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एसीबी की नजर अब मंथली वसूलने वाले विभागों पर

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वर्ष 2021 में भ्रष्टाचार के 501 प्रकरण दर्ज किए। इनमें से 90 प्रतिशत मामलों में राज्य सरकार से अभियोजन की स्वीकृति मिल गई।==========
एस पी मित्तल, अजमेर 

5 जनवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ( एसीबी) के महानिदेशक बीएल सोनी और अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एनएम  ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दोनों अधिकारियों ने वर्ष 2021 के एसीबी के कार्यों के बारे में जानकारी उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में एसीबी के निशाने पर मंथली वसूलने वाले विभाग और उनके कार्मिक रहेंगे। हालांकि शिकायत मिलने पर एक अधिकारी को भी गिरफ्त में लिया जाता है, लेकिन जिन विभागों में प्रतिमाह रिश्वत लेने की शिकायतें हैं, उन पर नए वर्ष में एसीबी गंभीरता के साथ काम करेगी।

सामूहिक रिश्वतखोरी समाज के लिए ज्यादा घातक है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भी रिश्वत लेने की जानकारी है, वे एसीबी के वाट्सएप नंबर 9413502834 व स्पेशल नंबर 1064 पर निर्भय होकर सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास एसीबी के अधिकारियों की रिश्वत खोरी की भी शिकायत है तो वह बता सकता है। वर्ष 2021 में हमने डीएसपी स्तर के अपने ही एक अधिकारी को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि हम एसीबी की आंतरिक स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखते हैं। प्रदेश भर में एसीबी लायक 240 अधिकारियों का चयन किया गया जिन्हें एसीबी में नियुक्ति दी गई। एसीबी की स्थिति को और प्रभावी बनाने के लिए 90 कार्मिकों को एसीबी से स्थानांतरित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो ट्रालरेंट नीति के अनुरूप एसीबी काम कर रही है। वर्ष 2021 में भ्रष्टाचार के 501 प्रकरण दर्ज किए गए, इनमें से 90 प्रतिशत मामलों में सरकार ने अभियोजन की स्वीकृति दी है। भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए राज्य सरकार ने एसीबी को रिवाल्विंग फंड भी दिया है। कई बार पीडि़त व्यक्ति रिश्वत की राशि का इंजाम नहीं कर पाता है। ऐसे व्यक्ति को अब एसीबी अपनी तरफ से राशि उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी गाडी कमाई भ्रष्टाचारियों पर नहीं लूटानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का काम नियम कायदों के तहत है तो उसे अपना काम हर हालत में करवाना चाहिए। ऐसे मामलों में एसीबी भी मदद के लिए तत्पर रहती है। एसीबी ने राजस्थान के 51 गांवों का चयन किया है। इन गांवों में लोगों को रिश्वत न देने की शपथ दिलवाई जाएगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर ग्रामीण को मिले। इसके लिए इन गांवों में कैंप लगाए जाएंगे। सरकार भी चाहती है कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को मिले। सरकार की इस मंशा को पूरा करने में अब एसीबी भी भागीदारी निभाएगी। 

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