मुंबई. केंद्रीय मंत्री नारायण राणे द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ‘थप्पड़ मारने की धमकी’ के बाद गिरफ्तारी हो गई. इसके बाद मंगलवार शाम उन्हें जमानत भी मिल गई है लेकिन इस गिरफ्तारी की वजह से वो उन केंद्रीय नेताओं की श्रेणी में शामिल हो गए हैं जिन पर राज्य पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई. राणे से पहले मुरासोली मारन और टीआर बालू पर भी केंद्रीय मंत्री रहते हुए कार्रवाई हुई थी.
साल 2001 में मारन और बालू को चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इन नेताओं के साथ राज्य के दिग्गज नेता एम. करुणानिधि की भी गिरफ्तारी हुई थी. ये गिरफ्तारियां एक फ्लाईओवर के निर्माण में 12 करोड़ रुपये के घोटाले के संदर्भ में हुई थीं. उस वक्त केंद्रीय मंत्री रहे मारन को पुलिस से झड़प की वजह से हल्की चोटें भी आई थीं.
इससे पहले नारायण राणे को मंगलवार रात रायगढ़ जिले में महाड की एक अदालत ने जमानत दे दी. भाजपा नेता राणे के वकील अनिकेत निकम ने आरोप लगाया कि पुलिस राणे को गिरफ्तार करने से पहले कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही और वह उनकी गिरफ्तारी का विरोध करेंगे.विज्ञापन
महाराष्ट्र सरकार के सूत्रों का क्या कहना है
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार के सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज 18 से खास बातचीत में बताया, ‘विचार यह संदेश देना था कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. राणे को जमानत मिलने में कोई समस्या नहीं है और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मामलों को आगे बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है. सूत्रों ने कहा, ‘संदेश स्पष्ट और साफ है, अपमानजनक बयान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पद की गरिमा को बनाए रखा जाना चाहिए.’
चार एफआईआर दर्ज की गई हैं
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री राणे की टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में उनके खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. उन्हें रत्नागिरि पुलिस ने मंगलवार को दोपहर बाद गिरफ्तार किया था और फिर उन्हें महाड ले जाया गया. महाड में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 189 (लोकसेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने) और धारा 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 505 (सार्वजनिक तौर पर शरारत से संबंधित बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया.

