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मध्‍य प्रदेश में चोरी हो गया एक खेल मैदान और 2 शासकीय भवन

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एमपी को अजब यूं ही नहीं कहा गया है. हम आपको खंडवा में अजब एमपी की गजब कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल पूरा जो मामला है वह जब आप सुनेंगे तो आप भी हैरान रह जाएंगे. पूरा मामला लाखों रुपये के एक खेल मैदान चोरी होने का है, जिसकी शिकायत पंधाना विधायक राम दांगोरे के साथ-साथ खंडवा और मांधाता विधायक ने भी जिला प्रशासन से की है. क्या है पूरा मामला आप भी देखिए ये रिपोर्ट?

एमपी को यूं ही अजब नहीं कहा जाता है. हम जो आपको दिखाने जा रहे हैं. उसे देखने के बाद आप भी कहेंगे की वाकई एमपी अजब ही नहीं गजब भी है. पंधाना विधायक राम दांगोरे ने जिला प्रशासन से अपने विधानसभा क्षेत्र में 10 लाख की लागत से बने एक खेल मैदान और दो शासकीय भवनों की चोरी होने की शिकायत की है.एमपी को यूं ही अजब नहीं कहा जाता है. हम जो आपको दिखाने जा रहे हैं. उसे देखने के बाद आप भी कहेंगे की वाकई एमपी अजब ही नहीं गजब भी है. पंधाना विधायक राम दांगोरे ने जिला प्रशासन से अपने विधानसभा क्षेत्र में 10 लाख की लागत से बने एक खेल मैदान और दो शासकीय भवनों की चोरी होने की शिकायत की. खेल मैदान और भवनों की चोरी…चौक गए न आप. आप सोच रहे होंगे कि भला भवनों और मैदान की भी कहीं चोरी होती है क्या? लेकिन ऐसा हुआ है वो भी अपने खंडवा जिले में.

इसकी एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन विधायकों ने खंडवा जिला प्रशासन से की है. पंधाना विधायक का साथ देने खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा और मांधाता विधायक नारायण पटेल भी आगे आ गए. खंडवा कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले में जांच करने की मांग की. फिर क्या था कलेक्टर ने ताबड़तोड़ खंडवा एसडीएम को जांच के आदेश दिए.

दरअसल जहां कभी खेल मैदान और दो विश्राम भवन थे अब वहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं. एक खनिज व्यापारी राकेश बंसल ने खंडवा प्रशासन से ही दस्तावेज में हेर-फेर कर यहां पर क्रेशर मशीन डाल कर जबरदस्त तरीके से उत्खनन शुरू कर दिया. यहां 70 फीट से भी ज्यादा खुदाई कर खेल मैदान और भवनों को नष्ट कर दिया गया है. इसी मुद्दे को खंडवा के तीनों विधायकों ने मिलकर जिला प्रशासन से दूध का दूध और पानी का पानी करने की मांग की है. खंडवा एसडीएम ने भी तहसीलदार और राजस्व की टीम को मौके पर भेजकर जमीन का सीमांकन और उसकी जांच शुरू कर दी है.बहरहाल विधायक जी के विधानसभा क्षेत्र से चोरी हुई खेल मैदान और विश्राम भवन का राज इन्ही 70 फिट गहरे जमीन के नीचे दबा है, लेकिन यब तो साफ है की त्रिमूर्ति विधायक की इस तिकड़ी ने प्रशासनिक तिकड़म के खेल में जो सेंध लगाई है उसकी गूंज विधानसभा तक उठना तय है.

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