्योति के समक्ष शहीदों को नमन करते हैं, लेकिन आगामी 26 जनवरी को यह परंपरा नेशनल वॉर मेमोरियल के परिसर में निभाई जाएग। इंडिया गेट की ज्योति का विलय नेशनल वॉर मेमोरियल की ज्योति में हो गया है। 

Exit mobile version