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*आम आदमी पार्टी ने गुजरात में BJP तो पंजाब में कांग्रेस की बढ़ाई टेंशन*

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 दिल्ली में हार के सदमे के बाद आम आदमी पार्टी को कमजोर आंका जा रहा था लेकिन पार्टी ने सत्तारूढ़ पंजाब में जिस तरह से जीत दर्ज की है, उसने कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है। वहीं, गुजरात में भी विसावदर सीट पर आम आदमी पार्टी ने परचम लहराकर भगवा दल की मुसीबत बढ़ाने का काम किया है। कहा जाए तो इन दोनों सीटों पर जीत आम आदमी पार्टी के लिए संजीवनी मानी जा रही है जो कि आगे के चुनाव में एनर्जी देने का काम करेगी।

बता दें कि दिल्ली में हार के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति अब लगभग खत्म हो गई है लेकिन जिस तरह से उनकी पार्टी ने कमबैक किया है, वह कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए चुनौती है। दिल्ली की हार के बाद भाजपा के गढ़ गुजरात में आम आदमी पार्टी का सीट निकालना बहुत ही अधिक चौंकाने वाला है। इस जीत से कहा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी कहीं न कहीं ग्राउंड पर साइलेंट मोड में काम कर रही थी।

पंजाब की लुधियाना की वेस्ट विधानसभा में AAP की जीत
बता दें कि पंजाब में लुधियाना की वेस्ट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 10637 वोटों से हराया।

गुजरात की विसावदर सीट पर भी आम आदमी पार्टी ने लहराया परचम
गुजरात की विसावदर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 75942 वोट मिले। उन्होंने बीजेपी के किरीट पटेल को 17554 वोट से हराया। हालांकि, गुजरात की कडी सीट पर बीजेपी के राजेंद्र चावड़ा ने 39452 वोट से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के के रमेश चावड़ा को हराया जिन्हें टोटल 60290 वोट मिले।

अरविंद केजरीवाल ने BJP और कांग्रेस पर साधा निशाना
इस जीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है और उन्होंने लिखा कि गुजरात की विसावदर और पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीटों पर आम आदमी पार्टी की शानदार जीत पर आप सबको बहुत बहुत बधाई। गुजरात और पंजाब के लोगों को बहुत बधाई और बहुत बहुत शुक्रिया। दोनों जगह पिछले चुनाव के मुकाबले लगभग दोगुने मार्जिन से जीत हुई है।

ये दिखाता है कि पंजाब के लोग हमारी सरकार के कामों से बहुत ख़ुश हैं और उन्होंने 2022 से भी ज्यादा वोट दिया है। गुजरात की जनता अब बीजेपी से परेशान हो चुकी है और उन्हें आम आदमी पार्टी में उम्मीद दिखाई दे रही है। दोनों जगह कांग्रेस और बीजेपी, दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ीं। इन दोनों का एक ही मकसद था -“आप” को हराना। लेकिन लोगों ने दोनों जगह इन दोनों पार्टियों को नकार दिया।

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